Satawar: Satavar farming in profitable business यदि आप कम लागत में ज्यादा मुनाफा चाहते हैं तो औषिधीय पौधों (Medicine plans) की खेती एक अच्छा विकल्प है । आयुर्वेद (ayurveda) ही नही अब एलोपैथ (allopathy) में भी हर्ब्स से निकले केमिकल का प्रयोग किया जाने लगा है, इसी कारण से अचानक […]

मजबूत लकड़ी और छोटी पत्ती वाला शीशम का पेड़ (Sheesham Tree ) भारत के तकरीबन हर हिस्से में पाया जाता है। दमदार लकड़ी होने के बाद भी शीशम (Sheesam) को कारोबारी स्तर पर किसानों (Farmers) द्वारा उगाया नहीं जाता है, क्योंकि इस की बढ़वार धीरे-धीरे होती है। शीशम भारत की […]

खुद किसान को लकड़ी की जरूरत रहती है। इस के लिए उसे बाजार से लकड़ी खरीदनी पड़ती है। अगर किसान अपने खेत में यूकेलिप्टस के पेड़ लगाएं तो वे कई काम एक साथ कर सकते हैं। जंगल कटने और निर्माण उद्योग के तेजी से बढ़ने के कारण इमारती लकड़ी की […]

बचपन से हम पढ़ते आ रहे हैं कि भारत एक कृषि प्रधान देश है। यह एक वाक्य ही सिद्ध करता है कि भारत में खेती की परंपरा हजारों वर्ष पुरानी और काफी समृद्ध है। इतने प्राचीन काल से खेती करने के कारण देश में खेती का जो तौर तरीका विकसित […]

खेत खुद अपनेआप में बड़ी प्रयोगशाला और नई गुंजाइशों से भरा आधार होता है। खेत में की गई एक नई पहल किसी बड़े कारोबार और उद्योग को जन्म दे सकती है। टर्फ घास इस का एक अच्छा उदाहरण है। लाखों घरों के मालिकों, हजारों एथलेटिक मैदानों के प्रबंधकों, लैंडस्कोप डिजाइनरों, […]

भारत में आम की बागवानी 2.34 मिलियन हेक्टेयर रकबे में की जाती है, जिस से 15.80 मिलियन टन आम हासिल होते हैं। देश में आम की औसत पैदावार 7.20 मीट्रिक टन प्रति हेक्टेयर है। दक्षिण भारत की तुलना में उत्तर भारत में आम की पैदावार कम है, जिस के कई […]

पूसा के कृषि विज्ञान मेले में किसानों की मेहनत पर गदगद हो कर कृषि मंत्री शरद पवार ने कहा था कि दुनिया के भूखे लोगों का पेट हमारे किसान भर रहे हैं और यह बात सच भी है। गेहूं, चावल और कपास के मामले में हम ने पिछले 1 दशक […]

अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा ने कहा कि पूरी दुनिया में औरतों से कहा जाता है कि वे दर्जे में दूसरी होती हैं मर्दों से, लेकिन ये सोच अब टूट रही है। लड़कियां भी मां-बाप के नाम को लड़कों से आगे ले जाकर चमका रही हैं। लड़कियों को समान अवसर के लिए […]

यूनिसेफ द्वारा जारी की गई रिपोर्ट द स्टेट ऑफ द वर्ल्ड्स चिल्ड्रेन के अनुसार वर्ष 2030 तक पांच वर्ष से कम की उम्र के 6.9 करोड़ बच्चों की मौत ऐसी वजहों से होगी, जिनका निवारण किया जा सकता था। इसी अवधि तक 16.7 करोड़ बच्चे गरीबी में जीवन गुजारेंगे और […]

भारत में उगाई जाने वाली तिलहनी फसलों में सरसों की खास जगह है। केरल को छोड़ कर सरसों की खेती पूरे देश में की जाती है। तमाम खोजबीनों से यह पता चला है कि सरसों खराब हालात में भी उगाई जा सकती है। सरसों की खेती के मामले में राजस्थान […]