• आठ न्यायाधीश वापस काम पर लौट रहे
  • अदालती कामकाज के तौर-तरीकों को व्यापक रूप से बदलने के लिये मजबूर कर दिया
  • राष्ट्रपति चुनावों में भी अब एक महीने से कम का वक्त बचा है

वाशिंगटन। सुप्रीम कोर्ट में एक पद के लिये जगह बनने के बाद वहां मुकम्मल बहुमत पाने रिपब्लिकन नेताओं को करीब 50 साल पुराना अपना सपना पूरा होता नजर आ रहा है, रुढ़िवादियों का पुख्ता बहुमत गर्भपात अधिकार में कटौती, बंदूक अधिकार से जुड़े कानून का विस्तार कर सकता है और सरकार की शक्तियों को सीमित कर सकता है। अमेरिकी इतिहास में सबसे अस्वाभाविक, राजनीतिक रूप से भयावह क्षण में आठ न्यायाधीश सोमवार को वापस काम पर लौट रहे हैं। ये न्यायाधीश अदालत की उदार धारा का नेतृत्व करने वाली अपनी सहकर्मी रूथ बादर गिन्सबर्ग के निधन से अभी शोकाकुल हैं।

वे महामारी के उस दौर के बीच काम कर रहे हैं जिसने अदालती कामकाज के तौर-तरीकों को व्यापक रूप से बदलने के लिये मजबूर कर दिया। देश में राष्ट्रपति चुनावों में भी अब एक महीने से कम का वक्त बचा है। गिन्सबर्ग का स्थान लेने के लिये राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा नामित न्यायाधीश एमी कोनी बारेट ऐसे वक्त में अदालत की पीठ में शामिल हो सकती हैं जब बड़े फैसलों पर चर्चा होनी है। इन मामलों में चुनाव के बाद वहनीय देखभाल अधिनियम को खत्म करने की रिपब्लिकन पार्टी की ताजा कोशिशों पर दलीलें भी शामिल हैं। इस अधिनियम से दो करोड़ से ज्यादा लोगों को स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिलता है।

बारेट की इस पद पर पुष्टि से रुढिवादियों को 6-3 का बहुमत मिल जाएगा और मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स की अदालत के फैसलों के संचालन करने की क्षमता भी प्रभावित होगी। ऐसा इसलिये क्योंकि रॉबर्ट भले ही तीन अन्य उदारवादी न्यायाधीशों का पक्ष ले भी लें तो भी रुढ़िवादियों के पास पांच मत होंगे। बर्कले स्थित कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय में विधि के प्रोफेसर ओरिन केर्र कहते हैं, “मेरा अनुमान है कि हम व्यापक और संभवत: अधिकारों में काफी तेजी से परिवर्तन देखने जा रहे हैं।”

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