सोलह सोमवार व्रत कब और कैसे करें शुरू

Solah Somvar Vart ke labh in hindi

How to start 16 somvar vrat in hindi : कोई भी व्रत (Fast) शुरू करने से पूर्व उसके प्रारम्भ मास, पक्ष, तिथि तथा विधि का ज्ञान होना अतिआवश्यक होता है । श्रावण माह (Shravan Month) में महादेव शिव (Mahadev Shiva) की पूजा-अर्चना करने का विशेष महत्व होता है क्योकि सोलह सोमवार के व्रत (16 Somvar vrat) श्रावण के प्रथम सोमवार से प्रारम्भ हो जाते है, जिन्हें रखने पर व्रती को विशेष फल की प्राप्ति होती है। भारत के प्रतिष्ठित द्वादश शिवलिंगों पर इस दिन विशेष पूजा-अर्चना का विधान है, जिसका प्राचीन काल से विशेष महत्व रहा है। खुलासा डॉट इन में जानिए सोलह सोमवार को कैसे प्रारंभ करें ।

सोमवार व्रत (16 Somvar vrat) कब करना चाहिए

सोमवार के व्रतों का प्रारम्भ श्रावण, चैत्र, वैशाख, कार्तिक या मार्गशीर्ष के महीनो के शुक्ल पक्ष के प्रथम सोमवार से ही करना चाहिए तथा इस व्रत को 5 वर्ष अथवा सोलह(16) सोमवार तक पूरी निष्ठा के साथ रखना चाहिए । चैत्र, शुक्लाष्टमी तिथि, आर्द्र नक्षत्र, सोमवार को अथवा श्रावण मास के प्रथम सोमवार को प्रारम्भ करने से इस व्रत का महत्त्व और बढ़ जाता है ।


सोमवार व्रत विधि एवं (Importance of 16 somvar vrat)

  • सोमवार व्रत रखने वाले मनुष्य चाहे वो स्त्री हो पुरुष, को प्रातः काल जल में कुछ काले तिल डालकर स्नान करना चाहिए तथा उसके बाद पूजा घर में पूरी विधि के साथ पूजा अर्चना करनी चाहिए ।
  • पूजा में श्वेत फूल, सफेद चन्दन, चावल, पंचामृत, अक्षत, पान, सुपारी, फल, गंगा जल, बेलपत्र, धतूरा-फल तथा धतूरा-फूल वस्तुओं का प्रयोग करते हुए शिव-पार्वती के साथ साथ गणेशजी, कार्तिकेय और नंदी जी की भी पूजा-अर्चना करनी चाहिए।
  • पूजा करते समय “ॐ नमः शिवाय” गणेश मंत्र  “ॐ गं गणपतये नमः ” तथा  चन्द्रमा   के बीज मन्त्र  “ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः” आदि मंत्रो की कम से कम तीन माला का जाप जरुर करना चाहिए ।
  • यह व्रत स्त्री-पुरुष दोनों एक साथ करते है तो ऐसे व्रत को श्रेष्ठकर माना जाता है।
  • सोमवार व्रत में पूजन सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक के मध्य में  कभी भी कर सकते है परन्तु सूर्योदय का पूजन श्रेष्ठ माना जाता है।
  • सोमवार व्रत में उपवास रखना अति श्रेष्ठकर माना जाता है, यदि कोई मनुष्य पूर्ण उपवास रखने में सक्षम नहीं है तो ऐसे में वो सूर्यास्त अनन्तर शिव पूजा-अर्चना करने के पश्चात  ब्राह्मण को दान-दक्षिणा दे स्वयं भोजन ग्रहण कर सकता है ।

सोमवार के व्रत (Somvar vrat) का उद्द्यापन कैसे करें

सोमवार के व्रत का उद्द्यापन उसी महीने में करना अच्छा माना जाता है जिस मास से इस व्रत का प्रारम्भ किया गया था। उद्द्यापन में दशमांश जप का हवन कर सफेद वस्तुओं जैसे चावल, श्वेत वस्त्र, दूध-दही,बर्फी चांदी तथा फलों का दान करना चाहिए।

सोमवार व्रत से लाभ (Benefits of Somvrat vrat)

  • सोमवार का व्रत देवो के देव महादेव शिव को समर्पित होते है अत: इन व्रतों की महिमा अपरम्पार है | चूँकि भगवान शिव वरदान एवं न्याय के लिए जाने जाते है अत: इन व्रतों को सच्चे मन से रखता है, महादेव उस मनुष्य की इच्छा पूर्ति अवश्य करते है ।
  • इसके अतिरिक्त इस व्रत को रखने से पारिवारिक व मानसिक शांति की भी प्राप्ति होती है।
  • सोमवार के व्रत रखने से मनुष्य को आर्थिक लाभ, सामाजिक प्रतिष्ठा, पारिवारिक शांति, वैवाहिक सुख, संतान लाभ, स्वास्थ लाभ तथा उन्नति की प्राप्ति भी होती है।
  • एक मान्यता यह भी है कि इन व्रतों को रखने से इच्छानुसार जीवनसाथी की प्राप्ति होती है ।
  • यदि किसी दम्पति के मध्य क्लेश की स्थिति बनी हुयी है तो इस व्रत को रखने से सभी आपसी क्लेश मिट जाते है।
  • प्रयासरत होने के बावजूद कार्यो में व्यवधान आ रहा है तो सोमवार का व्रत तथा पारद शिवलिंग पर जल अर्पण करने से मनुष्य के सभी कार्य सम्पन्न हो जाते है।
  • सोमवार का व्रत रख शिवलिंग को विधि पूर्वक स्नान कर उस स्थान से जल का तीन बार आचमन करने से शारीरिक, वाचिक तथा मानसकि तीनों प्रकार के पाप नष्ट हो जाते हैं।
  • इस व्रत को रखने से मनुष्य के अहंकार रुपी पाप का पतन हो जाता है व उसका मन सात्विक कार्यों में रूचि लेने लगता है ।
  • सोमवार के व्रत रखने से संतान को प्रतियोगितात्मक क्षेत्रों में सफलता मिलती है |
  • सोमवार के व्रत रखने से मनुष्य की मानसिक एकाग्रता बढती है, जिसके चलते जप और ध्यान में मन रमने लगता है ।

 

 

 

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Title: how to start solah somvar vrat in hindi in Hindi  | In Category: धर्म कर्म dharm karam

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