Rahu in Fourth House in Hindi

वैदिक ज्योतिष में कुंडली के चौथे घर को मातृस्थान कहा जाता है। इस भाव से जातक को प्राप्त होने वाले मातृसुख, गृह सुख, वाहन का सुख, मित्र, पेट के रोग और मानसिक स्थिति का विचार किया जाता है। खुलासा डॉट इन में जानते हैं राहु के चौथे भाव में होने के फल।

जन्मकुंडली के चौथे भाव में स्थित राहु आमतौर पर जातक को शुभ परिणाम देता है। यहां स्थित राहु जहां एक ओर जातक को साहसी बनाता है वहीं उसे राजसत्ता के माध्यम से सुख प्रदान करता है। चौथे भाव में स्थित राहु जातक को राजा का प्रिय पात्र भी बना सकता है। ऐसे जातकों को माता का पूर्ण सुख प्राप्त होता है और जातक के पास विभिन्न प्रकार के वस्त्र और आभूषण होते हैं। यहां स्थित राहु जातक को प्रशासनिक व्यक्तियों के माध्यम से विभिन्न प्रकार के लाभ कराने में सहायक होता है।

कुंडली के चतुर्थ भाव में राहु स्थित होने पर जातक सैर सपाटे का शौकीन होता है और देश विदेश में घूमने के अवसर दिलाता है। ऐसे जातकों को अपनी जन्मभूमि में रहने के अवसर सामान्यता कम ही प्राप्त होते हैं। चौथे भाव का राहु वयक्ति की उन्नति में विभिन्न प्रकार की रुकावटें उत्पन्न करता है और कठिन परिश्रम और मेहनत के बाद ही जातक को सफलता प्राप्त हो पाती है। वैदिक ज्योतिष में चतुर्थ भाव के राहु को सरकारी नौकरी और साझेदारी के कामों के लिए अच्छा परिणाम देने वाला बताया गया है।

कुंडली के चौथे भाव का राहु कई बार जातक के दो या ज्यादा विवाह का कारण भी हो सकता है। ऐसे जातक का कई लोगों से आंतरिक लगाव भी हो सकता है। ऐसे जातकों का जीवनसाथी विपरीत स्थितियों में उसका पूरा सहयोग करता है। इस भाव में स्थिति राहु होने से जातक के पुत्रों की संभावना कम ही होती है। 36वें वर्ष से लेकर 56 वें तक जातक का भाग्य उसका पूरा साथ देता है।

कुंडली के चतुर्थ भाव में राहु अगर अशुभ प्रभाव दे रहा हो तो यह जातक को कई प्रकार की मानसिक परेशानियां भी देता है। ऐसे जातकों के पास हर प्रकार की सुख सुविधा होने के बाद भी जातक किसी न किसी बात को लेकर अशांत बना रहता है और बेमतलब की चिंताओं में अपनी रातों की नींद खराब करता है।

 

Read all Latest Post on खेल sports in Hindi at Khulasaa.in. Stay updated with us for Daily bollywood news, Interesting stories, Health Tips and Photo gallery in Hindi
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए khulasaa.in को फेसबुक और ट्विटर पर ज्वॉइन करें