देवों के देव महादेव की अाराधना का महीना है सावन

देवों के देव महादेव की अराधना का महीना है सावन Shravan Month Special|importance of Lord shiva worship in shravan month

श्रावण मास में शिव पूजन का विशेष फल बतलाया गया है। शास्त्रों में भी इस माह का विशेष बताया गया है। शास्त्रों के अनुसार सावन माह शिव का माह है इस महीने में भगवान विष्णु पाताल लोक में रहते हैं और सारी सृष्टि का पालन भगवान शिव ही देखते हैं। इसलिए इन दिनों भगवान शिव की पूजा अपेक्षाकृत जल्दी फलदायी होती है।

सावन में शिवलिंग की पूजा की जाती है और रुद्राभिषेक करने से भी इस माह में शिव की कृपा प्राप्त होती है। अभिषेक कराने के बाद बेलपत्र, शमीपत्र, कुशा तथा दूब आदि से शिवजी को प्रसन्न करते हैं और अंत में भांग, धतूरा तथा श्रीफल भोलेनाथ को भोग के रूप में समर्पित किया जाता है। इस माह में लोगों को एक दूसरे के साथ आत्मीयता का भाव रखना चाहिए और अच्छा व्यवहार करना चाहिए। जैसे भगवान शिव के साथ शिवगण, रुद्रगण, भूत प्रेत सांप जैसे जहरीले जीव एक साथ रहते हैं वैसे हमें भी सभी प्रकार के लोगों को साथ लेकर चलना चाहिए और सबसे अच्छा व्यवहार करना चाहिए।


पौराणिक कथा

कहा जाता है कि सती ने अपने पिता दक्ष के व्यवहार से कुपित होकर उनके यज्ञकुंड में कूदकर अपना शरीर त्याग दिया था उसके बाद सती ने हिम नरेश हिमावन और रानी मैना के घर में पुत्री के रूप में जन्म लिया। इस जन्म में शिव को प्राप्त करने के लिए पार्वती ने सावन माह में ही घोर तप किया, जिससे प्रसन्न होकर उनका विवाह शिव से हो पाया। कहा जाता है कि सर्वप्रथम माता पार्वती ने ही सावन माह में सोमवार के व्रत रखें तभी से लोग अपनी मनोवांछित इच्छाओं की पूर्ति के लिए सावन माह में सोमवार को व्रत रखते हैं।

सावन माह में शिव पूजन विशेष फलदायी

शास्त्रों में कहा गया है कि सावन माह में प्रत्येक सोमवार को शिव की पूजा करनी चाहिए। इसी माह में रूद्राभिषेक से भी शिव को प्रसन्न किया जा सकता है। इस माह में मांस मदिरा, प्याज लहसून का प्रयोग नहीं करना चाहिए। कहा जाता है कि इस माह में दूध का सेवन करना भी सेहत के लिए ठीक नहीं होता इसलिए इस माह में शिवलिंग पर दूध अर्पित करना चाहिए।

[wp_ad_camp_2]

 

गुरुपूर्णिमा: गुरु दिलाता है आमवागमन के चक्र से मुक्ति

गरुण पुराण की सजा: ऐसे ऐसे नरक जानकर दहल जाएगा दिल

शनि कथा: शनिदेव के बारे में जानिए विस्तार से

दसमहाविद्याओं की साधना के लाभ जानिए

जन्मकुंडली के अलग अलग भावों में शनि का फल

 

 

Read all Latest Post on धर्म कर्म dharm karam in Hindi at Khulasaa.in. Stay updated with us for Daily bollywood news, Interesting stories, Health Tips and Photo gallery in Hindi
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए khulasaa.in को फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें
Title: shravan month special importance of lord shiva worship in shravan month in Hindi  | In Category: धर्म कर्म dharm karam

Next Post

सोए हुए भारत को जगाया था स्वामी विवेकानन्द ने

Sat Aug 4 , 2018
स्वामी विवेकानन्द की जीवनी स्वामी विवेकानन्द का जन्म 12 जनवरी सन् 1863 को कोलकाता में हुआ था। उनके बचपन का नाम नरेन्द्रनाथ दत्त था। पिता विश्वनाथ दत्त कलकत्ता हाईकोर्ट के एक प्रसिद्ध वकील थे। विश्वनाथ दत्त पाश्चात्य सभ्यता में विश्वास रखते थे। वे अपने पुत्र नरेन्द्र को भी अँग्रेजी पढ़ाकर […]
Swami vivekananda biography : स्वामी विवेकानन्द का जीवन परिचय - ने swami vivekananda success story in hindi | स्वामी विवेकानन्द | Life of vivekananda

Leave a Reply