शख्सियत

अब जवानों की जान की सलामती रोबट के हाथ में

भारतीय सैनिकों की बॉर्डर पर सुरक्षा के लिए 17 साल के एक लड़के, जो कि तालनगर जूनियर कॉलेज में 12वीं का छात्र है, ने ऐसा एक रोबाट बनाया है, जिसे इंसानी जवानों की बजाय बॉर्डर पर तैनात कर के देश के वीर सपूतों की जान सलामत रहेगी। ओडिशा के बालासोर जिले में रहने वाले नीलमादाब बेहरा ने दावा किया है कि उसका बनाया हुआ हॉर्मोनाइड रोबोट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के आधार पर सीमा की सुरक्षा करेगा। है।

नीलमादाब ने रोबोट का नाम एटम 3.7 रखा है । नीलमादाब के अनुसार रोबोट का रक्षा, ऑटोमैटिक स्टार्ट, मनोरंजन के क्षेत्र में, शिक्षा के क्षेत्र में, विनिर्माण उद्योग और घरेलू सेवाओं जैसे क्षेत्रों में इंसान की जगह कार्य कर सकता है | रोबोट को पूरा बनाने में लगभग एक वर्ष का समय तथा लगभग 4 लाख का खर्च आया था । एटम 3.7 की लंबाई 4.7 फुट और वजन 30 किलो है, जहाँ 14 सेंसर और पांच नियंत्रक लगे हुए है व बेसिक प्रोग्रामिंग के आधार पर यह काम करता है।


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Title: now the lives of the soldiers are in the hands of robot in Hindi  | In Category: शख्सियत personality

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