• सहकारी बैंक को बिना पूर्व मंजूरी के कोई नया निवेश या नई देनदारी लेने से मना किया
  • आरबीआई के अनुसार ग्राहक अपने कर्ज का निपटान जमा के आधार पर कर सकते हैं
  • बैक पर पाबंदी का यह मतलब नहीं निकालना चाहिए कि बैंक लाइसेंस रद्द किया जा रहा है

मुंबई, 20 फरवरी (एजेंसी)। भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को कहा कि उसने कर्नाटक के डेक्कन अरबन को-अपरेटिव बैंक लि.को नया कर्ज देने या जमा स्वीकार करने से प्रतिबंधित कर दिया है। साथ ही ग्राहक अपने बचत खाते से 1,000 से ज्यादा की निकासी नहीं कर सकते। यह निर्दश छह महीने के लिये है। सहकारी बैंक को बिना पूर्व मंजूरी के कोई नया निवेश या नई देनदारी लेने से भी मना किया गया है। आरबीआई ने कहा कि उसने बैंक के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) को बृहस्पतिवार (18 फरवरी) को यह निर्देश दिया।

केंद्रीय बैंक ने एक विज्ञप्ति में कहा, ‘‘बैंक की मौजूदा नकदी स्थिति को देखते हुए जमाकर्ताओं को सभी बचत खातों या चालू खातों से 1,000 रुपये से अधिक निकालने की अनुमति नहीं दी जा सकती।’’ आरबीआई के अनुसार ग्राहक अपने कर्ज का निपटान जमा के आधार पर कर सकते हैं। यह कुछ शर्तों पर निर्भर है। नियामक ने कहा, ‘‘हालांकि 99.58 प्रतिशत जमाकर्ता जमा बीमा और ऋण गारंटी निगम बीमा निगम (डीसीजीसी) योजना के दायरे में हैं।’’ डीसीजीसी आरबीआई की पूर्ण अनुषंगी है। यह बैंक जमा पर बीमा उपलब्ध कराता है। आरबीआईने कहा कि बैक पर पाबंदी का यह मतलब नहीं निकालना चाहिए कि उसका बैंक लाइसेंस रद्द किया जा रहा है। बैंक वित्तीय स्थिति में सुधार तक बैंक कारोबार पूर्व की तरह करता रहेगा। ये निर्देश 19 फरवरी, 2021 की शाम से छह महीने के लिये प्रभाव में रहेगा जो आगे समीक्षा पर निर्भर करेगा।

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