लोन (Loan) क्या है और कौन सा लोन लेना है बेहतर

What Is Loan , Types of Bank Loans in India in Hindi

What is Loan in hindi

आए दिन आपने लोगों को अपनी किसी न किसी जरूरत को पूरा करने के लिए (Loan) कर्जा या ऋण लेने का जिक्र करते हुए जरूर सुना होगा। जहां पहले के दौर में लोग अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए बड़े महाजनों या लाला लोगों से कर्जा (Loan) लिया करते थे वहीं आज के दौर में बैंकों (Banks) और बहुत सी सरकारी और प्राइवेट फाइनेंस कंपनियों (Private fianace Comapnies) ने यह काम बहुत आसान कर दिया है। इसके लिए उन्हें बैंक (Bank) या किसी फाइनेंस कंपनी (Finance Companies) में लोन अप्लाई (Loan apply) करना होता है और आवेदन मंजूर होने पर उन्हें ऋण (Loan) की रकम मिल जाती है जिसकों उन्हें मासिक किस्तों (Monthly Installments) में मय ब्याज सहित वापस करना होता है। चलिए खुलासा डॉट इन में विस्तार से जानते हैं कि आखिर लोन (Loan) होता क्या है।

असल में भारत जैसे देश में जहां मध्यमवर्गीय परिवारों की जरूरतें दिनों दिन बढ़ती जाती हैं लेकिन उनकी आमदनी में उस प्रकार बढ़ोत्तरी नहीं होती और वो अपनी हर छोटी बड़ी जरूरत को पूरा करने के लिए पैसे कि किल्लत से जूझते रहते हैं जैसे घर (House) बनाना हो, बच्चों की पढ़ाई हो, कार (Car) लेना हो या उनकी कोई और ऐसी जरूरत जिसके लिए उन्हें अचानक आए इस खर्चे से निपटने में सहायता मिल सके। ऐसी सूरत में इन लोगों को अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए बैंकों (Banks) से उधार लेना पड़ता है जिसे वे बाद में वे अपनी कमाई में से प्रतिमाह किस्तों (Monthly Installments) के रूप में तय अवधि तक बैंकों को चुकाते रहते हैं। इस प्रकार के लोन (Loan) को यदि व्यक्ति चाहे तो बीच में भी एकमुश्त धनराशि अदा करके खत्म कर सकता है। अलग अलग बैंकों में लोन को एकमुश्त खत्म करने के लिए अलग अलग नियम बनाए गए हैं।


लोन क्या है और लोन की परिभाषा – what is definition of Loan

जब कोई कंपनी या व्यक्ति अपनी किसी निजी जरूरत को पूरा करने के लिए किसी बैंक (Bank) या प्राइवेट फाइनेंस एजेंसी (Private Finance Agency) से कर्जा लेती हैं जिसे कुछ ब्याज (Interest) के साथ उसे कर्जदाता को तय समय सीमा के भीतर चुकाना होता है तो उसे हम लोन (Loan) या ऋण कहते हैं। वैसे तो अलग अलग कामों के लिए कई प्रकार के लोन (Loan) उपलब्ध होते हैं जैसे यदि किसी को घर बनाना है तो उसे होम लोन (Home Loan) लेना चाहिए और यदि किसी व्यक्ति को अपनी निजी जरूरत को पूरा करने के लिए कर्जा चाहिए तो उसके लिए पर्सनल लोन (Personal Loan) है। इसी प्रकार यदि कोई व्यक्ति अपनी संतान की उच्च शिक्षा के लिए कर्जा लेता है तो इस प्रकार के लोन को एजुकेशन लोन (Education Loan) कहते हैं।

कैसे देता है बैक लोन (Processor of Loan)

जब कोई व्यक्ति या कंपनी बैंक (Bank) से कर्जा लेने के लिए आवेदन करता है तो बैंक (Bank) अपने कस्टमर (Customer) को ऋण देने से पहले व्यक्ति या कंपनी से इस बात की सहमति पहले तय करता है कि उसे दी गई रकम पर कितने प्रतिशत ब्याज मासिक (Monthly Interest) देना होगा और उसे कर्जे की राशि (Loan amount) कितने समय में ब्याज सहित वापस करनी है। किसी भी प्रकार का लोन (Loan) देने से पहले बैंक (Bank) इस बात का भलीभांति संतोष करता है कि जिसे भी वह लोन (Loan) दे रहा है वह इस रकम को वापस करने के योग्य है भी कि नहीं। इसके लिए बैंक लोन (Bank Loan) लेने वाले के पास कितनी प्रॉपर्टी (Property) है और उसकी मार्केट वैल्यु (Market value) कितनी है इसकी जांच करता है। बैंक (Bank) या फांइनेंस एजेंसी (finance agency) लोन (Loan) लेने वाले व्यक्ति को आगाह भी कर देती हैं कि यदि समय रहते उनका लोन (Loan) ब्याज  (Interest) सहित वापस नहीं किया गया तो ऐसी सूरत में उनकी प्रापॅर्टी बैंक या फाइनेंस एजेंसी (Finanace agency)  द्वारा जब्त की जा सकती है। ठीक इसी प्रकार यदि कोई व्यक्ति बैंक (Bank) से कर्जा (Loan) लेकर कार (Car) खरीदता है और तय समय सीमा में उसे नहीं लौटाता तो बैंक (Bank) उस कार (Car) को जब्त कर अपने पैसे वसूल लेता है।

लोन कितने प्रकार के होते हैं (How many types of Loan)

लोन कितने प्रकार के होते हैं (How many types of Loan)
लोन कितने प्रकार के होते हैं (How many types of Loan)

जब कोई व्यक्ति बैंक (Bank) जाकर वहा लोन (Loan) के लिए एप्लाई (Apply) करता है तो बैंक के कार्यकर्ता (Bank executives) ग्राहक (Customer ) से सबसे पहले यही सवाल करते हैं कि उन्हें किस प्रकार का लोन (Loan) चाहिए। इसका सीधा सा मतलब है कि उनकी जरूरत क्या है, क्योंकि बैंकों (Banks) का साफ साफ मानना है कि जैसी जरूरत वैसा कर्जा (Loan)। इसके लिए आप को बैंक  कर्मियों (Bank executives) को अपनी जरूरत बतानी होगी कि आप अपनी किस जरूरत के लिए बैंक से कर्जा (Loan) लेना चाहते हैं। आइए जानते हैं बैंक में किस किस प्रकार के लोन (Loan) उपलब्ध होते हैं।

पर्सनल लोन (Personal Loan)

बैंक (Bank) द्वारा किसी व्यक्ति की निजी जरूरत (Personal needs) को पूरा करने के लिए दिया जाने वाला लोन पर्सनल लोन (Personal Loan) कहलाता है। आमतौर पर यह लोन (Loan) असुरक्षित लोन (Unsecured loan) की श्रेणी में आता है। इस लोन (Loan) में की ब्याज दर (Interest rate) अन्य लोन (Loan) की अपेक्षा अधिक होता है। अधिकतर बैंक (Banks) अपने कस्टमर्स को को पर्सनल लोन (Personal Loan) लेने की सुविधा देते हैं। इसके लिए वे व्यक्ति की सिविल स्कोर (cibil score) और उसकी आमदनी (Income) आदि की जांच करते हैं।

पर्सनल लोन (Personal Loan)
पर्सनल लोन (Personal Loan)

इस प्रकार से लिए गए लोन के पैसे से व्यक्ति अपनी निजी जरूररतें जैसे शादी का खर्च, कहीं घूमने जाने के लिए या अपने लिए कुछ खरीदने के लिए भी इस्तेमाल कर सकता है। आमतौर पर पर्सनल लोन (Personal Loan) लेना अत्याधिक आसान है, बस व्यक्ति का लोन रिकॉर्ड (Loan record) ठीक ठाक होना चाहिए और उस पर पहले से कोई लोन (Loan) नहीं चल रहा होना चाहिए।

अधिकतर लोगों को इस प्रकार के लोन के लिए आए दिन बैंकों से कॉल (call) आते रहते हैं। लेकिन पर्सनल लोन (Personal Loan) लेने से पहले उसके ब्याज (Interest rate) के बारे में जान लेना अत्यंत आवश्यक है। क्योंकि जैसा कि पहले भी बताया जा चुका है कि इस प्रकार के लोन में बैंक ग्राहक (Customer ) से ज्यादा ब्याज वसूलते हैं। इसीलिए जब तक कि अत्याधिक जरूरत न हो इस प्रकार के लोन (Loan) लेने से बचना चाहिए।

होम लोन (Home Loan)

महानगर की इस भागती दौड़ती जिंदगी में आज हर कोई चाहता है अपना छोटा सा आशियाना। ऐसे लोगों के लिए जिन्हें अपना घर तो खरीदना है या बनाना है लेकिन उनके पास उतना पैसा नहीं है जिससे वे अपना घर खरीद सके। ऐसे लोग होम लोन (Home Loan) लेकर अपने घर के सपने को साकार कर सकते हैं। ऐसे कस्टमर (Customer ) को जो होम लोन (Home Loan) लेने के इच्छुक होते हैं बैंक (Bank) प्रॉपर्टी (Property) की कीमत और उनकी लोन चुकाने की स्थिति को देखते हुए कर्जा (Home Loan) देता है। जिसे इन कस्टमर को बीस तीस सालों में ब्याज सहित (With interest) चुकाना होता है, चूंकि कर्ज अदायगी का समय काफी लम्बा होता है इसीलिए उपभोक्ताओं को इसे चुकाने में कोई खास दिक्कत भी नहीं होती वे आराम से मासिक किस्तों (Monthly Installments) में लिया हुआ होम लोन (Home Loan) चुकाते रहते हैं।

एजुकेशन लोन (Education Loan)

हर मां बाप का सपना होता है कि वो अपने बच्चे को एक बेहतर भविष्य दे सके। जिसकी चिंता उन्हें बच्चे के हाईस्कूल (Highschool) खत्म करने के बाद शुरू हो जाती है। जब कोई मां बाप अपने बच्चों को डॉक्टर (Doctor) इंजीनियर (Engineer) या किसी तरह का प्रोफेशनल डिग्री कोर्स (Professional Degree Courses) कराना चाहते हैं और मां बाप के पास उनकी एजुकेशन (Education) के लिए पर्याप्त धन नहीं होता ऐसे में बच्चे के मां बाप काफी परेशान होते हैं। ऐसे में मां बाप के लिए बच्चे की पढ़ाई के लिए धन जुटाना लोहे के चने चबाने से कम नहीं होता है।

ऐसे में बहुत से सरकारी (Government) और गैर सरकारी (Non Government) बैक (Bank) बच्चों की पढ़ाई के लिए बच्चों के मां बाप को लोन (Loan) देते हैं जिसे एजुकेशन लोन (Education Loan) कहा जाता है। इस कर्जे से बच्चे अपनी पढ़ाई की फीस अदायगी कर देते हैं और जब पढ़ाई पूरी करने के बाद बच्चा नौकरी ज्वाइन (Job Join) कर लेता है तो वही छात्र उस एजुकेशन लोन (Education Loan) को मासिक किश्तों (Monthly Installments) में बैंक (Bank) को चुकाता है। अधिकतर बैंक बच्चों के लिए इस प्रकार के एजुकेशन लोन (Education Loan) को मंजूरी देते हैं बस इसके लिए एक गारंटर (Garntar) की जरूरत होती है जिसकी जिम्मेदारी पर इस लोन (Loan) को पास किया जाता है। गारंटर के तौर पर बच्चे के मां बाप या उसका कोई अन्य रिश्तेदार भी हो सकता है। जिसका उसी बैंक (Bank) में एकाउंट (Account) हो।


Education Loan processor in hindi
Education Loan processor in hindi

कार लोन (Car Loan)

हर भारतीय का एक अपना घर (Home) लेने के बाद जो दूसरा सबसे बड़ा सपना होता है वह है कार (Car) का। सभी चाहते हैं कि वे अपने परिवार के साथ कहीं जाएं जिसके लिए उनके पास कम से कम एक अदद कार तो हो ही। मध्यमवर्गीय परिवारों (Middle class Family) के लिए कार (Car) आज भी किसी सपने से कम नहीं है। न कार (Car) खरीदने के लिए लोगों के पास एकमुश्त पैसा होता और न ही वे अपने सपनों की कार (Car) खरीद पाते। लेकिन बैंकों (Banks) ने लोगों की इस मुश्किल को एकदम आसान कर दिया है। आमतौर पर सभी सरकारी व गैर सरकारी बैंक नौकरी पेशा व अपना व्यवसाय करने वालों के लिए कार (Car) खरदीने के लिए लोन प्रोवाइड (Loan provide) कराते हैं इसी कार कार लोन (Car Loan) कहा जाता है।  इसके लिए किसी भी व्यक्ति को जो कार (Car) खरीदने का इच्छुक हो वो बैंक (Bank) द्वारा कार लोन (Car Loan) लेकर अपने मन माफिक कार (Car) खरीद सकता है। मजे की बात यह है कि बैंक कार लोन (Car Loan) पर बहुत कम ब्याज (Interest) वसूल करते हैं ।  

क्रेडिट कार्ड लोन (Credit Card Loan)

क्रेडिट कार्ड लोन (Credit card Loan) कई मामलों में बहुत अच्छा है, ये अचानक आई पैसे की जरूरत को पूरा करने के लिए उत्तम विकल्प है। मान लो आपने होम लोन (Home Loan) और कार लोन (Car Loan) पहले से ले रखा है और अचानक आपको पैसे की बहुत जरूरत आ गई। ऐसे में आप अपने क्रेडिट कार्ड (Credit Card) से लोन (Loan) लेकर काम चला सकते है। कई मामलों में यह पर्सनल लोन (Personal Loan) से अच्छा है क्योंकि इसमें आपको पर्सनल लोन (Personal Loan) की तरह सारी प्रक्रियाओं से नहीं गुजरना पड़ता और न इसमें पर्सनल लोन (Personal Loan) जितना समय लगता है। क्रेडिट कार्ड लोन (Credit Card loan) को भी पर्सनल लोन (Personal Loan) की तरह एक निश्चित समयावधि के दौरान ब्याज (Interest) सहित चुकाना होता है।

मान लीजिए किसी व्यक्ति को यदि पर्सनल लोन (Personal Loan) लेना है तो पहले उसे अपनी बैंक स्टेटमेंट (Bank Statement), फार्म 16 (Form 16), पे स्लिम (Pay Slip) और सारे जरूरी दस्तावेज बैंक (Bank) में जमा कराने पड़ते हैं। उसके बाद बैंक (Bank) के जांचकर्मी आवेदनकर्ता के सारे कागजातों की जांच करते हैं इस प्रक्रिया में काफी लंबा समय लगता है। मगर क्रेडिट कार्ड लोन (Credit Card Loan) के लिए आपको सिर्फ कस्टमर केयर (Customer Care) से आपको बात करनी होती है और बहुत जल्दी क्रेडिट कार्ड लोन (Credit Card Loan) आपके बैंक खाते (Bank Account) में आ जाता है।

क्रेडिट कार्ड लोन (Credit Card Loan) के विषय में एक बात सभी को जान लेनी अति आवश्यक है कि क्रेडिट कार्ड लोन (Credit Card Loan) पर ब्याजदर फ्लैट होती है जबकि पर्सनल लोन (Personal Loan) पर ब्याज दर रेड्यूसिंग होती है यानि मूलधन के कम होने के साथ ब्याज (Interest) भी कम होता है । इसीलिए क्रेडिट कार्ड लोन (Credit Card Loan) लंबे समय के लिए नहीं लेना चाहिए। लंबे समय के लिए पर्सनल लोन (Personal Loan) ही अधिक फायदेमंद होता है।


बिजनेस लोन (Business Loan)

भारत जैसे विकासशील देश में जहां बेरोजगारी (Unemployment) एक बड़ी समस्या है। अच्छी खासी एजुकेशन (Education) होने के बाद भी बहुत से युवा मन माफिक नौकरी (Job) न मिलने के कारण बेकार घूमते रहते हैं। इसी स्थिति को सुधारने के लिए भारत सरकार (Indian Government) ने कई तरह की स्कीम (Scheme) की शुरुआत की। जैसे जवाहर रोजगार योजना (Jawahar Rozgar Yojana), प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (Pradhanmantri Mudra yojna) और भी ऐसी कई तरह की योजनाएं हैं जिनमें कोई भी बेरोजगार अपना छोटा या बड़ा रोजगार (Business) शुरू करने के लिए पचास हजार से लेकर 10 लाख तक का लोन (Loan) ले सकता है। तो बिजनेस लोन वो होता है जिसमें हम बैंक द्वारा लोन लेकर कोई व्यवसाय (Business) या अपना कोई रोजगार शुरू कर सकते हैं।

बिजनेस लोन (Business Loan) लेने के लिए पहले आपको अपना प्लान अच्छे से तैयार करना होता है। जब आप किसी बैंक (Bank) में इस तरह के लोन (Loan) के लिए एप्लाई करते हैं तो बैंककर्मी सबसे पहले आपके बिजनेस के प्लान (Business Plan) के बारे में जानकारी करते हैं, जब वे पूरी तरह संतुष्ट हो जाते हैं कि आपका प्लान अच्छा है तो आपके बिजनेस का कॉस्ट एस्टिमेशन (Business Cost Estimation) की जानकारी करते हैं। यदि बैंक (Bank) के अधिकारी इस बात से पूरी तरह संतुष्ट हो जाते हैं कि आप बिजनेस (Business) करने के लिए उपयुक्त आदमी है और वास्तव में आपका व्यापार मुनाफा कमाएगा और आप निश्चित समय तक बैंक (Bank) का पैसा लौटा देंगे तो बैंक कर्मी आपको कर्जा देने के लिए तैयार हो जाते हैं।

 गोल्ड लोन (Gold Loan)

आए दिन हम लोग टीवी पर गोल्ड लोन (Gold Loan) से जुड़े विज्ञापन (Advertisement) देखते हैं। गोल्ड लोन (Gold Loan) असल में आप अपने घर पर रखे हुए सोने (Gold) को किसी कंपनी (Company) के पास एक प्रकार से गिरवी रख देते हैं और उसके बदले में लोन (Loan) ले सकते हैं। लोन (Loan) चुका दिए जाने पर आप अपना गोल्ड (Gold) वापिस प्राप्त कर लेते हैं। गोल्ड लोन (Gold Loan) भारत में काफी तेजी से प्रचलित हुआ है। असल में भारतीय जनमानस में सोने (Gold) के प्रति अत्याधिक आसक्ति है। गरीब से गरीब व्यक्ति भी थोड़ा बहुत सोना (Gold) जरूर खरीदता है। अधिकतर महिलाएं किसी फंक्शन, पार्टी या प्रोग्राम में औरतें सोना पहन कर ही जाना पसंद करती हैं। शादी में ख़ास तौर पर लड़की के लिए जेवर (Jewellery) बनाये जाते हैं और सोने से बने जेवरात दिए जाते हैं। इस तरह ये एक प्रॉपर्टी है जो लगभग हर परिवार में होती है।


पहले के जमाने में जब भी कभी किसी व्यक्ति को पैसे की आवश्यकता होती थी तो घर में रखे हुए जेवर (Jewellery) महाजनों या सुनारों के पास गिरवी रखकर कर्जा लिया जाता था और उसी का आधुनिक रूप है यह गोल्ड लोन कंपनियां (Gold Loan Comapnies)। बहुत से बैंक ने भी गोल्ड लोन स्कीम (Gold Loan Scheme) शुरू की है। इसके लिए किसी भी व्यक्ति को जिसे गोल्ड लोन (Gold Loan) लेना है अपने घर में रखा हुआ गोल्ड (Gold) बैंक में जमा कराना होता है और उस पर बैंक (Bank) एक जमा किया हुआ गोल्ड (Gold) के अनुपात में जांच कराकर आवेदनकर्ता को लोन दे देता है। इस लोन (Loan) को भी आवेदन कर्ता को मासिक किस्तों में ब्याज (Interest) सहित वापिस करना होता है, लोन (Loan) की अदायगी के बाद ग्राहक को अपना गोल्ड (Gold) बैंक से वापिस मिल जाता है।

 प्रॉपर्टी लोन (Property Loan)

जीवन है तो समस्याएं (Problem) भी रहती हैं, प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में छोटी बड़ी समस्याएं (Problems) लगी रहती हैं। लोग अपना जीवन स्तर सुधारने के लिए जमीन (Land) खरीदते हैं, जेवरात (Jewellery) जमा करते हैं, गाड़िया खरीदते हैं और जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए हर आराम की चीजें जमा करते हैं। लेकिन जब अचानक कोई मुसीबत आ जाती है जब अत्याधिक धन की आवश्यकता होती है, इतने पैसे जिन्हें कमाने में हमें वर्षों लग जाते हैं।

ऐसी सूरत में हमारे पास एक विकल्प होता है प्रॉपर्टी लोन (Property Loan) का। जिसमें हम अपने घर, जमीन या खेत आदि को बैंक (Bank) के पास गिरवी (Mortgage) रखकर लोन (Loan) ले सकते हैं। इस प्रकार के लोन को प्रॉपर्टी लोन (Property Loan) कहा जाता है। जब भी कोई व्यक्ति या संस्था इस प्रकार का लोन (Loan) लेना चाहता है तो बैंक (Bank) सबसे पहले प्रॉपर्टी के मार्केट वैल्यू (Market Value) के लिहाज से उसके मूल्य (Cost) का आकलन करता है। उसके बाद बैंक (Bank) यह भी देखता है कि आप ली जाने वाली राशि को तय समय सीमा के भीतर चुका पाएंगे भी कि नहीं। इन सब चीजों को देखकर बैंक (Bank) आप को दिए जाने वाले लोन (Loan) की राशि का निर्धारण करता है। लोन की यह राशि (Loan Amount) प्रॉपर्टी की कीमत के पचास से सत्तर प्रतिशत तो हो सकती है। इस प्रकार के लोन (Loan) को चुकाने के लिए बैंक पंद्रह साल तक का समय देता है। जिसका मासिक किस्तों (Monthly Installment) के रूप में ब्याज (Interest) सहित कर्ज लेने वाले को चुकाना होता है।

 प्रॉजेक्ट लोन (Project Loan)

प्रोजेक्ट लोन (Project Loan) के बारे में भी बहुत कम लोगों को पूरी तरह जानकारी होती है। इस प्रकार के लोन (Loan) अपने किसी प्रोजेक्ट (Project) को पूरा करने के लिए बैंकों (Bank) से लिए जाते हैं। आमतौर पर यह सबसे मुश्किल से मिलने वाला लोन (Loan) होता है। जब तक कि बैंक (Bank) पूरी तरह से आश्वस्त नहीं हो जाता कि आपका तय प्रोजेक्ट पूरा होने पर आपको मुनाफा होगा और आप बैंक का कर्जा समय सीमा के भीतर ब्याज सहित वापस नहीं कर देंगे तब तक बैंक (Bank) ऐसे लोन (Loan) को स्वीकार नहीं करता।

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Title: what is loan types of bank loans in india in hindi in Hindi  | In Category: अर्थ जगत arth jagat

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