Mysterious life of Aghori in India : हिंदू धर्म का एक संप्रदाय  अघोर पंथ (Aghor Panth) भी है तथा इसका पालन करने वालों को अघोरी (Aghori)  कहते हैं। अघोर पंथ की उत्पत्ति के काल के बारे में अभी तक कोई निश्चित प्रमाण नहीं हैं, मगर इन्हें कपालिक संप्रदाय के समकक्ष […]

Chaitra Navratri 2019 सनातन धर्म में नवरात्र (Navratri 2019) माता भगवती की पूजा अर्चना करने का श्रेष्ठ समय होता है। पूरे भारत में नवरात्रि (Navratri) विशेष हर्षोल्लास से मनाया जाता है। पुराणों में भी नवरात्र की महिमा का बखान किया गया है। यूं तो वर्ष भर में चार नवरात्रें चैत्र, आषाढ़, […]

प्रकृति के साथ हमारी चेतना के अंदर व्याप्त सतोगुण, रजोगुण और तमोगुण के उत्सव को ही नवरात्र कहते हैं। 9 दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में पहले तीन दिन तमोगुणी प्रकृति की, दूसरे तीन दिन रजोगुणी और आखरी तीन दिन सतोगुणी प्रकृति की आराधना की जाती है, जिसका अपना […]

विश्व में भारत आस्था, धर्म और आध्यात्मिकता के लिए जाना जाता है। भारत में कई ऐसे रहस्यमयी मंदिर व धार्मिक स्थल है, जहां भारत से ही नहीं वरन अन्य देशों से भी लाखों लोग दर्शन करने के लिए आते रहते हैं। इन मंदिरों की धार्मिक महत्ता तो है ही, साथ […]

Guru Brihaspati Dev Aarti जय बृहस्पति देवा, ऊँ जय बृहस्पति देवा । छि छिन भोग लगाऊँ, कदली फल मेवा ॥ तुम पूरण परमात्मा, तुम अन्तर्यामी । जगतपिता जगदीश्वर, तुम सबके स्वामी ॥ चरणामृत निज निर्मल, सब पातक हर्ता । सकल मनोरथ दायक, कृपा करो भर्ता ॥ तन, मन, धन अर्पण […]

Rahu in Twelvth House in Hindi वैदिक ज्योतिष में कुंडली के बारहवें भाव को व्यय भाव भी कहा जाता है। इस भाव से जातक पर होने वाले कर्जे, नुकसान, परदेश गमन, सन्यास, अनैतिक आचरण, व्यसन गुप्त शत्रु, आत्महत्या, जेल यात्रा और मुकदमेबाजी का भी विचार किया जाता है। कुंडली के […]

Rahu in Eleventh House in Hindi वैदिक ज्योतिष में कुंडली के एकादश भाव को लाभ कहा जाता है। इस भाव से जातक को जीवन में प्राप्त होने वाली धन संपदा, लाभ, आय उसके मित्र, बहू, जंवाई, भेट उपहार और विभिन्न तरीकों से होने वाली आय के बारे में पता चलता […]

Rahu in Tenth House in Hindi वैदिक ज्योतिष में जन्मकुंडली के दशम स्थान को कर्मस्थान कहा जाता है। इस भाव से जातक को मिलने वाले पितृसुख, नौकरी व्यवसाय, शासन से लाभ, घुटनों के दर्द, सासु मां और जातक की मान सम्मान का पता चलता है। वैदिक ज्योतिष में माना जाता […]

वैदिक ज्योतिष में जन्मकुंडली के नवम भाव को भाग्यस्थान भी कहा जाता है, इस भाव से जातक की आध्यात्मिक प्रगति, भाग्योदय, जातक की बुद्धिमत्ता, गुरू व परदेश गमन को देखा जाता है। कुंडली का नवम भाव पुस्तक लेखन, तीर्थ यात्रा, भाई की पत्नी और जातक के दूसरे विवाह के बारे […]

Rahu in Eighth House in Hindi वैदिक ज्योतिष में जन्मकुंडली के अष्टम भाव को मृत्यु स्थान कहा जाता है। इस भाव से जातक के आयु निर्धारण, जातक को प्राप्त होने वाले दुख, उसकी आर्थिक स्थिति, मानसिक क्लेश, जननांगों के विकार और जातक के जीवन में आने वाले अचानक संकटों का […]