• कोविड-19 को लेकर उच्च जोखिम वाले देशों की सूची में बदलाव किया 
  • नई सूची से कई देशों को हटाया गया
  • दक्षिण अफ्रीका के गृह मंत्रालय ने 19 अक्टूबर को अपनी नई सूची जारी की

जोहानिसबर्ग। दक्षिण अफ्रीका ने कोविड-19 को लेकर उच्च जोखिम वाले देशों की सूची में बदलाव किया है। नई सूची से कई देशों को हटाया गया है, लेकिन भारत अभी भी इस सूची में बना हुआ है। इसके कारण भारत से दक्षिण अफ्रीका जाने वाले लोगों पर यात्रा संबंधी पाबंदियां अभी भी लागू रहेंगी।

दक्षिण अफ्रीका के गृह मंत्रालय ने 19 अक्टूबर को अपनी नई सूची जारी की। इसमें 22 देश शामिल हैं। उच्च जोखिम वाले देशों में दक्षिण अफ्रीका ने बांग्लादेश और जर्मनी को भी शामिल किया है। इससे पहले अक्टूबर के प्रारंभ में जारी सूची में 60 देशों के नाम थे।

मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘हम इस बारे में सतर्क रहना चाहते हैं कि कोरोना वायरस महामारी अभी भी हमारे बीच है और हमें अभी भी सावधानियां बरतते रहने की जरूरत है। उच्च जोखिम वाले देशों की सूची की समीक्षा इस प्रकार की गयी है कि जान बचाने तथा जीविका सुरक्षित रखने के बीच संतुलन बना रहे।’’

दक्षिण अफ्रीका में अभी पांच स्तरीय चरणबद्ध लॉकडाउन का पहला स्तर लागू है। नई सूची में यूरोपीय संघ के देशों बेल्जियम, इटली, नीदरलैंड, स्पेन और फ्रांस के साथ-साथ पेरू, मैक्सिको, कोलंबिया, अर्जेंटीना और चिली शामिल हैं। ये सभी देश संक्रमणों की एक नई लहर से जूझ रहे हैं और कई ने सख्त नियंत्रण उपायों को पुन: लागू किया है।

दक्षिण अफ्रीका की इस सूची में ब्रिक्स के ब्राजील और रूस भी शामिल हैं। सिर्फ चीन एक ऐसा साझेदार देश है, जो हर श्रेणी में यात्रियों को भेज सकता है। उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस महामारी की शुरुआत चीन से हुई है।

नई सूची में फिलीपींस, इंडोनेशिया, ईरान, इराक, अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा भी शामिल हैं। हालांकि इन देशों से यात्रा पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं है। उच्च जोखिम वाले देशों के लोग जो दक्षिण अफ्रीका की यात्रा कर सकते हैं, उनमें व्यवसायी, महत्वपूर्ण कौशल वीजा धारक, निवेशक और खेल, कला, संस्कृति व विज्ञान में अंतर्राष्ट्रीय मिशन के लोग शामिल हैं।

Read all Latest Post on खेल sports in Hindi at Khulasaa.in. Stay updated with us for Daily bollywood news, Interesting stories, Health Tips and Photo gallery in Hindi
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए khulasaa.in को फेसबुक और ट्विटर पर ज्वॉइन करें