जो लोग म्यूचुअल फण्ड में निवेश करना चाहते हैं उन लोगो को NAV के बारे में पता होना बेहद जरुरी है | जिन लोगो को शेयर बाज़ार की कोई जानकारी नही होती या जो शेयर बाज़ार में निवेश कर कोई रिस्क नहीं लेना चाहते ऐसे लोगों के लिए म्यूचुअल फण्ड एक अच्छा विकल्प है।

NAV (Net Asset Value) से तात्पर्य ‘कुल संपत्ति का मूल्य’ होता है | म्यूचुअल फण्ड में नेट एसेट वैल्यू से तात्पर्य यह है कि हर दिन के आखिर में उस फंड के पोर्टफोलियो में मौजूद कुल बाजार मूल्य को सभी यूनिटों का भाग दे कर निकालना तथा दिन के अंत में जो एनएवी प्रति यूनिट हासिल होता है उसी के आधार पर अगले दिन उन यूनिटों की खरीद-बिक्री की जाती है।

एनएवी को म्यूचुअल फण्ड की यूनिट की बुक वैल्यू कहा जा सकता है क्योंकि जब म्यूचुअल फण्ड को समाप्त किया जाता है तो उस म्यूचुअल फण्ड में यूनिट धारक को प्रत्येक यूनिट के बदले एक कीमत मिलती है, वही उस यूनिट का उस दिन का एनएवी होता है | प्रत्येक कारोबारी दिवस में फण्ड के पोर्टफोलियो के बाजार मूल्य के अनुसार ही यूनिट का एनएवी भी घटता बढ़ता रहता है |

म्यूचुअल फण्ड के यूनिट के ग्रोथ को एनएवी ही दर्शाता है | साफ़ शब्दों में कहा जाए तो किसी फण्ड में 12 रुपये प्रति यूनिट एनएवी पर निवेश करने के एक साल बाद यदि उस यूनिट का एनएवी 15 रुपये प्रति यूनिट हो जाता है तो  उस फण्ड ने 25% ग्रोथ की है | कुछ लोगो ने गलत धारणा बनायीं है कि कम एनएवी वाला म्यूचुअल फण्ड अच्छा रिटर्न देता है और ज्यादा एनएवी वाला फण्ड कम रिटर्न देता है | एनएवी देखकर ये कभी भी नही बताया जा सकता है कि भविष्य में वह फण्ड कैसा रिटर्न देगा |

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