Labour strike : Greater Noida LG Company strike : ग्रेटर नोएडा (Greater Noida)। पिछले दस दिनों से ग्रेटर नोएडा (Greater Noida ) के एलजी चौक के पास मौजूद कंपनी एलजी इलेक्ट्रोनिक्स (LG electronics) में लगभग 850 मजदूर धरने पर बैठे हैं, पर शायद मीडिया (Media) के लिए ये कोई बड़ी खबर नहीं। ये अलग बात है कि ग्रेटर नोएडा का एलजी चौक (LG Chowk greater noida) पर आजकल दिल्ली के जंतर मंतर (Jantar Mantar Delhi) की तरह क्रांतिकारी नारे, लाल झंडे और बहुत से इंकलाबी चेहरे नजर आ रहे हैं। यहां कई पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी और कई नेता तो चक्कर काट रहे हैं लेकिन विगत 11 जुलाई से धरने पर बैठे मजदूरों को कोई राहत की उम्मीद मिलती नहीं दिखाई दे रही है।

बता दें कि ग्रेटर नोएडा (Greater Noida) में मौजूद एल जी कंपनी में करीब 400 कर्मचारी हैं और इनमें से सिर्फ 850 कर्मचारी डब्ल्यू श्रेणी में आते हैं, बाकी तीन हजार कर्मचारी  संविदा मजदूर यहां काम करते हैं। यही 850 कर्मचारी कंपनी के पैरोल पर हैं। विगत 19 सालों से चल रही इस कंपनी में कभी कोई यूनियन (Labour Union) नहीं बनी लेकिन जनवरी में कुछ कर्मचारियों ने मिलकर यूनियन बनाने का फैसला किया। यूनियन में रवीन्द्र कुमार को अध्यक्ष, विकास शर्मा को उपाध्यक्ष और विकास शर्मा को महासचिव एवं नरसिंह को कोषाध्यक्ष चुना गया। Also Read: What is the difference between hotel motel restaurant and resorts : आखिर होटल, मोटल और रेस्टोरेंट में क्या फर्क होता है

कर्मचारियों ने जैसे ही यूनियन बनाकर अपना मांगपत्र एलजी प्रबंधन को दिया। प्रबंधन ने मांगों को अनसूना कर कर्मचारियों को यूनियन को तोड़ने का प्रयास शुरू कर दिया। कर्मचारियों का कहना है कि प्रबंधन कभी नहीं चाहता था कि कर्मचारियों की यूनियन बने क्योंकि यूनियन बनेगी तो वे अपने अधिकारों के लिए इकट‍्ठा होंगे और अपना हक मांगेगे। इसलिए कंपनी ने कुछ कर्मचारियों को अधिक भत्ते देने शुरू कर दिए जिससे वे यह साबित कर सके कि ये लोग ट्रेड यूनियन की श्रेणी में नहीं आते। Also Read: Story Of Bhangarh, Bhangarh Fort Story In Hindi एक रहस्यमय किला जो श्राप के कारण बन गया भूतों का किला

बहरहाल अभी यह सब चल रही रहा था कि कंपनी प्रबंधन ने कुछ कारनामा कर दिखाया जिससे मामला बहुत गरम हो गया। कंपनी प्रबंधन ने यूनियन का नेतृत्व कर रहे 11 लोगों का तबादला अलग अलग राज्यों में कर दिया जिससे कर्मचारी भड़क गए। यूनियन के अध्यक्ष मनोज चौबे ने बताया कि जब हम लोग 11 जुलाई को कंपनी पहुंचे तो हमें बताया गया कि आप लोगों का प्रमोशन हो गया और आप लोगों का ट्रांसफर अन्य जगह किया जा रहा है, जब हमने इस बात का विरोध किया तो कंपनी प्रबंधन ने हमारे आईकार्ड वगैरह छीन लिए। उसी दिन से कंपनी परिसर में करीब 600 लोग और कंपनी के गेट पर 250 लोग धरने पर बैठे हैं। Also Read: Karmveer Poem -Ayodhya Singh Upadhyay ~ कर्मवीर – अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध

आस पास की बहुत सी कंपनियों के कर्मचारी भी इन लोगों के साथ हिम्मत बढ़ाने के लिए इस प्रदर्शन में शामिल है। कंपनी को इन कर्मचारियों की हड़ताल के कारण रोज दिहाड़ी पर सैकड़ों लोगों से काम करना पड‍़ रहा है। कंपनी ने कर्मचारी यूनियन के फेसबुक पेज  एक नोटिस शेयर किया है जिसमें 10 से 16 जुलाई तक कंपनी को करीब सौ करोड़ का नुकसान हो चुका है। Also Read: Sankat mochan hanuman ashtak : के पाठ से होती है सभी मनोकामनाएं पूर्ण

हड़ताल पर बैठे राजकुमार कहते हैं छोटी छोटी खबरों को मिर्च मसाला लगाकर दिखाने वाले मीडिया ने पिछले दस दिन से खुले आसमान के नीचे बैठे मजदूरों की सुध नहीं ली। क्या ऐसे प्रधानमंत्री मोदी का मेक इन इंडिया का सपना साकार हो पाएगा, जब मजदूरों को उनके मूल अधिकारों के लिए लड़ना पड़ रहा हो। Also Read: शिव चालीसा : Shiv Chalisa in Hindi and English – Lord Shiva Chalisa

 

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