• आंध्रप्रदेश में भोगी के साथ शुरू हुआ संक्रांति का उत्सव
  •  संक्रांति आंध्र प्रदेश के लोगों के जीवन में खुशी और समृद्धि लेकर आएगी
  • यह अवसर प्रेम, स्नेह,और भाईचारे के महान विचार से प्रेरित करता है

अमरावती, 13 जनवरी (एजेंसी)। आंध्र प्रदेश में संक्रांति का उत्सव बुधवार को भोगी पर्व के साथ शुरू हुआ। भोगी एक त्यौहार है जो पुराने को त्यागने और नए को शामिल करने का पर्याय है। इसी के तहत इस दिन पुरानी लकड़ी को जलाकर नष्ट किया जाता है।आंध्र प्रदेश के राज्यपाल बिस्वा भूषण हरिचंदन और मुख्यमंत्री वाई.एस. जगनमोहन रेड्डी ने राज्य के लोगों के लिए भोगी के मौके पर शुभकामनाएं दीं। रेड्डी ने कहा, राज्य के सभी लोगों को भोगी की शुभकामनाएं। संक्रांति सम्मान का प्रतीक है, वो सम्मान जो लोग हमारी संस्कृति और परंपरा को देते हैं और गांवों से प्यार करते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि संक्रांति आंध्र प्रदेश के लोगों के जीवन में खुशी और समृद्धि लेकर आएगी।

वहीं राज्यपाल हरिचंदन ने कहा, जीवंत से भरपूर संक्रांति का उत्सव हमारी सदियों पुरानी परंपराओं और समाज के सभी वर्गों को एक साथ जोड़ने वाले गौरवशाली अतीत की यादों को सामने लाता है। यह शुभ अवसर हम सभी को प्रेम, स्नेह, सौहार्द और भाईचारे के महान विचार से प्रेरित करता है।गुंटूर, नरसरावपेटा, अनगुटुरु और राज्य भर के कई स्थानों पर महिलाओं-बच्चों समेत सभी लोगों ने भोगी पर्व धूमधाम से मनाया।विशाखापत्तनम के श्री शारदापीठम में आध्यात्मिक केंद्र के परिसर में भोगी अग्नि प्रज्जवलित की गई। वहां स्वरूपानंदेंद्र स्वामी ने प्रार्थनाएं और अनुष्ठान किए।

उन्होंने कहा, मैं चाहता हूं कि राज्य में कोरोनावायरस कमजोर पड़ जाए।संक्रांति मनाने वाले लोगों ने कम से कम 2 जगहों — पूर्वी गोदावरी जिले के अतिरेपुरम मंडल के थाटीपुड़ी गांव और भीमावरम के पास पश्चिम गोदावरी जिले के मंडलापरु गांव में मुर्गों की लड़ाई का आयोजन किया।

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