गणेश चतुर्थी जिसे विनायक चतुर्थी भी कहा जाता है सनातन धर्म में एक बहुत ही महत्वपूर्ण त्यौहार माना जाता है। यह पर्व अगस्त मध्य से सितम्बर मध्य में पूरे भारत वर्ष में धूमधाम से मनाया जाता है। विशेषकर पश्चिम भारत के महाराष्ट्र में गणेश चतुर्थी को बहुत ही भव्यता एवं […]

यूं तो भारत भर में विभिन्न जगहों पर देवी-देवताओं के मंदिर हैं, और जगह-जगह भिन्न-भिन्न प्रकार के देवी-देवताओं की पूजा की जाती है। मगर शायद आपको जानकर हैरानी हो कि छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के खपरी गांव में एक ऐसा भी मंदिर है जहां कुत्ते की पूजा की जाती है। […]

नई दिल्ली। आज सावन का पहला सोमवार है। पचास वर्षों के बाद पहली बार ऐसे संयोग बन रहे हैं जिसमें इस महीने सोमवार को पूजन से शिव की विशेष कृपा बहुत जल्दी प्राप्त हो सकती है। जिससे आय, नौकरी, मानसिक क्लेश और कई तरह की परेशानियों से मुक्ति पाई जा […]

वास्तुशास्त्र के पांच आधारभूत तत्व हैं- पृथ्वी, वायु, जल, अग्नि और आकाश। इन पांच तत्वों के बीच समन्वय स्थापित करना और इनकी गुणवत्ता का परिवार या व्यवसाय की समृद्धि के लिए ठीक ढंग से इस्तेमाल करना ही वास्तु सलाहकार का काम होता है। इन पांच तत्वों में से किसी एक […]

देवगुरु बृहस्पति 12 सालों के बाद एक बार फिर 19 जून को कर्क में प्रवेश कर रहे हैं। आप को बता दें कि गुरु कर्क राशि में उच्च हो जाते हैं और  गुरु एक पूरी सदी में गुरु लगभग आठ बार उच्चराशिगत रहते हैं । इससे पहले ये जुलाई 2002 […]

सागर मंथन के बाद जब देवताओं और असुरों को चैदहवें रत्न के रूप में अमृत की प्राप्ति हुई तो उस पर अधिकार जमाने के लिए होड़ लग गई। इस मौके पर शची-देवराज पुत्र जयंत अमृत कलश को लेकर भागने लगा। उसे पकड़ने के लिए असुर भी दौड़े। इस छीना झपटी […]

जब हम किसी बंगले, आॅफिस काॅम्लेक्स या हाउसिंग सोसायटी में प्रवेश करते हैं तब मुख्यद्वार के आसपास का वातावरण हमारे मन पर एक विशेष प्रकार का प्रभाव अंकित कर देता है जो हमारे चित्त पर भवन के भीतरी संरचना एवं वातावरण के काल्पनिक चित्र की रचना करता है। वास्तुशास्त्र में […]

माहे रमजान को नेकियों का मौसमे ‘बहार’ कहा गया है। जिस तरह मौसमे बहार में हर तरफ सब्ज़ ही सब्ज़ नजर आता है। हर तरफ रंग-बिरंगे फूल नजर आते हैं। इसी तरह रमजान में भी नेकियों पर बहार आई होती है। जो शख्स आम दिनों में इबादतों से दूर होता […]

मेरी सारी निष्ठा व्यक्ति में हैः समाज में नहीं, राष्ट्र में नहीं, अतीत में नहीं, भविष्य में नहीं। मेरी सारी निष्ठा वर्तमान में है और व्यक्ति में है। क्योंकि व्यक्ति ही रूपांतरित होता है, समाज रूपांतरित नहीं होते। क्रांति व्यक्ति में होती है, क्योंकि जीवन के पास आत्मा है। जहां […]

  रामनवमी राजा दशरथ के पुत्र भगवान राम की स्मृति को समर्पित है। उसे मर्यादा पुरूषोतम कहा जाता है तथा वह सदाचार का प्रतीक है। यह त्यौहार शुक्ल पक्ष की 9वीं तिथि जो अप्रैल में किसी समय आती है, को राम के जन्म दिन की स्मृति में मनाया जाता है। […]