Turf grass lawn make environment clean: टर्फ घास को लान, कुदरती दृश्य वगैरह की सुंदरता को बढ़ाने और उसे बनाए रखने में इस्तेमाल किया जाता है। 4 लोगों के परिवार के लिए 25 सौ वर्ग फुट का एक लान (Turf grass lawn) आबोहवा से सही मात्रा में कार्बन डाइआक्साइड (Carbon dioxide) गैस को ले कर के उसे आक्सीजन (Oxygen) में बदलने का काम करता है। इतना ही नहीं यह घास (Turf Grass) तापमान कम करने और बरसाती पानी को इकट्ठा कर जमीनी पानी का स्तर बढ़ाने में भी मदद करती है।

Type of turf grass (टर्फ घास के फायदे)

टर्फ घास सामान्यत: दो प्रकार की होती है। एक प्रकार की घास गर्म मौसम में पनपती है और दूसरी तरह की टर्फ घास सर्दियों के मौसम में अनुकूल तरह से उपजती है। गरम मौसम वाली घास मंे साइनोडान डैक्टाइलान, स्टैनोटैफरम सेक्नडैटम, जोयसिया जेपोनिका, बकलोई डैक्टाईलायडिस, पैसेपेलम नोटेटम वगैरह किस्में आती हैं। ठंडे मौसम वाली घास में फैस्टुका आरडीनेसिया, पोआ प्रेटेनसिस, लोलियम पेरिनी, एग्रोसिटम पैलुस्ट्रिस, फैसटुका रूब्रा वगैरह वैरायटी आती है।

टर्फ के फायदे (Turf grass benefits)

भूमि कटाव रोकनाः टर्फ घास का मिट्टी बचाव में खास योगदान है, इसे एक सस्ती, टिकाऊ ग्राउंड कवर के रूप में मिट्टी बचाव के लिए इस्तेमाल में लाया जाता है, हवा और पानी से होने वाले मिट्टी के कटाव को रोकने में बारहमासी टर्फ घास का सब से ज्यादा योगदान है। टर्फ घास घरों, कारखानों, स्कूलों या अन्य सार्वजनिक स्थानों पर धूल और कीचड़ जैसी समस्याओं को दूर करने में सहायक होती है।

टर्फ घास (Turf Grass) का मैदान पानी और धूल को लपेटने या फंसाने और गैसीय प्रदूषण को अपने अंदर रोकने में बहुत असरदार है। शहरी इलाकों में कठोर धरती होने से वहां बहने वाला पानी अपने साथ कई गंदगियों को लाता है। अगर टर्फ पा को सही रूप में इस्तेमाल किया जाए तो यह प्रदूषण रोकने और पानी को इकट्ठा करने के लिए सब से अच्छा माध्यम होती है।

जमीनी पानी को बढ़ावाः टर्फ घास की किसी भी चीज को इकट्ठा करने और फालतू पानी को पकड़ने की बेहतर कूवत से मिट्टी के कटाव पर काबू पाया जा सकता है। एक स्वस्थ टर्फ लान, बारिश के पानी को गेहूं के खेत से 6 गुना या दूसरी घाास के मुकाबले 4 गुना ज्यादा इकट्ठा करता है। यह खासियत जमीनी पानी को बढ़ाने के लिए अहम भूमिका निभाती है।

मिट्टी सुधारकः टर्फ घास की रेशेदार जड़ प्रकाश संश्लेषण के द्वारा हवा की कार्बन डाइआक्साइड से पैदा कार्बनिक पदार्थों से मिट्टी के सुधार में काफी सहायक होती है। इस से मिट्टी के सूक्ष्मजीवों को एक बड़ी आबादी तैयार होती है। ये सूक्ष्मजीवों की एक बड़ी आबादी तैयार होती है। ये सूक्ष्मजीव कार्बनिक रसायनों और कीटनाशकों के खात्मे के लिए सब से अच्छा जैविक सिस्टम तैयार करते हैं। इसी तरह से टर्फ जमीनी पानी की क्वालिटी की सुरक्षा में खास भूमिका निभाते हैं।

ताप में कमीः

सामान्य तौर पर शहरी इलाकों का तापमान नजदीकी देहाती इलाकों के मुकाबले ज्यादा होता है। टर्फ घास पानी इकट्ठा करने और उसे भाप बनने से रोकने का काम कर के शहरी इलाकों की तेज गर्मी को कम करने में खास सहयोग देती है। एक फुटबाल मैदान को ठंडा करने की टर्फ घास की कूबत 70 टन एयर कंडीशनर के बराबर होती है।

ध्वनि प्रदूषण और चमक का घटावः टर्फ घास की खुरदरी सतह ध्वनि को रोकने और प्रकाश प्रतिबिंब को कम करने का काम करती है। इस तरह यह फालतू रोशनी को कम करने में सहायता देती है। किसी सड़क के किनारे पर 70 वर्ग फुट घास का मैदान वाहनों से पैदा हुए शोर को 40 फीसदी कम करता है। इसी तरह टर्फ शोर की कठोरता और चमक से पैदा हुए तनाव को कम करती है।

कीटों और एलर्जी पर लगामः

नियमित रूप से काटे गए आवासीय लौन, सांप, मच्छरों, चूहों, गिलहरी और अन्य नुकसानदायक जीवों की समस्या को कम करते हैं। साथ ही खरपतवार से पैदा एलर्जी वाले परागों को कम करने में सहायता करते हैं। अगर लौन की घास को अच्छे तरीके और नियमित रूप से काटा जाए, तो जो छोटे जीवजंतु लंबी घास में पनाह की तलाश करते हैं, उन के आसपास इन के हमले की संभावना कम हो जाती है।

वाहन सुरक्षाः

सड़क के किनारे लगाई गई टर्फ घास, मिट्टी के कटाव को रोकने के साथ-साथ राजमार्ग सुरक्षा में भी सहायता करती है। यह वाहनों के आपातकालीन ठहराव के लिए एक बड़े मजबूत आधार के रूप में काम करती है। टर्फ पास हवाई अड्डों के रनवे के चारों ओर मिट्टी और धूल रोकने में सहायता करती है, जबकि छोटी हवाई पट्टियों में टर्फ घास को रनवे की सतह के रूप में ही इस्तेमाल किया जाता है।

आग में कमी:

टर्फ घास आग में होने वाले जोखिम को कम करती है और इस के साथ ही भवनों को सुरक्षा देती है। हरा लौन आग को रोकने में काम करता है।

राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में योगदानः

टर्फ घास की खूबसूरती और अच्छा लान घर संपत्ति के मूल्य में 15 फीसदी का योगदान देते हैं। आर्थिक नजरिए से टर्फ घास उद्योग किसी भी देश की अर्थव्यवस्था में अहम योगदान देता है।

तेजी से बढ़ता शहरीकरण, भवनों का विस्तार, ग्रामीण और शहरी मिट्टी के कटाव की रोकथाम वगैरह के लिए अलग तरह की टर्फ घास के बारे में खोजबीन करना जरूरी हो गया है।

इस बारे में भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, पूसा नई दिल्ली के पुष्प विज्ञान और भूदृश्य निर्माण संभाग में टर्फ घास की कई वैरायटियों पर शोध किया जा रहा है। इस संभाग के पास 8 प्रजातियां और 4 किस्में हैं, जिन का मूल्यांकन दिल्ली और आसपास के इलाकों के लिए किया जा रहा है।

 

 

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