न्यूयार्क, 11 अप्रैल (एजेंसी)। कोरोना वायरस महामारी ने बड़े से बड़े विकसित देश की हालत खस्ता कर दी है । अमेरिका, इटली और फ़्रांस जैसे देशों में अब तक हजारों की संख्या में जान जा चुकी है ऐसे में खबर आ रही है कि अमेरिका में पिछले तीन हफ्तों में करीबन 1.68 करोड़ अमेरिकी नागरिक अपनी नौकरी से हाथ धो चुके है, जिसका सीधा सम्बन्ध गिरती हुयी अर्थव्यवस्था से है। तो दूसरी तरफ दुनिया भर के धार्मिक नेताओं ने गुड फ्राइडे और ईस्टर जैसे पवित्र त्यौहारों को घर पर रहकर मनाने की अपील की है । माना जा रहा है कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पहला इतना गंभीर और मुश्किल समय देश के ऊपर आया है । आने वाले रविवार को इस्टर का त्यौहार है जो कि यूरोप में बड़ी धूम-धाम के साथ मनाया जाता है, हालाँकि विभिन्न देशों की सरकारों ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने का अनुरोध किया है ।

न्यूयार्क में मरने वालों की संख्या लगातार तीसरे दिन 800 के आसपास

ब्रिटेन और न्यूयार्क में मरने वाले लोगों की संख्या में वृद्धि और जापान में संक्रमण के नये मामले बढ़ने तथा भारत के घने बसे शहरों में तेजी से संक्रमण बढ़ने से यह स्पष्ट हो गया है कि लड़ाई अभी खत्म होने से दूर है। न्यूयार्क में लगातार तीसरे दिन मृतकों की संख्या 800 के करीब रही। राज्य में अब तक 7,000 लोगों की मौत हुई है, जो अमेरिका में हुई 16,000 मौतों की करीब आधी संख्या है।

न्यूयार्क के गवर्नर एंड्रीयू कुओमो ने कहा कि यह स्तब्ध करने वाला और दुखद है। मेरे पास इसके लिये शब्द नहीं हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि कुछ उम्मीद की किरण भी नजर आ रही है क्योंकि अस्पताल में भर्ती किये जा रहे, आईसीयू में रखे जा रहे और वेंटीलेटर पर रखे जा रहे संक्रमित व्यक्तियों की संख्या में कमी आई है।

हफ्ते भर में 66 लाख कामगारों ने बेरोजगारी भत्ते के लिये आवेदन किया

उन्होंने कहा कि करीब 18,000 लोगों को अस्पताल में भर्ती किया गया है जबकि समूचे राज्य के अस्पतालों में कुल 90,000 बेड हैं जिनमें से कई तो आनन फानन में कंवेंशन सेंटर और नौसेना के जहाज पर तैयार किये गये हैं। जॉन होपकिंस विश्वविद्यालय के मुताबिक दुनिया भर में मृतकों की कुल संख्या 95,000 को पार कर गई है जबकि संक्रमण के मामले लगभग 16 लाख पहुंच गये हैं। हालांकि, वास्तविक संख्या कहीं अधिक हो सकती है क्योंकि मृतकों की गिनती के लिये अलग-अलग नियम हैं और कुछ सरकारें मृतकों की संख्या दबाने की भी कथित कोशिश कर रही है।

अमेरिकी सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले हफ्ते 66 लाख कामगारों ने बेरोजगारी भत्ते के लिये आवेदन दिया था। इसके पहले दो हफ्तों में एक करोड़ से अधिक लोगों ने भत्ते के लिये आवेदन किया था। इन आंकड़ों से यह जाहिर होता है कि हर 10 अमेरिकी में एक व्यक्ति ने भत्ते के लिये आवेदन किया है। विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के 1948 से रिकार्ड रखना शुरू करने के बाद से पहली बार इतनी अधिक संख्या में नौकरियां गई हैं।

अमेरिक में बेरोजगारी दर 15 प्रतिशत तक पहुँचने के आसार

अप्रैल महीने में अमेरिकी बेरोजगारी दर 15 प्रतिशत पहुंच सकती है, इतनी अधिक दर 1929 की महामंदी के बाद नहीं देखी गई है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष प्रमुख ने चेतावनी दी है कि महामंदी के बाद से वैश्विक अर्थव्यवस्था सबसे बुरे दौर की ओर बढ़ रही है। संयुक्त राष्ट्र के श्रम संगठन ने कहा है कि दूसरी तिमाही में 19.5 करोड़ नौकरियां जाने की आशंका है। वहीं, वित्तीय मदद उपलब्ध कराने वाले संगठन ऑक्सफाम इंटरनेशनल ने अनुमान लगाया है कि दुनिया भर में आधे अरब लोग गरीबी के दुष्चक्र में जा सकते हैं। अमेरिका के संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. एंथनी फाउसी ने इन उम्मीदों को खारिज कर दिया है कि गर्मियां बढ़ने पर संकट खत्म हो सकता है। उन्होंने कहा किसी को यह नहीं मानना चाहिए कि हम मौसम बदलने से बचने जा रहे हैं।

Read all Latest Post on खेल sports in Hindi at Khulasaa.in. Stay updated with us for Daily bollywood news, Interesting stories, Health Tips and Photo gallery in Hindi
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए khulasaa.in को फेसबुक और ट्विटर पर ज्वॉइन करें