• विगत एक माह से चल रहा है किसान आंदोलन
  • प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार लोगों से बातचीत करने को तैयार
  • प्रधान मंत्री ने कहा ‘किसान आंदोलन के नाम पर कुछ नेता अपनी राजनीतिक विचारधारा को आगे बढ़ाने में लगे हैं।

नयी दिल्ली, 25 दिसंबर (एजेंसी)। नये कृषि कानूनों के विरोध में करीब एक माह से चल रहे किसान आंदोलन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि सरकार उन लोगों के साथ भी बातचीत करने को तैयार है जो अलग विचारधारा के चलते सरकार के खिलाफ हैं। लेकिन यह भी कहा कि ‘बातचीत तर्कसंगत, तथ्यों और मुद्दों पर आधारित होनी चाहिये।’

मोदी ने कहा कि नये कृषि कानूनों को लेकर किसानों के मन में कुछ आशंकायें जरूर रही होंगी लेकिन राजनीतिक एजेंडा लेकर चलने वाले लोग बीच में आकर नई मांगे रख देते हैं जिनका इन कानूनों से कोई लेना देना नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म दिवस पर ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधी’ योजना की नयी किस्त में नौ करोड़ से अधिक किसानों के लिए औपचारिक रूप से 18,000 करोड़ रुपये की राशि जारी करने के बाद वीडियो कांफ्रेस के जरिए देश के किसानों को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने अपने सख्त भाषण में यह योजना लागू न करने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार की तीखी आलोचना भी की। मोदी ने कहा कि कुछ लोग किसान आंदोलन की आड़ में अपनी राजनीतिक रोटियां सेकना चाहते हैं और इसे एक वैचारिक लड़ाई बनाने में लगे हुए हैं तथा वे किसानों को भड़काने और भरमाने की चालें चल रहे हैं। प्रधान मंत्री ने कहा ‘किसान आंदोलन के नाम पर कुछ नेता अपनी राजनीतिक विचारधारा को आगे बढ़ाने में लगे हैं।’ उन्होंने कहा, ‘ जिन लोगों का अपना राजनीतिक एजेंडा है वह किसानों को सरकार के साथ बातचीत के लिये आगे नहीं आने दे रहे हैं, जिससे कि उनकी चिंतायें दूर की जा सकें।’’

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मोदी ने कहा कि ‘देश में 80 प्रतिशत से अधिक गरीब किसान हैं, पिछली सरकारों के दौरान ये किसान और अधिक गरीब हुये हैं, इन्हीं गरीब किसानों की स्थिति को देखते हुये कृषि सुधार जरूरी हो गये थे।’ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आनलाइन तरीके से ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि’ योजना के तहत नौ करोड़ से अधिक किसानों के लिए 18,000 करोड़ रुपये की राशि जारी की। इसके जरिये किसानों के बैंक खाते में 2,000 रुपये सीधे हस्तांतरित किये गये।

मोदी ने कहा कि कुछ पार्टियां नये कृषि कानूनों का विरोध कर अपना राजनीतिक एजेंडा आगे बढ़ा रहे हैं। कुछ लोग यह भ्रम और झूठ फैला रहे हैं कि यदि किसान अनुबंध खेती करेंगे तो उनकी जमीन चली जायेगी। उन्होंने यह भी कहा, ‘जो लोग केरल में कई साल से राज कर रहे हैं वही लोग पंजाब में किसानों के साथ सेल्फी खिंचाने के लिये पहुंच रहे हैं, लेकिन इन लोगों ने अपने राज्य (केरल) में मंडी प्रणाली के लिये कुछ नहीं किया।’ मोदी ने कहा कि कुछ लोग किसानों की जमीन को लेकर चिंता जताने का नाटक कर रहे हैं, हम उन सभी के बारे में जानते हैं जिनके नाम जमीन पर कब्जा करने को लेकर मीडिया में आ चुके हैं।

मोदी ने कहा जिन लोगों को मतदाताओं ने नकार दिया अब वही लोग प्रचार पाने के लिये नये नये कृत्यों में लगे हैं लोगों को इनके भ्रमजाल में नहीं फंसना चाहिये। उन्होंने कहा, ‘हमने एक हजार से अधिक मंडियों को आनलाइन एक दूसरे से जोड़ा है, इन मंडियों में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार पहले ही हो चुका है।’ उन्होंने कहा, ‘हम गांवों में किसानों के जीवन को आसान बना रहे हैं। जो लोग आज बड़े बड़े भाषण दे रहे हैं जब वह सत्ता में थे तब उन्होंने किसानों के लिये कुछ नहीं किया।’

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मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने और अधिक फसलों को नयूनतम समर्थन मूल्य का लाभ दिया और किसानों को रिकार्ड धनराशि उपलब्ध कराई है। प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल के 70 लाख किसानों को केन्द्र की प्रत्यक्ष धन हस्तांतरण योजना का लाभ उपलब्ध नहीं होने देने पर पश्चिम बंगाल सरकार को आड़े हाथों लिया। कहा ममता बनर्जी सरकार ने पश्चिम बंगाल को बर्बाद किया है। ममता सरकार राज्य के किसानों को मिलने वाला लाभ रोककर राजनीति कर रही हैं। नागरिकों के लिये दिल्ली से भेजा जाने वाला पैसा अब न तो कम होता है और न ही गलत हाथों में जाता है। पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी किसी भी तरह के भ्रष्टाचार को राष्ट्रीय अभिशाप मानते थे।

 

 

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