Varanasi, 05 अक्टूबर (एजेंसी)। शारदीय नवरात्र में पूजा पंडालों में स्थापित होने वाले देवी देवताओं के स्वरुप में बदलाव कर उन्हें वैश्विक महामारी कोरोना का रूप देने पर अधिवक्ताओं और समाजसेवी संगठनों से जुड़े पदाधिकारियों ने विरोध दर्ज कराया है।

मंगलवार को अधिवक्ता और चिंतक कमलेशचंद्र त्रिपाठी के नेतृत्व में अधिवक्ताओं के एक दल ने अपर पुलिस आयुक्त वाराणसी से मुलाकात की। कमलेश चंद्र त्रिपाठी ने पूरी जानकारी देने के बाद अपर आयुक्त से पूजा पंडालों के प्रबंधकों के कृत्य पर आपत्ति दर्ज कराई। दल ने धर्म पर आघात को रोकने के लिए इन पूजा समितियों और लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही की मांग की। अपर पुलिस आयुक्त ने उनकी बात गंभीरता से सुनी। उन्होंने बताया कि इस मामले में त्वरित कार्यवाही के लिए संबंधित पुलिस अधिकारियों को भेज रहा हूं। धर्म पर आघात का कोई भी काम वाराणसी में नहीं होगा।

गौरतलब है कि, इस बार पूजा पंडालों में उन महिला श्रमिकों को दिखाया जायेगा, जो कोरोना काल में लगे लॉकडाउन में अपने बच्चों को लेकर हजारों किलोमीटर पैदल चली थीं। मां दुर्गा के अलावा अन्य देवी-देवताओं की जगह भी प्रवासी मजदूरों की मूर्तियां लगाने की योजना है। जिससे लोगों को कोरोना की विभिषिका जेहन में बनी रहे। कुछ पूजा पंडाल ने कोरोना महामारी के विषय को चुना है। अपर पुलिस आयुक्त से मिलने वाले दल में विपुल कुमार पाठक,कमलाकांत त्रिपाठी ,सत्य प्रकाश सिंह ,संजीव सिंह आदि अधिवक्ता शामिल रहे।

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