पंचांग 15 दिसंबर 2020 के अनुसार आज मार्गशीर्ष मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि है. आज सूर्य का गोचर धनु राशि में हो रहा है. इसे सूर्य संक्रांति कहा जाता है. राहु काल में शुभ कार्य न करें. आज गण्ड योग है. दिशा शूल उत्तर पूर्व है. आइए जानते हैं आज का पंचांग-

विक्रमी संवत्: 2077
मास अमांत: मार्गशीर्ष
मास पूर्णिमांत: मार्गशीर्ष
पक्ष: शुक्ल
वार: मंगलवार
तिथि: प्रतिपदा – 19:08:40 तक
आज का व्रत और पर्व: धनु संक्रांति
नक्षत्र: मूल – 21:31:29 तक
करण: किन्स्तुघ्ना – 08:25:40 तक, बव – 19:08:40 तक
योग: गण्ड – 21:30:38 तक
सूर्योदय: 07:06:32 AM
सूर्यास्त: 17:26:25 PM
सूर्य राशि: धनु
सूर्य नक्षत्र: ज्येष्ठा
चन्द्रमा: धनु राशि
द्रिक ऋतु: हेमंत
वैदिक ऋतु: हेमंत
राहुकाल: 14:51:27 से 16:08:56 तक (इस काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है)

शुभ मुहूर्त का समय – अभिजीत मुहूर्त: 11:55:49 से 12:37:08 तक
दिशा शूल: उत्तर
अशुभ मुहूर्त का समय –
दुष्टमुहूर्त: 09:10:30 से 09:51:50 तक
कुलिक: 13:18:28 से 13:59:48 तक
कालवेला / अर्द्धयाम: 09:10:30 से 09:51:50 तक
यमघण्ट: 10:33:10 से 11:14:29 तक
कंटक: 07:47:51 से 08:29:11 तक
यमगण्ड: 09:41:30 से 10:58:59 तक
गुलिक काल: 12:16:28 से 13:33:58 तक

पंचांग के पांच अंग  तिथि

हिन्दू काल गणना के अनुसार ‘चन्द्र रेखांक’ को ‘सूर्य रेखांक’ से 12 अंश ऊपर जाने के लिए जो समय लगता है, वह तिथि कहलाती है। एक माह में तीस तिथियां होती हैं और ये तिथियां दो पक्षों में विभाजित होती हैं। शुक्ल पक्ष की आखिरी तिथि को पूर्णिमा और कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि अमावस्या कहलाती है। तिथि के नाम – प्रतिपदा, द्वितीया, तृतीया, चतुर्थी, पंचमी, षष्ठी, सप्तमी, अष्टमी, नवमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी, चतुर्थदशी, अमावस्या/पूर्णिमा।

नक्षत्र: आकाश मंडल में एक तारा समूह को नक्षत्र कहा जाता है। इसमें 27 नक्षत्र होते हैं और नौ ग्रहों को इन नक्षत्रों का स्वामित्व प्राप्त है। 27 नक्षत्रों के नाम – अश्विन नक्षत्र, भरणी नक्षत्र, कृत्तिका नक्षत्र, रोहिणी नक्षत्र, मृगशिरा नक्षत्र, आर्द्रा नक्षत्र, पुनर्वसु नक्षत्र, पुष्य नक्षत्र, आश्लेषा नक्षत्र, मघा नक्षत्र, पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र, उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र, हस्त नक्षत्र, चित्रा नक्षत्र, स्वाति नक्षत्र, विशाखा नक्षत्र, अनुराधा नक्षत्र, ज्येष्ठा नक्षत्र, मूल नक्षत्र, पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र, श्रवण नक्षत्र, घनिष्ठा नक्षत्र, शतभिषा नक्षत्र, पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र, उत्तराभाद्रपद नक्षत्र, रेवती नक्षत्र।

वार: वार का आशय दिन से है। एक सप्ताह में सात वार होते हैं। ये सात वार ग्रहों के नाम से रखे गए हैं – सोमवार, मंगलवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार, शनिवार, रविवार।

योग: नक्षत्र की भांति योग भी 27 प्रकार के होते हैं। सूर्य-चंद्र की विशेष दूरियों की स्थितियों को योग कहा जाता है। दूरियों के आधार पर बनने वाले 27 योगों के नाम – विष्कुम्भ, प्रीति, आयुष्मान, सौभाग्य, शोभन, अतिगण्ड, सुकर्मा, धृति, शूल, गण्ड, वृद्धि, ध्रुव, व्याघात, हर्षण, वज्र, सिद्धि, व्यातीपात, वरीयान, परिघ, शिव, सिद्ध, साध्य, शुभ, शुक्ल, ब्रह्म, इन्द्र और वैधृति।

करण: एक तिथि में दो करण होते हैं। एक तिथि के पूर्वार्ध में और एक तिथि के उत्तरार्ध में। ऐसे कुल 11 करण होते हैं जिनके नाम इस प्रकार हैं – बव, बालव, कौलव, तैतिल, गर, वणिज, विष्टि, शकुनि, चतुष्पाद, नाग और किस्तुघ्न। विष्टि करण को भद्रा कहते हैं और भद्रा में शुभ कार्य वर्जित माने गए हैं।

Also Read: Horoscope Today 15 December 2020 Dainik Rashifal Daily Horoscope Aaj Ka Rashifal Astrology Today In Hindi

 

Read all Latest Post on खेल sports in Hindi at Khulasaa.in. Stay updated with us for Daily bollywood news, Interesting stories, Health Tips and Photo gallery in Hindi
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए khulasaa.in को फेसबुक और ट्विटर पर ज्वॉइन करें