क्या एजेंट नियुक्त करने से पहले आप चेक करते हैं उसकी योग्यता

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वित्त जगत में विभिन्न तरह के एजेंट के बारे में आप अक्सर सुनते हैं। आप एजेंट के कार्यों के बारे में भी जानते हैं। लेकिन कभी इस बात पर ज्यादा गौर नहीं करते कि आखिर एजेंट बनने के लिए आवश्यक अहर्ताएं क्या होती है? एक एजेंट को किस तरह के शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करना होता है? क्या एजेंट बनना बहुत मुश्किल है या फिर यह बच्चों का खेल है एवं कोई भी आदमी एजेंट बन सकता है? इस लेख के माध्यम से हम एजेंट, सलाहकार, प्लानर आदि की आवश्यक योग्यताओं तथा उससे जुड़े अन्य जरूरी तथ्यों पर गौर कर रहे हैं-

बीमा एजेंट


बीमा एजेंट बनना कोई मुश्किल काम नहीं है। इसके लिए न्यूनतम योग्यता का कोई अंतिम पैमाना निर्धारित नहीं किया गया है। यहां भारतीय जीवन बीमा निगम का उदाहरण लें-एलआईसी ने 5000 की आबादी वाले गांवो के लिए 10 वीं एवं शहरी क्षेत्रों के 12वीं पास होना अनिवार्य किया है। जहां तक उम्र की  बात है तो इसके लिए भी कोई निश्चित पैमाना नहीं है मसलन बीमा एजेंट बनने के लिए एलाआईसी ने 18 वर्ष की न्यूनतम आयु अनिवार्य किया है। दूसरी बीमा कंपनियों में संभव है इसमें भिन्नता हो सकती है। बीमा एजेंट बनने के लिए इंश्योरेंस इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की परीक्षा पास करना आवश्यक है। आईआरडीए द्वारा अनुमोदित प्रशिक्षण केंद्र से 50 घंटे और संयुक्त बीमा (जीवन और साधारण) एजेंसी के मामले में 75 घंटे का व्यवहारिक प्रशिक्षण पूर्ण करना अनिवार्य है जो क्रमश: तीन सप्ताह से चार सप्ताह तक विस्तारित होता है। अगर आपने कुछ अतिरिक्त व्यावसायिक योग्यता प्राप्त की है तो क्रमश: दस और पच्चीस घंटे की छूट दी जा सकती है। विद्यमान एजेंट के लिए दूसरी बार नवीनीकरण के लिए क्रमश: पच्चीस और पच्चास घंटे का प्रशिक्षण पूर्ण करना आवश्यक होता है। आईआरडीए को लाईसेंस शुल्क के रूप में 250 रुपये देना होता है। बैंक ड्राफ्ट आवेदन फॉर्म के साथ रिपोर्टिंग कार्यालय के संबंधित व्यक्ति को प्रस्तुत करना होता है।

ऑनलाइन परीक्षा:अब तो बीमा एजेंट की परीक्षा ऑनलाइन तरीके से भी ली जाती है। लेकिन इसके लिए आपके पास मोबाइल फोन एवं ईमेल आईडी होना बेहद जरूरी है। ऑनलाइन संबंधी फर्जीवाड़े को रोकने के लिए अब परीक्षा एवं प्रशिक्षण के दौरान हर सत्र का अलग-अलग कोड आपके मोबाइल पर भेजा जाता है। एक आईडी से एक ही बार लॉग-इन किया जा सकता है। इसके अलावा अब तो ऑनलाइन तरीके से दस्तखत एवं फोटो का भी मिलान किया जाता है।

म्यूचुअल फंड एजेंट/डिस्ट्रीब्यूटर

म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में अधिकृत डिस्ट्रीब्यूटर बनने के लिए नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ सिक्युरिटीज मार्केट (एनआईएसएम) द्वारा आयोजित परीक्षा को पास करना जरूरी होता है। म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में अधिकृत डिस्ट्रीब्यूटर बनने के लिए नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ सिक्युरिटीज मार्केट द्वारा आयोजित परीक्षा में 50 फीसदी अंको से उत्तीर्ण होने के बाद उस सर्टिफिकेट को एम्फी के समक्ष प्रस्तुत करना होता है। वहां इसकी जांच के बाद आपको एक प्रमाण पत्र जारी किया जाता है। एम्फी ही आपको एआरएन नंबर भी देता है। एआरएन सर्टिफिकेट (एम्फी रजिस्ट्रेशन नंबर) के साथ मनोयन फॉर्म की एक कॉपी संबंधित म्यूचुअल फंड कार्यालय को भजी जाती है जहां अभ्यर्थी द्वारा परिचालन प्रस्तावित किया गया है।

उसके बाद म्यूचुअल फंड कंपनी संबंधित फॉर्म की समीक्षा करता है एवं हर तरह से संतुष्ट होकर प्रत्याशी (संभावित डिस्ट्रीब्यूटर) को मनोयन पत्र भेजता है। इतना ही नहीं प्रत्याशी को तमाम आवश्यक कागजातों (मसलन फॉर्म, फैक्टशीट, मार्केटिंग सामग्री) के साथ कोड नंबर भी भेजता है। इन प्रक्रियाओं को पूरी तरह से अंजाम देने के बाद कोई व्यक्ति किसी म्यूचुअल फंड कंपनी का पूर्ण रूप से  डिस्ट्रब्यूटर बन जाता है।

इन पर्सन वैरीफिकेशन: म्यूचुअल फंड में निवेश को ज्यादा सुरक्षित बनाने के मकसद से केवीईसी आवश्यकताओं के मद्देनजर इन पर्सन वैरिफिकेशन (आईपीवी) को भी अनिवार्य कर दिया गया है। इसके तहत निवेशक को फंड हाउस में जाकर अपना फिजिकल वैरिफिकेश कराना पड़ता है। हालांकि, इससे निवेशकों को काफी असुविधा का भी सामना करना पड़ता है। अजीबोगरीब रूप से इसे निवेशकों के लिए अनिवार्य किया गया है कि वे ही फंड हाउस में जाकर इन पर्सन वैरीफिकेशन कराएं। उसी तरह केवाईडी आवश्यकताओं के तहत डिस्ट्रीब्यूटर के लिए भी इन पर्सन वैरीफिकेशन (आईपीवी) अनिवार्य किया गया है।

उद्देश्य: डिस्ट्रीब्यूटर बनने के लिए आयोजित किए जाने वाले परीक्षा का मुख्य उद्देश्य एमएफ उत्पाद बेचने की चाह रखने वाले प्रत्येक व्यक्ति की विषय से संबंधित न्यूनतम जानकारी को जांचना होता है।

आवेदन की प्रक्रिया: एमएफ डिस्ट्रीब्यूटर बनने के लिए ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों तरीकों से आवेदन किया जा सकता है। सेबी के नियमों के अनुसार रिजस्ट्रेशन करने के 180 दिनों के भीतर परीक्षा लेना अनिवार्य होता है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन फॉर्म भरा जा सकता है।

रिकवरी एजेंट


सभी रिकवरी एजेंट के पास इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग एंड फायनेंस से द्वारा निर्गत प्रमाण पत्र रखना आवश्यक है। हालांकि  इस प्रमाण पत्र की प्राप्ति के लिए उन्हें संबंधित विभाग द्वारा ली गई परीक्षा को पास करना जरूरी होता है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने रिकवरी एजेंट की भर्ती के लिए परीक्षा आयोजित करने हेतु इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग फायनेंस (आईआईबीएफ) को अधिकृत किया है। रिकवरी एजेंट बनने के लिए इस संस्था से प्रमाण पत्र हासिल करना अनिवार्य है।

रिकवरी एजेंट बनना कोई बहुत मुश्किल काम नहीं है। नियमों के अनुसार इसके लिए विशेष शैक्षणिक योग्यता की भी जरूरत नहीं है। अलग-अलग एजेंसियों के लिए शैक्षणिक योग्यता का पैमाना अलग-अलग हो सकता है। हालांकि अभ्यर्थी का हाई स्कूल पास होना आवश्यक माना जाता है परंतु यदि वह स्नातक है तो बेहतर ही है। हालांकि आजकल इस क्षेत्र मे भी प्रतियोगिता काफी बढ़ गई है एवं रिकवरी एजेंट रखने वाली एजेंसियां वैसे अभ्यर्थियों को ज्यादा तरजीह देती हैं जिनके पास कस्टमर केयर सर्विस का पूर्व अनुभव हो। इसके बाद रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के निर्देशों के अनुसार प्रत्येक एजेंट का सेवा शुरू करने से पहले पर्याप्त प्रशिक्षण लेना अनिवार्य होता है।  रिकवरी एजेंट को कम से कम 100 घंटे की ट्रेनिंग अनिवार्य की गई है। कैनरा बैंक के वरिष्ठ प्रबंधक अजय कुमार वर्मा का कहना है कि आजकल बैंक रिकवरी एजेंसियों की सेवाएं लेते हैं इसलिए उन्हें ट्रेनिंग देने की जिम्मेदारी भी उन्ही ंको पूरा करना होता है। हालांकि बैंक उन्हें अनुबंधित करने से पहले प्रशिक्षण प्रमाण पत्र अवश्य देखते हैं।

सर्टिफायड फायनेंसियल प्लानर

हर किसी को इस बात की इच्छा होती है कि बेहतर एवं सुनयोजित निवेश से उसके धन में बढ़ोतरी हो। कुछ लोग स्वयं ही निवेश की योजना को तैयार करते हैं परंतु हमारे आस-पास काफी लोग ऐसे हैं जिनके पास निवेश करने एवं इससे जुड़ी बारीकियों पर नजर रखने का वक्त नहीं है। ऐसे में एक सर्टिफायड फायनेंसिल प्लानर ऐसे लोगों के निवेश पर नजर रखता है। हालांकि एक सर्टिफायड प्लानर बनने के लिए आपको संबंधित क्षेत्र का आवश्यक प्रमाण पत्र लेना होता है। दरअसल सर्टिफायड फायनेंसियल प्लानिंग कोर्स अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार्य है। इसे करीब 20 से ज्यादा देशों में मान्यता दी गई है। जहां तक भारत का सवाल है तो भारत में फायनेंसियल प्लानिंग स्टैंडर्ड बोर्ड इंडिया (एफपीएसबी), फायनेंसियल प्लानिंग क्वालिफिकेशन को प्रमाणित करता है। इस कोर्स में तमाम तरह के विषयों मसलन इंवेस्टमेंट, इस्टेट प्लानिंग, इंश्योरेंस, टैक्सेशन एवं रिटायरमेंट प्लानिंग आदि को कवर किया जाता है। एक बार जब आप इस प्रमाण पत्र को हासिल कर लेते हैं फिर आप सभी तरह के वित्तीय सलाह एवं सेवाएं प्रदान करने के योग्य हो जाते हैं। सिर्टफायड फायनेंसियल प्लानर (सीएफपी) को वित्तीय क्षेत्र में निवेश की सलाह देने वाले अन्य प्रोफेशनल्स से ज्यादा तरजीह दी जाती है।


पोस्ट ऑफिस एजेंट

पोस्ट ऑफिस एजेंट बनने के लिए किसी खास शैक्षणिक योग्यता की जरूरत नहीं है। हालांकि इन दिनों उत्पादों की जानकारी सही तरीके से देने पर जोर दिया जा रहा है। इसके बाबत यदि अभ्यर्थी के पास दसवीं, 12 वीं या स्नातक की डिग्री है तो यह सही माना जाता है। यदि आप एजेंट बनना चाहता है तो अपने पास को पोस्ट ऑफिस में जाकर पोस्ट मास्टर से मिलें। वहां अपनी इच्छा जाहिर करें। पोस्ट मास्टर आपसे आपके आवास की जानकारी मांगेगा। संभव है कि आपको प्रमाण पत्र की कॉपी जमा करना पड़े। वहां आपको एक फॉर्म भरना  पड़ेगा जिसमें आपसे व्यवसाय, निवास स्थान एवं शिक्षा आदि के संबंध में जानकारी मांगा जाएगा। उसके बाद आपको प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाएगा। पोस्टल डिपार्टमेंट के एक वरिष्ठ अधिकारी अरशद खान का कहना है कि पोस्ट ऑफिस एजेंट बनने के लिए विभाग इन दिनों कई तरह के प्रोत्साहन अभियान चला रहा है। उन्हें बेहतर प्रशिक्षण एवं अन्य सुविधाएं भी देने की तैयारी की जा रही है ताकि एजेंटों की संख्या को बढ़ाई जा सके। प्रत्येक इच्छुक व्यक्ति को अपने नजदीकी डाकघर में पोस्ट मास्टर से मिलना चाहिए। वहां ज्यादा कागजाती झमेले में नहीं डाला जाता एवं विभाग से जोडऩे में मदद की जाती है।

 

 

 

 

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Title: do you check your agent qualification in Hindi  | In Category: अर्थ जगत arth jagat

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