गुरु पूर्णिमा पर विशेष : मनुष्य को आवागमन के चक्र से मुक्ति दिलाता है गुरु

guru purnima, guru poornima, guru purnima information, Guru Purnima In hindi, vyasa purnima, Guru Purnima essay, ved vyas, vyasa, ved vyas in hindi, maharshi vyas गुरु

Importance of Guru Purnima In Hindi

‘गुरूर्ब्रह्मा गुरूर्विष्णु र्गुरूदेवो महेश्वरः।
गुरुः साक्षात परं ब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमः॥’

ईश्वर से भी ऊँचा पद अगर किसी को प्राप्त है तो वो गुरु (Guru) है और इसका कारण गुरु की महत्ता (Importance of Guru) है । शास्त्रों में भी गुरु को ही ईश्वर के विभिन्न रूपों- ब्रह्मा, विष्णु एवं महेश्वर के रूप में स्वीकृति मिली है। गुरु ही शिष्य को बनाता है नव जन्म देता है इसलिए गुरु को ब्रह्मा कहा गया । शिष्य की रक्षा करने के कारण विष्णु और शिष्य के सभी दोषों का संहार करने के कारण गुरु को महेश्वर भी कहा गया है।


आषाढ़ मास की पूर्णिमा को ही गुरू पूर्णिमा (Guru purnima) कहते हैं । गुरू पूर्णिमा वर्षा ऋतु के आरंभ में आती है तथा इस दिन गुरु की पूजा की जाती है।  परिव्राजक साधु-संत एक ही स्थान पर रहकर इस दिन से चार महीने तक ज्ञान का प्रसार करते हैं । न अधिक गर्मी और न अधिक सर्दी होने के कारण ये चार महीने मौसम की दृष्टि से सर्वश्रेष्ठ होते हैं और यही कारण अध्ययन व ज्ञान के प्रसार – प्रचार के लिए उपयुक्त माने गए हैं । जिस प्रकार सूर्य के गर्मी से तपती भूमि को वर्षा से शीतलता एवं फसल पैदा करने की शक्ति मिलती है, ऐसे ही गुरु के चरणों में उपस्थित साधकों को ज्ञान, शांति, भक्ति और योग शक्ति  की प्राप्ति होती है।

महाभारत के रचयिता कृष्ण द्वैपायन व्यास जी का जन्मदिन भी गुरु पूर्णिमा (Guru purnima) के दिन ही मनाया  है तथा उनके सम्मान में गुरु पूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा नाम से भी जाना जाता है । उन्होंने चारों वेदों की रचना की थी इसी कारण उन्हें वेद व्यास भी कहा जाता है। वे संस्कृत के प्रकांड विद्वान थे इसलिए इन्हें आदिगुरु भी कहा जाता है । भक्तिकाल के संत व कबीरदास के शिष्य घीसादास का भी जन्म भी इसी दिन हुआ था ।

सभी शास्त्रों  में गुरु महिमा (Guru Mahima) की प्रशंसा की गयी है । ईश्वर के अस्तित्व में मतभेद हो सकता है, परन्तु गुरु के लिए कोई मतभेद आज तक सुनने में नही आया । सभी धर्मों और सम्प्रदायों ने गुरु की महत्ता की माना है। प्रत्येक गुरु ने दूसरे गुरुओं को आदर-प्रशंसा एवं पूजा सहित पूर्ण सम्मान दिया है ।

शास्त्रों के अनुसार गु का अर्थ “अंधकार या मूल अज्ञान” और रु का का अर्थ “निरोधक” । यही कारण है कि गुरु को गुरु कहा जाता है क्योंकि गुरु अज्ञान अंधकार से अपने शिष्य को प्रकाश की ओर ले जाते है। एक श्लोक द्वारा गुरु तथा देवता में समानता करते हुए  कहा गया है कि गुरु के लिए भी वैसी ही भक्ति की आवश्यकता होती है जैसी भक्ति की देवताओ के लिए । सत्य तो यह है कि गुरु की कृपा के बिना कुछ भी संभव नहीं है,  सद्गुरु की कृपा से ही ईश्वर का साक्षात्कार संभव है।

पुरे भारत में गुरू पूर्णिमा का पर्व (Guru purnima festival) बड़ी श्रद्धा व धूमधाम से मनाया जाता है। प्राचीन काल में जब विद्यार्थी गुरु के आश्रम में निःशुल्क शिक्षा ग्रहण करता था तो इसी दिन श्रद्धा भाव से प्रेरित होकर अपने गुरु का पूजन करके उन्हें अपनी शक्ति सामर्थ्यानुसार दक्षिणा देकर कृतकृत्य होता था। आज भी इसका महत्व कम नहीं हुआ है। पारंपरिक रूप से शिक्षा देने वाले विद्यालयों में, संगीत और कला के विद्यार्थियों में आज भी यह दिन गुरू को सम्मानित करने का होता है । इस पावन पर्व पर मंदिरों में पूजा होती है, पवित्र नदियों में स्नान होते हैं, जगह जगह भंडारे होते हैं और मेले लगते हैं ।

सभी कर्म, उपासनाएँ, व्रत और अनुष्ठान, धनोपार्जन आदि करने के पश्चात भी जब तक शिष्य सदगुरु की कृपा के काबिल नहीं बनता, तब तक सब कर्म, उपासनाएँ, पूजाएँ अधुरी रह जाती हैं । देवी-देवताओं की पूजा के बाद भी कोई पूजा शेष रह सकती है परन्तु  सदगुरु की पूजा के बाद कोई पूजा शेष नही रहती ।

गुरु प्रत्येक शिष्य के अंतःकरण में निवास कर के अंतःकरण के अंधकार को दूर करते हैं। इस दुःख रुप संसार में गुरुकृपा ही एक ऐसा अमूल्य खजाना है जो मनुष्य को आवागमन के कालचक्र से मुक्ति दिला सकता है ।

 

आपके बार बार डिप्रेशन में जाने का कारण कहीं आपकी कुंडली के ग्रह तो नहीं

कौन है मां कैला देवी, जानिए कैला देवी के मंदिर के बारे में

जानिए कुंडली के किस भाव का शनि देता है कैसा फल

कौन-सी धातु होती है किस राशि के लिए भाग्यशाली, जानिये

कर्ज लेने व देने से पूर्व रखें इन बातो का ध्यान, नहीं होगी परेशानी

 


 

Read all Latest Post on धर्म कर्म dharm karam in Hindi at Khulasaa.in. Stay updated with us for Daily bollywood news, Interesting stories, Health Tips and Photo gallery in Hindi
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए khulasaa.in को फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें
Title: importance of guru purnima in hindi guru poornima guru purnima information in Hindi  | In Category: धर्म कर्म dharm karam

Next Post

अदम गोंडवी हिंदी गजल : हममें कोई हूण, कोई शक, कोई मंगोल है  

Fri Jul 27 , 2018
हममें कोई हूण, कोई शक, कोई मंगोल है दफ़्न है जो बात, अब उस बात को मत छेड़िए ग़र ग़लतियाँ बाबर की थीं; जुम्मन का घर फिर क्यों जले ऐसे नाज़ुक वक़्त में हालात को मत छेड़िए हैं कहाँ हिटलर, हलाकू, जार या चंगेज़ ख़ाँ मिट गए सब, क़ौम की […]
Adam Gondvi Hindi Gazal Hamme koi hun koi shaq koi mangol haiAdam Gondvi Hindi Gazal Hamme koi hun koi shaq koi mangol hai

All Post


Leave a Reply

error: खुलासा डॉट इन khulasaa.in, वेबसाइट पर प्रकाशित सभी लेख कॉपीराइट के अधीन हैं। यदि कोई संस्था या व्यक्ति, इसमें प्रकाशित किसी भी अंश ,लेख व चित्र का प्रयोग,नकल, पुनर्प्रकाशन, खुलासा डॉट इन khulasaa.in के संचालक के अनुमति के बिना करता है , तो यह गैरकानूनी व कॉपीराइट का उल्ल्ंघन है। यदि कोई व्यक्ति या संस्था करती हैं तो ऐसा करने वाला व्यक्ति या संस्था पर खुलासा डॉट इन कॉपी राइट एक्त के तहत वाद दायर कर सकती है जिसका सारे हर्जे खर्चे का उत्तरदायी भी नियम का उल्लघन करने वाला व्यक्ति होगा।