अगर आप स्टॉक मार्केट में पैसा लगाते हैं, या जल्दी ही स्टॉक मार्केट में इन्वेस्ट करने का मन बना रहे हैं तो आपको कुछ बातों का ध्यान रखना आवश्यक है। असल में स्टॉक मार्केट के बारे में लोगों के मन में बहुत सी गलत धारणाएं बनी हुई हैं। हम खुलासा में कई ऐसे मिथ के बारे में बात करेंगे, जो स्टॉक मार्केट की दुनिया में काफी प्रचलित हैं और आप को किन बातों से बचना चाहिए।

जब जब बाजार अपने ऊपरी स्तर से नीचे गिरने लगता है तो इन्वेस्टर के मन में घबड़ाहट साफ नजर आती है। कई लोग तो यहां तक बोलना शुरू कर देते हैं कि बाजार थोड़ा अलग है, जबकि स्टॉक मार्केट में बाजार का गिरना या उठना दोनों ही कई सारी चीजों से संबंधित होते हैं। इसीलिए जब भी स्टॉक का प्राइस गिरने लगे तो हड़बड़ी में कोई फैसला न लें बल्कि हिम्मत बनाए रखें और धैर्य के साथ पूरी सोच समझ से कोई निर्णय लें।

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कई बार कुछ लोग स्टॉक से पैसे वसूलने की जिद पकड़ लेते हैं, अर्थात जब तक उनकी लगाई हुई लागत वसूल नहीं होगी वो शेयर नहीं बेचेंगे। जैसे उन्होंने कोई शेयर 200 रुपए का खरीदा और उनके शेयर में इन्वेस्टमेंट के बाद शेयर के प्राइस में लगातार गिरावट होने लगी। यदि आप ऐसा सोचते हैं तो आपकी यह हरकत आपको शेयर बाजार में भारी नुकसान उठवा सकती है। इसलिए शेयर में बाजार में अपना नेतृत्व अहंकार को न करने दें। वरन उचित विश्लेषण के बाद ही कोई निर्णय लें।

यदि स्टॉकब्रोकर आपसे टर्नअराउंड की बात करे तो ऐसी स्थिति में सतर्कता से काम लेना चाहिए क्योंकि वे मनगढंत कहानी सुना कर अपने शेयर्स को सामने वाले पर थोप देते है, इसलिए भली भाति विश्लेषण करने के बाद  सतर्कता से निवेश करना चाहिए|

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यह शेयर लगभग 90 % गिर चुका है, और न जाने कितना नीचे गिरेगा, हमारा ऐसा सोचना बहुत बड़ी गलती है, जो अमूमन हम सभी कर जाते है| उदाहरण के तौर पर मान लो कि एक कंपनी के शेयरों की कीमत कुछ महीनो पहले 200 रुपये थी मगर आज इसकी कीमत केवल 10 रुपये हो गयी है | निवेशक ने इस कंपनी के 10 रुपये के भाव से 100 शेयर्स ख़रीदे | शेयर के अपने ऊपरी भाव से 90 प्रतिशत गिरने के बाद भी अधिकतम जोखिम केवल 10 रुपये ही है। यदि महीने भर में शेयर गिरकर 2 रुपये में आ गया तो उस परिस्थिति में आपकी 80 प्रतिशत पूंजी बर्बाद हो चुकी होती है, इसलिए कंपनी उतार चढाव से ज्यादा कंपनी के फंडामेंटल को समझना बेहद जरुरी है । एक पंक्ति में कहा जाए तो बाज़ार को समझने के लिए उसके जीवन चक्र को समझना बेहद जरुरी है ।

माना जाता है कि एक शेयर को समझने के लिए काफी विश्लेषण और गणना की जरुरत होती है परन्तु कई बार स्थिति को इसके विपरीत है क्योंकि कई बार उच्च शिक्षित फंड प्रबंधक बाज़ार जितना रिटर्न देने में सक्षम नही होते जबकि  आम निवेशक अपनी कॉमन सेंस और सामान्य निगरानी से बाज़ार से बेहतर रिटर्न कमाने में सक्षम होते है।

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कभी कभी निवेशक को लगता है कि वह निवेश करने के लिए अभी काफी युवा हैऔर जब तक वो निवेश करने की सोचते है, तब तक बहुत देर हो चुकी होती है | 11 वर्ष के अल्प उम्र में प्रसिद्ध निवेशक वारेन बुफेट ने अपनी पहली निवेश की थी, जिन्हें निवेश करते हुए लग रहा था कि उन्होंने निवेश करने में काफी देर कर दी है ।

अगर आप सोच रहे है कि आईपीओ में निवेश कर काफी तेजी से पैसे बनाया जा सकता है तो आप गलत है क्योंकि अनुसंधान के अनुसार आईपीओ में लगभग 90 % लोगो ने अपने पैसे खोये है।

निवेश के हिसाब से कौन सी कंपनी अच्छी है ये बात हम उस कंपनी की एनुअल रिपोर्ट पढ़ने से जान सकते है, इसलिए दुसरो पर निर्भर न हो और पूरी अनुसंधान कर सही फैसला ले |

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यह शेयर मल्टीबैगर है अत: इसके शेयर आर्थिक स्थिति सही न होने पर पैसे उधार लेकर कभी न ख़रीदे जाये क्योंकि शेयर ब्रोकर्स और बड़े बड़े फण्ड हाउसेस ऐसे शब्दों का प्रयोग इसलिए करते है ताकि वे लोग को शेयर्स ऊपर से ऊपर स्तर पर बेच सके |

निवेश को लेकर थोडा-सा होम वर्क कर के अच्छे पैसे बनाये जा सकते है, अत: खुद को जरा भी कम न समझे क्योंकि एक कामयाब निवेशक बनने के लिए थोड़ी सी समझदारी और अच्छी निरिक्षण की जरूरत है ।

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