कौन है मां कैला देवी, जानिए Kaila Devi के मंदिर के बारे में

who is maa kela devi| kaila Devi temple devi kaila devi temple in Karauli Rajasthan state-1

Kaila Devi Temple History & Story in Hindi : जिला करौली, राजस्थान में स्थित कैला देवी मन्दिर (Kaila Devi temple) हिन्दुओं की आस्था का केंद्र है, जो कि अरावली की पहाड़ियों में कालीसील नदी के तट पर स्थित है। आपको बता दें कि कालीसील नदी, बनस नदी की उपनदी है । यह मंदिर देवी कैला (Kaila) अर्थात दुर्गा देवी (Durga Maa) को समर्पित है तथा इसका निर्माण राजपूत शासकों ने करवाया था, जो कि उत्तर भारत के प्रमुख शक्तिपीठ (Shaktipeeth) में से एक है। आइए खुलासा डॉट इन में जानते हैं कैला देवी मंदिर के बारे में विस्तार से।

ख्वाजा गरीब नवाज जहां होती है हर मुराद पूरी

सफ़ेद संगमरमर और लाल पत्थर से बने इस मंदिर का आंगन बहुत बड़ा है तथा यहाँ चांदी की चौकी पर स्वर्ण छतरियों के नीचे दो प्रतिमाएं हैं, जिनमे से बाईं ओर रखी प्रतिमा का मुंह कुछ टेढ़ा है, यही कैला मइया की प्रतिमा है तथा इसके बगल में रखी प्रतिमा चामुंडा देवी की है। कैला देवी (Kaila Devi) की आठ भुजाएं हैं। इसके अतिरिक्त मंदिर के आँगन में भैरों को समर्पित एक छोटा सा मंदिर भी है तथा  यहाँ एक हनुमान मंदिर (Hanuman Mandir) भी स्थित हैं, जिसे स्थानीय लोग ‘लंगुरीया’ कहकर पुकारते हैं ।


 

कौन है मां कैला देवी, जानिए कैला देवी के मंदिर के बारे में who is maa kaila devi kaila devi temple in Karauli Rajasthan state
Kaila Devi Temple History & Story in Hindi

कहा जाता है कि माता कैला देवी (Kaila Devi) के एक परम भक्त ने माँ के दर्शन करने के बाद वहां जल्दी लौट आने का कहके चला गया था, मगर वो कभी लौट के नहीं आया और माता आज भी अपने उस भक्त के इंतजार में है तथा उसी दिशा में देख रही है, जिस तरफ से वो भक्त गया था और यही कारण है कि माँ का मुह आज भी टेढ़ा है ।

तमिलनाडु का गोल्डन टेम्पल जहां लगा है 1500 किलो सोना

चैत्र माह यानी कि मार्च-अप्रैल के महीने में इस मंदिर में वार्षिकोत्सव का आयोजन किया जाता है। यहाँ आने वाले अधिकांश भक्त मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश राज्यों के निवासी होते हैं । चैत्र मास में कई किलोमीटर की पदयात्रा और कड़क दंडवत करते हुए श्रद्धालु अपनी आस्था का परिचय देते हैं ।

 

कौन है मां कैला देवी, जानिए कैला देवी के मंदिर के बारे में who is maa kaila devi kaila devi temple in Karauli Rajasthan state
Kela  Devi Temple History & Story in Hindi

कहा जाता है कि द्वापर युग में कंस की कारागार में उत्पन्न हुई कन्या ही कैला देवी है, जिन्हें  राक्षसों के सर्वनाश कर समाज की रक्षा के लिए एक तपस्वी ने पुकारा था और उस दिन के बाद से यहाँ आने भक्तों की सभी मुरादे पूरी होती हैं। यहाँ पूरे साल भक्तो की भीड़ माँ के दर्शन के लिए आती है ।

 

Kaila Devi Yatra – Jai Karauli Maa राजस्थान के कैला देवी मंदिर का ऐसा रहस्य, जिसे सुनते ही हो जाएंगे दंग | Mystery of Kaila Devi mandir

 

 


इन मंदिरों में प्रवेश करने से डरते हैं लोग

टांगीनाथ धाम जहां परशुराम आज भी करते हैं निवास

एक ऐसा हनुमान मंदिर जहां आज भी गूंज रही है रामधुन

 

Read all Latest Post on धर्म कर्म dharm karam in Hindi at Khulasaa.in. Stay updated with us for Daily bollywood news, Interesting stories, Health Tips and Photo gallery in Hindi
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए khulasaa.in को फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें
Title: who is maa kaila devi kaila devi temple in karauli rajasthan state in Hindi  | In Category: धर्म कर्म dharm karam

Next Post

Janmashtami 2019: क्या है जन्माष्टमी की सही तारीख, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, महत्व और श्रीकृष्ण कथा विस्तार से

Wed Aug 21 , 2019
जन्माष्टमी (Janmashtami) हिंदुओं का एक प्रमुख त्योहार है। सनातन धर्म की मान्यताओं के अनुसार भगवान विष्णु (Bhagwan Vshnu) के आठवें अवतार के रूप में जन्में श्रीकृष्ण (Shri Krishan) भगवान के जन्म के उपलक्ष्य में प्रत्येक वर्ष सभी लोग धूमधाम से जन्माष्टमी (Janmashtami) का पर्व मनाते हैं। इस साल तिथि के […]
Janmashtami 2019 Date Time Importance Significance Krishna Janmashtami Shubh Muhurat Puja Vidhi Shri Krishna birth story

All Post


Leave a Reply

error: खुलासा डॉट इन khulasaa.in, वेबसाइट पर प्रकाशित सभी लेख कॉपीराइट के अधीन हैं। यदि कोई संस्था या व्यक्ति, इसमें प्रकाशित किसी भी अंश ,लेख व चित्र का प्रयोग,नकल, पुनर्प्रकाशन, खुलासा डॉट इन khulasaa.in के संचालक के अनुमति के बिना करता है , तो यह गैरकानूनी व कॉपीराइट का उल्ल्ंघन है। यदि कोई व्यक्ति या संस्था करती हैं तो ऐसा करने वाला व्यक्ति या संस्था पर खुलासा डॉट इन कॉपी राइट एक्त के तहत वाद दायर कर सकती है जिसका सारे हर्जे खर्चे का उत्तरदायी भी नियम का उल्लघन करने वाला व्यक्ति होगा।