• डॉ. क्लुगे ने उस धारणा को गलत बताया जिसके चलते कहा गया कि वायरस अधिकांश अधिक उम्र वालों को नुकसान पहुंचाता है

  • 50 से कम आयु वर्ग के लोगों में मध्यम या गंभीर संक्रमण होने की सम्भावना

जेनेवा, 03 अप्रैल (एजेंसी)। विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी कि WHO के यूरोप प्रमुख ने बताया है कि आकड़ों के अनुसार कोरोना वायरस से जान गंवाने वाले 95 प्रतिशत से अधिक लोगों की आयु 60 वर्ष से अधिक थी। जबकि  डॉ़ हांस क्लुगे के अनुसार केवल आयु ही बीमारी में एकमात्र जोखिम नहीं है। ये धारणा तथ्यात्मक रूप से गलत है कि कोविड-19 केवल बुजुर्ग लोगों पर प्रभाव डालता है।

क्लुगे ने कहा कि युवा लोग भी इससे अपराजित नहीं हैं। संयुक्त राष्ट्र स्वास्थ्य संस्था का कहना है कि 50 से कम आयु वर्ग के लोगों में मध्यम या गंभीर संक्रमण होता है। किशोरों और 20 वर्ष के आसपास की आयु वाले लोगों में भी गंभीर संक्रमण देखा गया और इनमें से कई को गहन चिकित्सा की जरूरत पड़ी जबकि दुर्भाग्य से कुछ की मौत हो गई।

उन्होंने बताया कि ताजा आंकड़ों के मुताबिक, यूरोप में अब तक 30,098 लोगों की मौत हुई, जिनमें से अधिकतर इटली, फ्रांस और स्पेन के थे। क्लुगे ने बताया कि मरने वाले पांच में से चार लोग मधुमेह, उच्च रक्तचाप और हृदय संबंधी बीमारियों में से किसी एक से पहले ही पीड़ित थे। एक सकारात्मक पहलु के तहत, ऐसी सूचनाएं हैं कि अस्पताल में भर्ती 100 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोग कोविड-19 से ठीक हुए हैं।

 

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