Guru Brihaspati Dev Aarti जय बृहस्पति देवा, ऊँ जय बृहस्पति देवा । छि छिन भोग लगाऊँ, कदली फल मेवा ॥ तुम पूरण परमात्मा, तुम अन्तर्यामी । जगतपिता जगदीश्वर, तुम सबके स्वामी ॥ चरणामृत निज निर्मल, सब पातक हर्ता । सकल मनोरथ दायक, कृपा करो भर्ता ॥ तन, मन, धन अर्पण […]

Shri krishna aarti in hindi परमानन्द मुरारी मोहन गिरधारी। जय रस रास बिहारी जय जय गिरधारी। कर कंकन कटि सोहत कानन में बाला। मोर मुकुट पीताम्बर सोहे बनमाला। दीन सुदामा तारे दरिद्रों के दुख टारे। गज के फंद छुड़ाए भवसागर तारे। हिरण्यकश्यप संहारे नरहरि रुप धरे। पाहन से प्रभु प्रगटे […]

Gayatri mata ki aarti in hindi गायत्री माता की आरती जयति जय गायत्री माता, जयति जय गायत्री माता। आदि शक्ति तुम अलख निरंजन जगपालक कत्री। दुख शोक, भय, क्लेश दारिद्र दैन्य हत्री।। जयति जय गायत्री माता, जयति जय गायत्री माता। ब्रह्म रूपिणी, प्रणात पालिन जगत धातृ अम्बे। भव भयहारी, जन-हितकारी, […]

Surya dev ki aarti in hindi : श्री सूर्यदेव की आरती जय कश्यप नन्दन, ऊँ जय अदिति नन्दन। त्रिभुवन तिमिर निकंदन, भक्त हृदय चन्दन॥ ऊँ जय कश्यप नन्दन। जय सप्त अश्वरथ राजित, एक चक्रधारी। दुखहारी, सुखकारी, मानस मलहारी॥ ऊँ जय कश्यप नन्दन। जय सुर मुनि भूसुर वन्दित, विमल विभवशाली। अघ-दल-दलन […]

Maa Durga aarti in hindi अम्बे तू है जगदम्बे काली जय दुर्गे खप्पर वाली। तेरे ही गुण गायें भारती, ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती ॥ तेरे भक्त जनों पर माता, भीड़ पड़ी है भारी। दानव दल पर टूट पड़ों माँ करके सिंह सवारी। सौ-सौ सिंहो से बलशाली, अष्ट […]

Saraswati aarti in hindi : मां सरस्वती की आरती ॐ जय सरस्वती माता, मैया जय सरस्वती माता। सद्‍गुण वैभवशालिनी, त्रिभुवन विख्याता ॥ जय. ॥ चंद्रवदनि पद्मासिनी, द्युति मंगलकारी। सोहे हंस-सवारी, अतुल तेजधारी ॥ जय. ॥ बाएं कर में वीणा, दूजे कर माला। शीश मुकुट-मणि‍ सोहे, गले मोतियन माला ॥ जय. […]

Shri ram aarti : श्री राम की आरती जगमग जगमग ज्योति जली है। राम आरती होने लगी है॥1॥ भक्ति का दीपक प्रेम की बाती। आरती करें संत दिन राती॥2॥ आनंद की सरिता उभरी है। जगमग जगमग ज्योति जली है॥3॥ कनक सिंघासन सिया समेता। बैठें राम होएं चित चेता॥4॥   बाएं […]

आरती श्री वृषभानुसुता की, मंजु मूर्ति मोहन ममता की।। त्रिविध तापयुत संसृति नाशिनि, विमल विवेक विराग विकासिनि। पावन प्रभु पद प्रीति प्रकाशिनि, सुन्दरतम छवि सुन्दरता की।। आरती श्री वृषभानुसुता की… मुनि मन मोहन मोहन मोहनि, मधुर मनोहर मूरती सोहनि।। अविरलप्रेम अमिय रस दोहनि, प्रिय अति सदा सखी ललिता की।। आरती […]

आरती बंसी वाले की साफ मन तन के काले की। आप मथुरा में जन्माएं, पिता ले गोकुल में आए।। छवि है नंद के लाले की, साफ मन तन के काले की।। आरती बंसी वाले की साफ मन तन के काले की… चेराई गौ यमुना तट पे, मुरलिया नित् बाजी वट […]

जगमग जगमग जोत जली है, मोहन आरती होन लगी है Jag Mag Jag Mag jyote jali hain Mohan Aarti Hon Lagi Hai जगमग जगमग जोत जली है, मोहन आरती होन लगी है। पर्वत खोली का सिंहासन, जाह पे मोहन लाते आसन।। वो मंदिर में देते भाषण, कला मोहन की बोहोत […]