• आईसीडीआर (इश्यू ऑफ कैपिटल एंड डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स) में संशोधन करने का फैसला किया
  • यह कदम आसान, तेज और लागत प्रभावी मार्ग के माध्यम से फंड जुटाने के उद्देश्य से उठाया गया
  •  वे प्रस्तावित खुलासों के नये सेट के संदर्भ में सूचनाएं प्रदान करेंगे

नई दिल्ली। बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने फंड जुटाने को आसान, तेज और प्रभावी बनाने के लिये राइट इश्यू के पात्रता मानदंड और खुलासा आवश्यकताओं को बुधवार को तर्कसंगत बनाया।

नियामक ने एक बयान में कहा, सेबी ने आईसीडीआर (इश्यू ऑफ कैपिटल एंड डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स) में संशोधन करने का फैसला किया है। यह कदम आसान, तेज और लागत प्रभावी मार्ग के माध्यम से फंड जुटाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

नियामक ने कहा कि संशोधनों के तहत जारीकर्ता पहले की भांति पिछले तीन साल के बजाय पिछले एक साल के लिये टर्नकेटेड डिस्क्लोजर (पार्ट बी) करने का पात्र होगा, जहां वह आवधिक रिपोर्ट, विवरण, सूचीबद्धता नियमन के साथ सूचनाओं का अनुपालन किया करता है। अन्य सभी जारीकर्ता जो टर्नकेटेड डिस्क्लोजर की पात्रता शर्तों पर खरा नहीं उतरते हैं, वे प्रस्तावित खुलासों के नये सेट के संदर्भ में सूचनाएं प्रदान करेंगे।

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