नई दिल्‍ली, 16 अप्रैल। कोरोना के संक्रमण ने किडनी के मरीजों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। किडनी प्रत्यारोपण के जो इंतजार में थे, उनकी सर्जरी टल गई। नियमित डायलिसिस में भी परेशानी हो रही है। वहीं किडनी प्रत्यारोपण करा चुके दूसरे राज्यों के मरीजों को भी दवाएं मिलने में परेशानी हो रही है। खासतौर पर उन्हें इम्यूनो सप्रेशन की दवाएं नहीं मिल पा रही हैं। ऐसे में मरीज एम्स सहित दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों में डॉक्टरों को फोन कर अपना दर्द बयां कर रहे हैं। एम्स के डॉक्टर तो विभिन्न शहरों के केमिस्ट का नंबर जुगाड़ कर मरीजों की परेशानी दूर कर रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि सरकार को उनके राज्यों में ही दवाएं मुहैया कराने की व्यवस्था करनी चाहिए।

एम्स सहित दिल्ली के अस्पतालों में बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड सहित कई राज्यों के मरीज किडनी प्रत्यारोपण के लिए पहुंचते हैं। इन राज्यों में किडनी प्रत्यारोपण की सुविधा नहीं होने की वजह से इम्यूनो सप्रेशन की दवाएं भी आसानी से उपलब्ध नहीं होती हैं। प्रत्यारोपण के बाद मरीजों को अक्सर फालोअप जांच के लिए दिल्ली आना पड़ता है। दिल्ली से ही मरीज अपनी दवाएं भी खरीद लेते हैं। लॉकडाउन में आवाजाही बंद है, ऐसे में बाहर के राज्यों में लोगों को दवाएं नहीं मिल पा रही हैं। एम्स के नेफ्रोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ एसके अग्रवाल ने बताया कि बड़ी संख्या में मरीज दवाएं नहीं मिलने की शिकायत कर रहे हैं। ऐसे में कई शहरों के केमिस्टों का नंबर उन्होंने एकत्र किया है। मरीजों के फोन आने पर चिकित्सक उन्हें उनके शहर के केमिस्ट का नंबर भी दे रहे हैं।

जिला अस्पताल में उपलब्ध कराई जाए दवा

गंगाराम अस्पताल के बोर्ड प्रबंधन और नेफ्रोलॉजी के चेयरमैन डॉ. डीएस राणा ने कहा कि इस समस्या को दूर करने के लिए कुछ ठोस उपाय करने चाहिए। सरकार द्वारा सभी जिला अस्पतालों में किडनी प्रत्यारोपण के मरीजों को दवा उपलब्ध कराने की व्यवस्था होनी चाहिए। ताकि उन्हें आसानी से दवाएं उपलब्ध हो सकें।

किडनी के मरीज जारी रखें अपनी दवाएं व डायलिसिस

डॉ एसके अग्रवाल ने कहा कि कोरोना से बचने के लिए सामान्य लोगों को जो निर्देश दिया गया है। उसका पालन किडनी के मरीजों को भी करना होगा। किडनी के मरीजों में कोई भी संक्रमण होने का अंदेशा अधिक रहता है। इसलिए उन्हें अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। नियमित रूप से दवा लेना बेहद जरूरी है। इसके अलावा डायलिसिस भी समय पर कराते रहें। डायलिसिस के लिए दिशा निर्देश केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रलय ने देश भर में जारी कर दिए हैं। हर मरीज के पास इलाज से संबंधित कार्ड होता है। इसलिए पुलिस उन्हें डायलिसि के लिए अस्पताल जाने से नहीं रोकेगी। वे अपने जिले के अस्पताल में डायलिसिस कराते रहें।

यह सावधानी भी जरूरी

यदि किडनी के किसी मरीज को बुखार, खांसी व बलगम हो तो अस्पताल में पहुंचने पर डॉक्टर को यह बात जरूर बताएं। ताकि डॉक्टर सतर्क रहें और बचाव के उपाय अपनाते हुए इलाज करें। ऐसे मरीजों को सामान्य मरीजों से अलग रखा जाना चाहिए। ताकि दूसरों को संक्रमण न होने पाए। अस्पतालों को भी निर्देश दिया गया है कि डायलिसिस की सुविधाएं मरीजों को उपलब्ध कराएं।

 

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