मोदीनगर, 14 जनवरी (एजेंसी)। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे से प्रभावित किसानों ने एनएचएआई के अधीन काम कर रहे कर्मचारियों को दौड़ा दिया। इसके बाद किसानों ने तहसील पर जोरदार प्रदर्शन करते हुए मुआवजा दिलाने की मांग की। मुआवजा न मिलने की स्थिति में किसानों ने उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दी।

विकास संघर्ष समिति के बैनर तले किसान ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे की साइट पर पहुंचे। वहां एनएचएआई के अधीन काम कर रहे पेट्रोलियम कंपनी के कर्मचारियों को किसानों ने दौड़ा दिया। किसानों ने कहा कि वे तब तक उनको काम नहीं करने देंगे, जब तक उनको मुआवजा नहीं मिल जाएगा। इसके बाद किसान विकास संघर्ष समिति के सचिव सलेक भैया के नेतृत्व में मोदीनगर तहसील पहुंचे। किसानों ने एसडीएम की अनुपस्थिति में नायब तहसीलदार कोमल पंवार से वार्ता की।

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उन्होंने नायब तहसीलदार को बताया कि मुरादनगर क्षेत्र के 16 गांवों के किसानों का करोड़ों का मुआवजा एनएचएआई नहीं दे रहा है। इसको लेकर लगातार किसान आंदोलन करते आ रहे हैं। उनको हर स्तर पर आश्वासन मिला है। लेकिन, अब आश्वासन से काम चलने वाला नहीं है। उन्होंने चेताया कि अभी तो उन्होंने काम रोका है। यदि उनकी मांग नहीं मानी गई तो वे दुहाई में टोल प्लाजा पर कब्जा करके वहां आवाजाही बंद कर देंगे।

किसानों की समस्याओं को नायब तहसीलदार ने उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। किसानों ने कहा कि जल्द ही किसानों की महापंचायत आयोजित होगी जिसमें आगे के आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी। या तो उनकी मांग पूरी हो, अन्यथा आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी। इस मौके पर दिनेश त्यागी बहादुरपुर, प्रदीप सिंह, अनिल कुमार, वीर सिंह, आजाद, सुंदर सिंह आदि मौजूद रहे।

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