प्रकृति की गोद में मसूरी


बेहाल कर देने वाली गर्मी से दूर प्रकृति की गोद में कुछ पल सुकून के बिताने की चाहत रखने वालों के लिए मसूरी एक आइडिल हिल स्‍टेशन है। नजदीक होने की वजह से दिल्‍ली वाले अक्‍सर गर्मियों की छुट्टियों में यहां आकर समय बिताते हैं1 मसूरी के बारे में कहा जाता है कि यहां पुराने डाक बंगले और प्राचीन मंदिर बहुसंख्‍या में हैं। गढ़वाल पर्वत श्रृंखला पर समुद्र तल से 2500 मीटर की ऊंचाई पर स्थित मसूरी हनीमून कपल्‍स के लिए वाकई किसी स्‍वर्ग से कम नहीं।
ऐतिहासिक पृष्‍ठभूमि
माना जाता है कि इस जगह का  नाम यहां बड़ी तादाद में उगने वाली मसूर दाल पर पड़ा। सन् 1820 में कैप्‍टन यंग नाम के एक अंग्रेज ने इस स्‍थान के प्राकृतिक सौन्‍दर्य से मुग्‍त हो यहां अपना बंगला बनवाया था जिसके बाद यह एक हिल स्‍टेशन के तौर पर विकसित हुआ।
मुख्‍य आकर्षण
कैम्‍पटी फॉल
ऊंचे पहाड़ों से गिरता यह जलप्रपात इस वादी का वास व्‍यू प्‍वाइंट है। यहां गर्मियों में, क्‍या बच्‍चे और क्‍या जवान सभी ठंडे पानी की बौछारों का जमकर लुत्‍फ उठाते हैं। यह जगह मसूरी से 15 किमी दूर स्थित है।
गन हिल
मसूरी की दूसरी सबसे ऊंची चोटी तक का सफर आप रोप वे के जरिए कर सकते हैं। 20 मिनट का यह रोमांचकारी सफर यकीनन आप जिंदगी भर नहीं भूलेंगी। यहां से आप विभिन्‍न हिमालय श्रृंखलाएं जैसे बंदरपुंछ, श्रीकंठ, पीथवारा व गंगोत्री ग्रुप के अनुपम सौंदर्य को भी जी भरकर निहार सकती है।समूचा मसूरी शहर यहां से आप को नजर आएगा।
नाग देवता का मंदिर
मसूरी से करीब 6 किमी दूरी पर स्थित यह प्राचीन मंदिर दर्शनीय है। यहां से आप दून वादी की मनमोहक खूबसूरती को कैमरे में बखूबी कैद कर सकते हैं।

क्‍लाउड्स एंड
सन् 1838 में एक ब्रिटिश मेजर द्वारा बनवाया गया यह पुराना बंगला अब होटल में परिवतर्ति हो चुका है। चारों तरफ घने जंगलों से घिरे इस बंगले से बर्फ की चादर ओढ़े हिमालय पर्वतमाला व यमुना नदी का मनोरम दृश्‍य आपको दिखाई देगा
धनोल्‍टी
टिहरी सड़क पर स्थित धनोल्‍टी एक शांत सी जगह है। यह जगह ऊंचे-ऊंचे देवदार वृक्षों व खूबसूरत फलों के बगीचों के कारण प्रसिद्ध है। शहर की भीड़ से दूर यहां के टूरिस्‍ट बंगले में समय बिताना अपने-आप में एक अलग तरह का अनुभव होगा। आप चाहें तो मसूरी के फॉरेस्‍ट रेस्‍ट हाउस में अपना समय बिता सकती है।
इनके अतिरिक्‍त यमुना ब्रिज, चंबा, लखा मंडल व सुरखंडा देवी यहां के कुछ अन्‍य दर्शनीय स्‍थल हैं। अप्रैल के महीने में मसूरी आने पर लक्ष्‍मण सिद्ध मेला घूमना न भूलें। यकीनन यह आपको लंबे समय तक याद रहेगा

शॉपिंग
यहां आप गांधी चौक, कुलरी बाजार व लैन्‍डयोर बाजार से छडि़या, हाथ के बुने आकर्षक डिजाइनों के स्‍वेटर व कार्डिगन खरीद सकते हैं। यहां आने पर ट्रेक हिमालयन ऑफिस के पास स्थित दुकानों से एंटिक सामान खरीदना न भूलिए। ब्रिटिश काल के फर्नीचर व अन्‍य दुर्लभ वस्‍तुएं यहां उचित दामों पर मिलती हैं।

कैसे पहुंचे
रेल – अगर आप चाहें तो दिल्‍ली से देहरादून के लिए ट्रेन से जा सकते हैं। निकटतम रेलवे स्‍टेशन देहरादून दिल्‍ली से मात्र 35 किमी दूर है। वैसे दिल्‍ली के अतिरिक्‍त सहारनपुर, वाराणसी, हावड़ा व अमृतसर से भी यहां के लिए ट्रेनें सुलभ हैं। आगे का सफर आप टैक्‍सी या बस द्वारा आसानी से तय कर सकते हैं।

हवाई यात्रा
दिल्‍ली से मसूरी जाने के लिए आपको जॉली ग्रांट एयरपोर्ट तक फ्लाइट लेनी होगी। यह मसूरी का निकटतम हवाई अड्डा है मसूरी से 60 किमी दूर।

कब जाएं
सर्दियों के कुछ महीने छोड़कर आप साल में कभी भी मसूरी घूमने का आनंद उठा सकते हैं। पर घूमने का सही मौसम अप्रैल से जून के बीच है।

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