किसी भी इन्सान के लिए लोन (Loan) लेना किसी महाभारत लड़ने से कम नहीं है, ऐसे में क्रेडिट स्कोर (Credit Score) यदि खराब हो तो मान लो अभिमन्यु चक्रव्यूह में भी फंस चुका है । सरल भाषा में कहें तो खराब क्रेडिट स्कोर के चलते बैंक या कोई भी वित्तीय संस्था आपको लोन (Loan) देने के लिए तैयार नहीं होगी या लोन मिलने की संभावना काफी कम हो जाती है, न मिलने की सम्भावना न के बराबर होती है जिसका कारण ख़राब क्रेडिट स्कोर के चलते लोन डिफॉल्ट होने की संभावना का अधिक होना होता है। ग्राहक का आंकलन कोई भी बैंक उसकी क्रेडिट हिस्ट्री (Credit History) और भुगतान के पुराने व्यवहार पर करते हैं। अब सवाल आता है कि किसी ग्राहक का क्रेडिट स्कोर कैसे ख़राब होता है।

क्रेडिट स्कोर ख़राब होने का प्रमुख कारण लोन या क्रेडिट कार्ड की किश्तों का भुगतान न करना, लोन या क्रेडिट कार्ड के पेमेंट में चूक, लगातार क्रेडिट कार्ड की ऊंची लिमिट का इस्तेमाल करना, अकाउंट को राइट ऑफ या सेटल कर देने की स्थिति में या बहुत कम समय में कई लोन के लिए आवेदन करने जैसे प्रमुख कारणों में से कोई भी हो सकता है।

चलिए मान लीजिये आपका क्रेडिट स्कोर ख़राब चल रहा है अब सवाल आता है कि इस स्थिति में लोन कैसे लिया जाए। आपको बता दें कि खराब क्रेडिट स्कोर का तात्पर्य कभी ये नहीं होता कि आप लोन नहीं ले सकते । खराब क्रेडिट स्कोर के चलते आपको लोन लेने में मुश्किल का सामना करना पड सकता है या फिर आपको महंगी दरो पर इसे लेना पड़े । ऐसी स्थिति में ग्राहक के पास कुछ विकल्प मौजूद होते है जैसे –

संपत्ति के ऊपर लोन

कमजोर क्रेडिट स्कोर होने पर आप संपत्ति गिरवी रख लोन ले सकते हैं । चाहे तो फिक्स्ड डिपॉजिट या शेयर के बदले भी आप लोनदाता से लोन की प्राप्ति कर सकते हैं । ऐसी स्थिति में ब्याज दर कुछ ज्यादा या लोन की राशि कम हो सकती है। आपको बता दें कि खराब क्रेडिट स्कोर के बावजूद लोन हासिल करने का यहीं सबसे उत्तम तरीका है ।

सिक्योर्ड क्रेडिट कार्ड

यदि आप क्रेडिट हिस्ट्री को सुधारने की सोच रहे है तो ऐसे में सिक्योर्ड क्रेडिट कार्ड काफी मददगार साबित होता है, जिसे खराब क्रेडिट स्कोर के बावजूद आसानी से हासिल पाया जा सकता है। इसके लिए आपके पास फिक्स्ड डिपोजिट होना चाहिए जिसके आधार पर मौजूद राशि के 70 से 80 फीसदी राशि के बराबर का क्रेडिट लिमिट लिया जा सकता है।

एडवांस सैलरी

कुछ वित्तीय सेवाएं देने वाली कंपनियां सैलरी एडवांस के रूप में लोन देती हैं जिसके चलते मासिक सैलरी का आधा हिस्सा लोन के रूप में मिल जाता है और हम शॉर्ट टर्म जरूरत को आसानी से पूरा कर सकते हैं। प्रक्रिया आसान होने के साथ साथ लोन की राशि की प्राप्ति सीधे बैंक अकाउंट में हो जाती है।

पी2पी लेंडिंग

भारत में पीयर-टू पीयर लेंडिंग का चलन तेजी से बढ़ रहा है जिसमें खराब क्रेडिट स्कोर होने के बावजूद लोन लिया जा सकता हैं हालाँकि ब्याज दरों में फर्क हो सकता है हैं।

इस सभी विकल्पों के अलावा ख़राब क्रेडिट स्कोर होने के बावजूद को-एप्लीकेंट के साथ लोन के लिए आवेदन कर लोन लिया जा सकता है ।

Read all Latest Post on खेल sports in Hindi at Khulasaa.in. Stay updated with us for Daily bollywood news, Interesting stories, Health Tips and Photo gallery in Hindi
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए khulasaa.in को फेसबुक और ट्विटर पर ज्वॉइन करें