Law of up government against lovejihad is good but questions have been raised : उत्तर प्रदेश सरकार ने लव जिहाद के खिलाफ अध्यादेश जारी कर दिया है। उस अध्यादेश में लव जिहाद शब्द का प्रयोग नहीं किया गया है, यह अच्छी बात है, क्योंकि लव और जिहाद, ये दोनों शब्द परस्पर विरोधी हैं। जहां लव होगा, वहां जिहाद हो ही नहीं सकता। लव के आगे सारे जिहाद ठंडे पड़ जाते हैं। लव जिहाद का हिंदी रूप होगा- ‘प्रेमयुद्ध’। जहां प्रेम होगा, वहां युद्ध नहीं हो सकता और जहां युद्ध होगा, वहां प्रेम कैसे होगा?

लव जिहाद में न लव होता है और न ही जिहाद होता है। उसमें धोखाधड़ी होती है, तिकड़म होती है, दुष्कर्म होता है, बल-प्रयोग होता है और गंदी राजनीति होती है। इसे रोकना तो हर सरकार का कर्तव्य है। इस उद्देश्य से बने हर कानून का स्वागत किया जाना चाहिए। उ.प्र. के मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा है कि धर्म-परिवर्तन याने हिंदू लड़कियों को जबर्दस्ती मुसलमान बनाने के लगभग 100 ऐसे मामले सामने आए हैं। यदि ऐसे मामलों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए यह कानून लाया जा रहा है तो इसका अवश्य स्वागत किया जाना चाहिए लेकिन छल-छिद्र से धर्म-परिवर्तन करने के खिलाफ तो पहले से ही कठोर कानून बने हुए हैं और कई राज्यों ने इन्हें पूरी दृढ़ता के साथ लागू भी किया है।

उ.प्र. सरकार के इस अध्यादेश में एक नई और अच्छी बात यह है कि सामूहिक धर्म-परिवर्तन करने वाली संस्थाओं पर प्रतिबंध लगेगा और उसकी सजा भी कठोर है लेकिन सरकार यह कैसे सिद्ध करेगी कि फलां धर्म-परिवर्तन शादी के लिए ही किया गया है? अगर धर्म-परिवर्तन के लिए शादी का बहाना बनाया गया है तो ऐसी शादी कितने दिन चलेगी? और शादी के खातिर यदि कोई हिंदू या मुसलमान बनना चाहेगा तो कानून उसे कैसे रोकेगा? जो हिंदू लड़की किसी मुसलमान से शादी करेगी, वह दो माह पहले इसकी सूचना पुलिस को देगी लेकिन किसी हिंदू लड़के से शादी करने वाली मुसलमान लड़की को भी यह सूचना देनी होगी।

सूचना देने भर से शादी कैसे रुकेगी? ‘हिंदू मैरिज एक्ट’ और ‘मुस्लिम पर्सनल लॉ’ के मुताबिक ऐसी शादी अवैध होती है लेकिन ‘स्पेशल मेरिज एक्ट’ यह अनुमति देता है कि शादी करने वाले वर और वधू अपने-अपने धर्म को बदले बिना भी शादी कर सकते हैं। इसीलिए जो भी वर या वधू अपना धर्म बदलेंगे, उन्हें बदलने से कैसे रोका जा सकता है और जो नहीं बदलना चाहेंगे, उन्हें भी शादी करने से कैसे रोका जाएगा? क्या यह कानून ‘घर वापसी’ याने शुद्धि करने वालों पर भी लागू होगा? यदि होगा तो तबलीगी जमात और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर भी इसे लागू करना पड़ेगा। जिस प्रदेश में जिस पार्टी की सरकार होगी, वह अपने वोटों के गणित के आधार पर इस कानून को लागू करेगी।

-डॉ. वेदप्रताप वैदिक

 

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