हाल में आई एक नई खबर अडानी समूह के लिए मुसीबत भरी हो सकती है। गुजरात ऊर्जा विकास निगम (जीयूवीएनएल) ने केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग (सीआरईसी) से 12 अप्रैल 2019 को अपना आदेश वापस लेने की अपील की है जिसमें अडानी पावर (मुंद्रा) को टैरिफ के रेटों में बढ़ोत्तरी करने की अनुमति दी थी।

लम्बी कानुनी लड़ाई के बाद अडानी समूह जीयूवीएनएल को संवर्धित दर स्वीकार करने में सफल रहे। टैरिफ दरों में वृद्धि जरूरी थी क्योंकि इंडोनेशिया से आयात होने वाले कोयले में अचानक वृद्धि हो गई। जिसका उपयोग समूह के नौ बिजली संयंत्रों में होता था।

जीयूवीएनएल चाहता है कि सीईआरसी घोषणा करे कि 2 फरवरी, 2007 और 6 फरवरी 2007 के बिजली खरीद समझौतों के संबंध में 5 दिसंबर, 2018 को पूरक समझौतों की घोषणा को खत्म माना जाए। गुजरात के अन्य बिजली खरीददारों ने भी अडानी समूह के समझौतों के उल्लंघन की सीआरसी से शिकायत की है।

जीयूवीएनएल ने आयोग से अनुरोध किया है कि जीयूवीएनएल द्वारा अडानी समूह को दी गई राशि को वापस करने के लिए अडानी समूह से अनुरोध करें।

250_MP_2019_PETITION

 

Read all Latest Post on खेल sports in Hindi at Khulasaa.in. Stay updated with us for Daily bollywood news, Interesting stories, Health Tips and Photo gallery in Hindi
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए khulasaa.in को फेसबुक और ट्विटर पर ज्वॉइन करें