• अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतगणना जारी 
  • उम्मीदवार जो बाइडन और रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप के बीच कांटे की टक्कर
  • बालाचंद्रन मनोहर पर्रिकर इंस्टीट्यूट फॉर डिफेंस स्टडीज एंड एनालिसिस (एमपी-आईडीएसए) के पूर्व सलाहकार

चेन्नई| भारत और अमेरिका के संबंध बहुत गहरे हैं और इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि अमेरिका के राष्ट्रपति कौन बनेंगे। यह बात अमेरिका के उपराष्ट्रपति पद की उम्मीदवार एवं भारतीय मूल की कमला हैरिस के चाचा जी. बालाचंद्रन ने कही।

अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के लिए मंगलवार रात से ही मतगणना जारी है। डेमोक्रेटिक पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जो बाइडन और रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप के बीच कांटे की टक्कर नजर आ रही है। वहीं उपराष्ट्रपति पद की उम्मीदवार के तौर पर कमला हैरिस भी मैदान में हैं, जो कि भारतीय मूल की अमेरिकी नागरिक हैं। अमेरिका चुनाव पर भारत में हैरिस के चाचा ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।

बालाचंद्रन मनोहर पर्रिकर इंस्टीट्यूट फॉर डिफेंस स्टडीज एंड एनालिसिस (एमपी-आईडीएसए) के पूर्व सलाहकार हैं।

विस्कॉन्सिन विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र और कंप्यूटर विज्ञान में डॉक्टरेट की डिग्री प्राप्त करने वाले बालाचंद्रन को अर्थशास्त्र और प्रौद्योगिकी से संबंधित मुद्दे में महारत हासिल है।

बालाचंद्रन ने आईएएनएस को बताया, “मैं अमेरिकी उपराष्ट्रपति पद की उम्मीदवार कमला हैरिस का एक बेरोजगार चाचा हूं और मीडिया अब मुझसे इसलिए बात कर रही है, क्योंकि मैं उनका चाचा हूं।”

अमेरिकी राष्ट्रपति पद में बदलाव होने पर अमेरिका-भारत संबंधों में संभावित बदलावों के बारे में पूछे जाने पर बालाचंद्रन ने कहा, “दोनों देशों के बीच संबंध बहुत गहरे हो गए हैं। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि कौन राष्ट्रपति बने, ट्रंप या बाइडन। दोनों ही देशों के लिए चीन फैक्टर कॉमन है।”

बुधवार सुबह से बालाचंद्रन अमेरिकी चुनाव के परिणामों जानने के लिए लगातार टेलीविजन देख रहे हैं।

बालाचंद्रन अंग्रेजी अखबार द हिंदू के संवाददाता भी रह चुके हैं।

उन्होंने कहा, “हमें कल तक नतीजों का इंतजार करना होगा। जो बाइडन अब बेहतर स्थिति में हैं। कई राज्यों में वह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बढ़त बनाए हुए हैं।”

बालाचंद्रन ने भी कहा, “मैं कमला के लिए खुश हूं। इसके साथ ही मैं अपनी दिवंगत बहन श्यामला (हैरिस की मां) के लिए भी खुश हूं। श्यामला एक महान प्रेरक और एक असाधारण महिला थीं। एक युवा लड़की के रूप में वह 1960 के दशक में अकेले ही अमेरिका गई और फिर उसने दो लड़कियों कमला और माया की अपने दम पर परवरिश की।”

बता दें कि कमला हैरिस की जीत के लिए तमिलनाडु स्थित उनके पैतृक गांव तुलासेंतिरापुरम के लोगों ने मंगलवार को विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया था। इस संबंध में बालाचंद्रन से पूछा गया तो उन्होंने कहा, “मुझे यह जानकर खुशी हुई।”

चूंकि कमला हैरिस के उपराष्ट्रपति के तौर पर चुने जाने की भरपूर संभावना बनी हुई है, इसलिए उनके चाचा का फोन की घंटी पिछले कई दिनों से बजनी बंद नहीं हुई है और हर कोई उन्हें शुभकामनाएं देने के साथ ही कमला के बारे में भी जानना चाहता है। बालचंद्रन भी अमेरिका के चुनाव पर नजर बनाए रखने के लिए सुबह से टीवी पर नजर टिकाए हुए हैं।

Read all Latest Post on खेल sports in Hindi at Khulasaa.in. Stay updated with us for Daily bollywood news, Interesting stories, Health Tips and Photo gallery in Hindi
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए khulasaa.in को फेसबुक और ट्विटर पर ज्वॉइन करें