Shani in 1st house in hindi | जन्मकुंडली के प्रथम भाव में स्थित शनि का फल (Saturn in First House in birthchart)

Shani (Saturn) first house in Birthchart in hindi

Shani in 1st house in hindi : जन्मकुंडली का पहला भाव जिसे लग्न (Lagan) भी कहा जाता है। यह किसी जातक की शरीरिक आकृति, उसके स्वभाव और उसके व्यक्तित्व के बारे में इंगित करता है। ज्योतिषीय ग्रंथों (Vedic astrology) में लग्न को व्यक्ति की आत्मा कहा गया है। माना जाता है कि जन्म कुंडली (Birthchart) में लग्न को देखकर किसी भी जातक के गुण, अवगुण, जातक के प्रारंभिक जीवन उसके जीवन में आने वाले सुख व दुख, जातक की नेतृत्व शक्ति व उसके आत्मबल के बारे में पता लगाया जा सकता है। शनि (Shani) को सभी ग्रहों में न्यायाधीश का पद प्राप्त है। जानिए खुलासा डॉट इन में जातक के प्रथम भाव (लग्न) में शनि (Shani) स्थित होने पर जातक को कैसा फल देते हैं।

कुंडली के प्रथम भाव में शनि का फल (Shani in 1st house in Birthchart)

ज्योतिषीय ग्रंथों में लग्न को किसी भी जातक की आत्मा कहा गया है इसीलिए लग्न में बैठे हुए शनि जहां एक ओर जातक को बहुत अच्छे परिणाम देते हैं वहीं प्रथम भाव में बैठे हुए शनि के कुछ दुष्प्रभाव भी बताए गए हैं।


माना जाता है कि यदि किसी जातक की कुंडली के प्रथम भाव में शनि (Shani in first house) हो तो व्यक्ति न्यायप्रिय होता है। ऐसे जातकों को अधिकतर अकेला रहना भाता है। ऐसे जातकों का व्यक्तित्व बहुत प्रभावशाली होता है और कोई भी व्यक्ति जल्दी ही इनके प्रभाव में आ जाता है।

जन्मकुंडली के प्रथम भाव में स्थित शनि का फल (Saturn in First House in birthchart) Shani (Saturn) first house in Birthchart in hindi
जन्म कुंडली में लग्न में शनि होने के फल

 

कुंडली के पहले भाव में स्थित शनि (First house Shani) के बारे में कहा जाता है कि ऐसा जातक राजाओं जैसे स्वभाव वाला, हठी, दृढ़ निश्चयी और काफी हद तक उदासीन भी होता है। शनि की यह स्थिति जातक के जीवन काल के प्रांरभिक दिनों में संघर्ष तो दर्शाती है, लेकिन जैसे जैसे जातक की उम्र बढ़ती जाती है जातक निरंतर प्रगति के मार्ग पर बढ़ता जाता है।

प्रथम भाव में स्थित शनि के बारे में कहा गया है कि ऐसे जातकों के शत्रु खुद ही नष्ट हो जाते हैं, वे चाहे कितने भी बलशाली हो पर जातक से कभी नहीं जीत पाते। कुंडली के पहले घर में शनि होने पर जातक में नेतृत्व की क्षमता कूट कूट कर भरी होती है जिससे जातक किसी गांव, नगर या किसी संस्थान का मुखिया भी हो सकता है।

वैदिक ज्योतिष (Vedic astrology) में यहां स्थित शनि के बारे में कहा जाता है कि यह व्यक्ति को कुटिल और आलसी बनाती है। ऐसा व्यक्ति बेकार के विवादों में फंसकर अपना समय और पैसा दोनों बर्बाद करता है। शनि (Shani) के यह स्थिति जातक को कई तरह के वातजनित रोग होने की भी संभावना प्रकट करती है।

 

कुंडली के अन्य भावों में शनि (Shani) का फल देखें

 

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Title: shani saturn first house in birthchart in hindi in Hindi  | In Category: ज्योतिष jyotish

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