वर्ष 2017 जा चूका है, और वर्ष 2018 ने दस्तक दे दी है, मगर 2017 में कई लोग ऐसे भी थे जो इस दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह गए और शायद ही कोई अब उनकी जगह भर पाए | ये ऐसे लोग होते है जो अपनी ज़िंदगी में […]

कुछ लोगो का मानना है कि जैनों के 24वें तीर्थंकर वर्धमान महावीर के बाद श्रीमद राजचंद्र ही जैनों के 25वे तीर्थंकर थे | गाँधी जी इनसे बहुत प्रभावित थे, जिस कारण वो इनसे अध्यात्मिक विषयों पर विचार-विमर्श व पत्राचार किया करते थे | लक्ष्मीनंदन व रायचंद से राजचंद्र तक ऐसा […]

लगभग इंटरनेट का इस्तेमाल सभी लोग करते है और जाने अनजाने तौर पर सभी साइबर क्राइम के तहत आते हैं। लेखन, फोटो, गीत-संगीत, सॉफ्टवेयर, विडियो, कार्टून, किताब, ई-बुक, वेबसाइट आदि क्रिएटिविटी करने वाले हर शख्स के पास हक होता है, कि वो अपनी क्रिएटिविटी को ऐसी सुरक्षा दे सकता है, […]

ममी(Mummy) बनाने की विधि प्राचीन मिस्र सभ्यता में बड़े पैमाने पर अपनायी जाती थी जिसमे मृत्यु के पश्चात शव(Dead Body) को केमिकल्स से संरक्षित करके रखा जाता था | मिस्त्र के अलावा और भी कई देश है जहाँ ममी बनायीं जाती थी जैसे इटली का कापूचिन कैटाकॉम्ब, जहाँ 8000 शवो […]

शोले जैसी ‘सिनेमेटिक मास्टरपीस’ पर किताबें लिखी गई, समाजशास्त्रीय अध्ययन हुए और शोले व इसके जैसी अन्य फिल्मों के गहरे अर्थ ढूंढ़े गए ताकि पता लग सके कैसे ये फिल्में ‘अपने समय के मिजाज’ का दर्पण हैं | एक रिसर्च इस विषय पर भी होनी चाहिए कि क्या वजह थी […]

वर्ष 1923 में अमेरिका के राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होने वाला था | हमेशा की तरह प्रत्याशियों की स्थिति जानने के लिए चुनावी सर्वे करवाये गये थे परन्तु सर्वे के नतीजे ने सभी हिला कर रख दिया था क्योंकि पहले विश्वयुद्ध के बाद देश के बदलते हालात के बीच […]

1950 से 1980 तक के दौर में साहित्य के क्षेत्र में जासूसी कथा लेखन की कोई खास प्रतिष्ठा नहीं थी मगर भारतीय उपमहाद्वीप में सबसे ज्यादा पढ़ी जानी वाली साहित्यिक विधा जासूसी लेखन थी, जिसका कारण इब्ने सफी को माना जाता है | इब्ने सफी के उपन्यासों के चाहने वालों […]

चार्ल्स डार्विन जिन्हें विकास वाद के सिद्धांत के लिए संसार भर में जाना जाता है। वैसे तो डार्विन तामाम उम्र सभी तरह के धर्मों का खुलकर विरोध करते हैं। उनके लेखों व कई किताबों में उनके द्वारा ईसाइयत का विरोध साफ तौर पर नजर आता है। मगर आपको जानकर आश्चर्य […]

राजस्थान के अलवर जिले में स्थित भानगढ़ के किले को “भूतो का भानगढ़” (most haunted bhangarh fort ) भी कहा जाता है, जो तीन तरफ़ से पहाड़ियों से सुरक्षित है। 1573 में इस क़िले का निर्माण आमेर के राजा भगवंत दास ने बनवाया था। लगभग 300 वर्षों तक आबाद रहने […]

2007 में इजरायल, अमरीका और फ्रांस के सहयोग से बनी कथा फ़िल्म बैंडज़ विज़िट संगीत से उपजे प्रेम की एक ऐसी कहानी है जो हर धड़कते हुए दिल में कभी न कभी जरूर उमड़ती है. यह अलग बात है कि प्रेम कहानियों को फार्मूले की तरह अपनानेवाले हमारे अपने फिल्म […]