चेतन आनंद

 फूल तितली झील झरने चाँद तारे रख दिए मेरी दो आँखों में उसने सब नज़ारे रख दिए। मानता हूँ ज़िन्दगी...

झांके है कोई पलपल अहसास की नदी में, होने लगी है हलचल अहसास की नदी में।   पानी में जब...

अहसास का फलक़ है, अल्फाज़ की ज़मीं है, लगता है मेरे दिल को, तू भी यहीं-कहीं है।   जब से...

हम तुम्हारे ग़ुलाम हो न सके, ख़ास रह करके आम हो न सके।   हमने अपनाये नहीं हथकंडे, इसलिये अपने...

प्यार कब आगे बढ़ा तक़रार से रहकर अलग, सीढ़ियां बनती नहीं दीवार से रहकर अलग।   रुक गये तो मौत...

आंगन में तेरा अक्सर दीवार खड़ी करना कुछ अच्छा नहीं लगता तक़रार खड़ी करना।   सच ये है कि मुश्किल...

उजाले की हुई पत्थर सरीखी पीर को तोड़ें उठो, उठकर अंधेरे की कड़ी प्राचीर को तोड़ें।   नहीं टूटी तो...

ऐसा भी कोई तौर तरीका निकालिये। अहसास को अल्फाज़ के सांचे में ढालिये।।   जलता रहे जो रोज़ ही नफ़रत...

वक़्त की सियासत के, क्या अजब झमेले हैं। आइने तो ग़ायब हैं, चेहरे अकेले हैं।।   अब बतायें क्या तुमकोa...

गुमनाम हर बशर की पहचान बनके जी जो हैं उदास उनकी मुस्कान बनके जी।   गूंगी हुई है सरगम, घायल...

मुश्क़िल है, मुश्क़िलात की तह तक नहीं जाती कोई भी बात, बात की तह तक नहीं जाती।   जलता है...

कभी रहे हम भीड़ में भइया, कभी रहे तन्हाई में, सारी उम्र गुज़ारी हमने रिश्तों की तुरपाई में। कभी बांसुरी...

राहों से पूछ लेना, पत्थर से पूछ लेना, मेरा पता किसी भी ठोकर से पूछ लेना।   महलों से, महफिलों...

इन सियासतदानों के घर में भी ठोकर मारकर, क्या मिलेगा बेवजह कीचड़ में पत्थर मारकर।   तोड़ लो जितना इन्हें,...

पहले तो होते थे केवल काले, नीले, पीले दिन, हमने ही तो कर डाले हैं अब सारे ज़हरीले दिन।  ...

अब तो बदल पुराना सोच पहुंचा कहां ज़माना सोच।   उससे मिलना नहीं अगर तो फिर से एक बहाना सोच।...

अजब अनहोनियां हैं फिर अंधेरों की अदालत में उजाले धुन रहे हैं सिर अंधेरों की अदालत में।   पुजारी ने...

आख़िर में बैठ ही गया तन्हाइयों के साथ चलता भी कैसे वो भला परछांइयों के साथ।   मायूसियां मिलेंगीं तुझे]...

चेतन आनंद : मेरी परवाज़ जब-जब भी कभी अम्बर में होती है Chetan anand Hindi Gazal: Meri parwaaj jab jab...

याद आते हैं हमें जब चंद चेहरे देरतक हम उतर जाते हैं गहरे और गहरे देरतक।   चांदनी आंगन में...