चालीसा - बड़ी खबरें

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श्री अन्नपूर्णा चालीसा

॥ दोहा ॥विश्वेश्वर पदपदम की रज निज शीश लगाय ।अन्नपूर्णे, तव सुयश बरनौं कवि मतिलाय । ॥ चौपाई ॥नित्य आनंद करिणी माता, वर अरु अभय भाव प्रख्याता ।जय ! सौंदर्य सिंधु जग जननी, अखिल पाप हर भव-भय-हरनी । श्वेत बदन पर श्वेत बसन पुनि, संतन तुव पद सेवत ऋषिमुनि ।काशी पुराधीश्वरी माता, माहेश्वरी सकल जग […]
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श्री शनि चालीसा

दोहाजय-जय श्री शनिदेव प्रभु, सुनहु विनय महराज।करहुं कृपा हे रवि तनय, राखहु जन की लाज।। || चौपाई || जयति जयति शनिदेव दयाला । करत सदा भक्तन प्रतिपाला ॥ चारि भुजा, तनु श्याम विराजै । माथे रतन मुकुट छवि छाजै ॥ परम विशाल मनोहर भाला । टेढ़ी दृष्टि भृकुटि विकराला ॥ कुण्डल श्रवण चमाचम चमके । […]
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श्री हनुमान चालीसा | Shri hanuman chalisa

भगवान शिव के 11वें रुद्रावतार भगवान हनुमान जी ऐसे देवता है जो कलियुग में भी धरती पर विराजमान हैं। श्रीराम भक्त हनुमान जी को माता सीता ने अमरता का वरदान दिया था। कलियुग में हनुमान अकेले ऐसे देव हैं जिनकी पूजा अर्चना से वे बहुत जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं और भक्तों के सारे संकट […]
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श्री शिव चालीसा अर्थ सहित

॥दोहा॥ जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान। कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान॥ "हे गिरिजा पुत्र भगवान श्री गणेश आपकी जय हो। आप मंगलकारी हैं, विद्वता के दाता हैं, अयोध्यादास की प्रार्थना है प्रभु कि आप ऐसा वरदान दें जिससे सारे भय समाप्त हो जांए।" ॥चौपाई॥ जय गिरिजा पति दीन दयाला। सदा करत सन्तन […]
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श्री विष्णु चालीसा

।।दोहा।। विष्णु सुनिए विनय सेवक की चितलाय । कीरत कुछ वर्णन करूं दीजै ज्ञान बताय ॥ ।।चौपाई।। नमो विष्णु भगवान खरारी,कष्ट नशावन अखिल बिहारी । प्रबल जगत में शक्ति तुम्हारी,त्रिभुवन फैल रही उजियारी ॥1॥ सुन्दर रूप मनोहर सूरत,सरल स्वभाव मोहनी मूरत । तन पर पीताम्बर अति सोहत,बैजन्ती माला मन मोहत ॥2॥ शंख चक्र कर गदा […]
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श्री नवग्रह चालीसा

।। श्री नवग्रह चालीसा ।। चौपाई श्री गणपति गुरुपद कमल, प्रेम सहित सिरनाय। नवग्रह चालीसा कहत, शारद होत सहाय।। जय जय रवि शशि सोम बुध जय गुरु भृगु शनि राज। जयति राहु अरु केतु ग्रह करहुं अनुग्रह आज।। ।। श्री सूर्य स्तुति ।। प्रथमहि रवि कहं नावौं माथा, करहुं कृपा जनि जानि अनाथा। हे आदित्य […]
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श्री ब्रह्मा चालीसा

।। दोहा ।। जय ब्रह्मा जय स्वयम्भू, चतुरानन सुखमूल। करहु कृपा निज दास पै, रहहु सदा अनुकूल।। तुम सृजक ब्रह्माण्ड के, अज विधि घाता नाम। विश्वविधाता कीजिये, जन पै कृपा ललाम।। ।। चौपाई ।। जय जय कमलासान जगमूला, रहहू सदा जनपै अनुकूला। रुप चतुर्भुज परम सुहावन, तुम्हें अहैं चतुर्दिक आनन। रक्तवर्ण तव सुभग शरीरर, मस्तक […]
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श्री खाटू श्याम चालीसा

।। दोहा ।। गुरू पद पंकज ध्यान धर, सुमिर सच्चिदानन्द। श्याम चौरासी भणत हूं, रच चौपाई छन्द ।। ।। चौपाई ।। महर करो जन के सुखरामी। सांवलशाह खाटू के वासी।। प्रथम शीश चरणन में नाऊँ। कृपा दृष्टि रावरी चाहूँ।। माफ सभी अपराध कराऊँ। आदि कथा सुछन्द रच गाऊँ।। भक्त सुजन सुनकर हरषासी। सांवलशाह खाटू के […]
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श्री गायत्री चालीसा

॥दोहा॥ हीं श्रीं, क्लीं, मेधा, प्रभा, जीवन ज्योति प्रचण्ड। शांति, क्रांति, जागृति, प्रगति, रचना शक्ति अखण्ड॥ जगत जननि, मंगल करनि, गायत्री सुखधाम। प्रणवों सावित्री, स्वधा, स्वाहा पूरन काम॥ ॥चालीसा॥ भूर्भुवः स्वः ॐ युत जननी। गायत्री नित कलिमल दहनी॥१॥ अक्षर चौबिस परम पुनीता। इनमें बसें शास्त्र, श्रुति, गीता॥२॥ शाश्वत सतोगुणी सतरुपा। सत्य सनातन सुधा अनूपा॥३॥ हंसारुढ़ […]
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श्री कृष्ण चालीसा

॥दोहा॥ बंशी शोभित कर मधुर, नील जलद तन श्याम। अरुण अधर जनु बिम्बफल, नयन कमल अभिराम॥ पूर्ण इन्द्र, अरविन्द मुख, पीताम्बर शुभ साज। जय मनमोहन मदन छवि, कृष्णचन्द्र महाराज॥ जय यदुनंदन जय जगवंदन।जय वसुदेव देवकी नन्दन॥ जय यशुदा सुत नन्द दुलारे। जय प्रभु भक्तन के दृग तारे॥ जय नटनागर, नाग नथइया॥ कृष्ण कन्हइया धेनु चरइया॥ […]