साक्षात्कार

इंजीनियरिंग और डॉक्टर से कम नहीं है फैशन डिजाइनर : सुनील सेठी

अब हम बात करते हैं माॅडल्स की। एक अच्छे माॅडल में आप क्या खूबियां देखते हैं?
सबसे ज्यादा जरूरी है उनमें ‘एटीट्यूड का होना, एक प्रेजेंस का होना। यानी जब वह रैंप पर आए तो उसकी मौजूदगी रैंप पर महसूस की जाए। पहले सुपर माडल हुआ करते थे, फिर वे बनने इसलिए बंद हो गए क्योंकि वे फिल्मों में एक्टिंग करने लगे। मसलन अर्जुन रामपाल, कबीर बेदी, बिपाशा बसु, दीपिका पादुकोण। ये बहुत साल तक हमारे साथ ‘एफडीसीआई’ में रहे। पिछले कुछ सालों में इस क्षेत्र में इतने लोग आ गए हैं कि इसका स्तर थोड़ा गिरने लगा है। पर फिर भी हमारे माॅडल इतने अच्छे हैं कि अगर प्रेजेंस हो, उनकी रैंप वाॅक और ‘पर्सनल ग्रूमिंग’ अच्छी हो और तीनों चीजों के साथ-साथ एटीट्यूड भी हो तो सोने पे सुहोगा हो जाए। मेरे पिता कहते हैं कि बिना मरे स्वर्ग नहीं मिला। यानी जब तक आप मेहनत नहीं करेंगे, जब तक आप छोटे स्तर से नहीं चलेंगे, तब तक आप हमारे एफडीसीआई के स्तर को नहीं छू सकते। वहां तक आप तभी पहुंच सकते हैं जब आपको थोड़ा तजुर्बा हो जाएगा।

एक माॅडल को जिस ट्रेनिंग से गुजरना पड़ता है, उसके बारे में कुछ बताइए ?
दरअसल इस तरह की ट्रेनिंग के लिए हमारे यहां ज्यादा और काॅलेज हैं नहीं। कुछ पुराने माॅडल और कोरियोग्राफरों ने कुछ इंस्टीट्यूट खोल रखे हैं। वहीं से नए माॅडल सीखते हैं। आजकल तो स्कूल-काॅलेजों में फेस्टिवल होते हैं। वहां पर भी माॅडलिंग होती है। तो ये तो अनुभव की बात है। अगर आपको कोई अच्छा सिखाने वाला मिल जाए तो आप शुरुआत से ही सीख जाएंगे।

आप पिछले साढ़े तीन साल से इस काउंसिल के अध्यक्ष हैं। आपकी काउंसिल चार बड़े फैशन इवेंट्स करती है। आपको नहीं लगता कि सरकार को भी कुछ सहयोग करना चाहिए या आप संतुष्ट हैं कि इंडियन फैशन उद्योग सही दिशा में जा रहा है।

सरकार की तरफ से सहयोग थोड़ा कम है, क्योंकि फैशन उद्योग को सिर्फ ग्लैमर से जोड़कर देखा जाता है। मीडिया भी ग्लैमर को ही ज्यादा कवरेज देता है। इसके पीछे जो डिजाइनर की मेहनत होती है वो कहीं छुप जाती है। एक फैशन डिजाइनर बनने के लिए किसी को चार साल तक दिन रात मेहनत करनी पड़ती है। एक इंजीनियर या डाॅक्टर या सीए बनने के लिए जितनी मेहनत करनी पड़ती है उतनी ही मेहनत एक फैशन डिजायनर को भी करनी पड़ती है। पर आम लोगों को इसकी बिल्कुल भी जानकारी नहीं है। ऐसे ‘इवेंट्स’ जिनमें राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय खरीदार आते हैं, उनमें सरकार हमारी काफी सहायता करती है, क्योंकि इससे टेक्सटाइल में हमारा निर्यात भी बढ़ता है। इसके चलते वाणिज्य मंत्रालय ने हमें पिछली बार से काफी सहायता देनी शुरु की है। ऐसा पहले कभी नहीं होता था। मैं संतुष्ट हूं कि भारतीय फैशन उद्योग सही दिशा में जा रहा है।

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Title: intervew of fashion designer suneel sethi by sharad dutt in Hindi  | In Category: साक्षात्कार interview

शरददत्त

शरद दत्त

शरद दत्त जाने-माने फि‍ल्म-निर्माता/लेखक है। वह चार दशक से अधिक समय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के साथ संबद्ध हैं। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों के विशिष्ट व्यक्तियों पर 100 से अधिक वृत्तचित्रों का निर्माण कि‍या है। स्वाधीनता दिवस और गणतंत्र दिवस समारोहों का 33 वर्षों तक सीधा प्रसारण प्रस्तुत किया। इनके अलावा महान संगीतकार अनिल विश्वास की ‘ऋतु आए ऋतु जाए’ शीर्षक से जीवनी। ‘कुंदन’ शीर्षक से कुंदललाल सहगल की जीवनी। और भी कई महत्वसपूर्ण पुस्तकों का लेखन-संपादन। स्वर्ण कमल पुरस्कार, सर्वोत्तम क्रिएटिव प्रोड्यूसर एवार्ड, दूरदर्शन एवार्ड, गणेश शंकर विद्यार्थी पुरस्कार, शमशेर सम्मान आदि‍ कई पुरस्कारों से सम्मा्नि‍त।

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