• मानवाधिकार पुरस्कार समारोह की मेहमान सूची से आंग सान सू का नाम हटाया गया

  • म्यामांर की पूर्व राजनीतिक बंदी रह चुकीं सू फ़िलहाल स्टेट काउंसलर पद पर हैं

  • 1990 में ईयू ने अपना मानवाधिकार मुद्दों के लिए मिलने वाला सखारोव पुरस्कार दिया गया था

ब्रसेल्स 11 सितम्बर (एजेंसी) सूत्रों के अनुसार यूरोपियन संघ की संसद ने अपने मानवाधिकार पुरस्कार समारोह की मेहमान सूची से म्यामांर की नेता आंग सान सू का नाम हटा दिया है, जबकि पहले सू को समारोह में सम्मलित होने के लिए आमंत्रण भेजा गया था। प्राप्त जानकारी के अनुसार ईयू सांसदों ने बताया कि सू की को मेहमान सूची से हटाकर उन्होंने अपने देश में रोहिंग्या समुदाय के खिलाफ चल रहे नरसंहार के खिलाफ प्रदर्शन का विरोध जताया है। बता दे कि म्यामांर की पूर्व राजनीतिक बंदी रह चुकीं सू फ़िलहाल स्टेट काउंसलर पद पर हैं। उन्हें मिलिट्री जुंटा के शासनकाल के दौरान 1990 में ईयू ने अपना मानवाधिकार मुद्दों के लिए मिलने वाला सखारोव पुरस्कार दिया गया था।

बता दे कि सू की को इस पुरस्कार के अन्य विजेताओं की तरह इस साल भी समारोह में आमंत्रित किया गया था, हालाँकि बाद में ईयू के सांसदों ने सूकी का नाम मेहमानों की सू ची से हटाने की घोषणा कर दी। प्राप्त जानकारी के अनुसार ईयू संसद ने सू की को दिया गया मानवाधिकार पुरस्कार और 50 हजार यूरो की इनामी राशि वापस मांगने से इनकार किया है। वहीँ 2010 में नजरबंदी से रिहा होने वाली सू  2015 में सत्ता में आई थी, जब म्यामांर में करीब आधी सदी लंबे सैन्य जुंटा के शासन का अंत हुआ था। उन्हें रोहिंग्याओं के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान को रोकने में विफल होने के कारण अंतरराष्ट्रीय आरोपी माना गया था और उन पर द हेग स्थित संयुक्त राष्ट्र अदालत में मुकदमा भी चला था।

सू की से नोबेल शांति पुरस्कार वापस लाने की भी मांग उठने लगी है। सू की की तरफ से रोहिंग्याओं पर अंतरराष्ट्रीय अदालत में दिए गए बयान के बाद उन्हें 1991 में दिया गया नोबेल पुरस्कार भी वापस लेने की मांग की गई है।

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