• बोअर युद्ध में गांधी ने इंडियन एंबुलेंस कोर बनाई
  • टाइम मैगजीन ने महात्मा गांधी को मैन ऑफ द ईयर चुना था
  • नेताजी ने सिंगापुर से प्रसारित रेडियो संदेश में गांधी को राष्ट्रपिता कहा

नई दिल्ली 30 जनवरी (एजेंसी) आज ही के दिन यानी 30 जनवरी 1948 को दुनिया को अहिंसा सिखाने वाले महात्मा गांधी की छाती में तीन गोलियां दाग दी गईं थी। बता दे कि उस समय अमेरिका में नागरिक अधिकारों की लड़ाई लड़ने वाले मार्टिन लूथर किंग जूनियर ने कहा था कि दुनिया गांधी जैसे लोगों को पसंद नहीं करती। कितना आश्चर्य है? दुनिया ईसा मसीह जैसे लोगों को भी पसंद नहीं करती। लिंकन जैसे लोगों को भी पसंद नहीं करती। उन्होंने गांधी को भी मार डाला और अब्राहम लिंकन भी तो ठीक ऐसे ही कारणों से मार डाले गए। आज महात्मा गाँधी की 73वीं पुण्यतिथि पर उनसे जुडी ऐसी ही कई रोचक बातें जानते हैं –

बोअर युद्ध में गांधी ने इंडियन एंबुलेंस कोर बनाई

ब्रिटिश साम्राज्य और दो स्वतंत्र अफ्रीकी राज्यों के बीच हुए बोअर युद्ध में गांधी ने इंडियन एंबुलेंस कोर बनाई। गांधी इस स्वैच्छिक कोर के जरिए भारतीयों को बराबर का दर्जा देने के लिए ब्रिटेन को मजबूर करना चाहते थे। गांधी इसमें वारंट ऑफिसर थे। यह कोर युद्ध क्षेत्र से बाहर लाए गए घायलों को अस्पताल पहुंचाती थी। हालाँकि फरवरी 1900 में ज्यादा ब्रिटिश फौजों के आने के बाद इस कोर को समाप्त कर दिया गया।

दक्षिण अफ्रीका में तीन फुटबॉल क्लब बनाए

गांधी ने दक्षिण अफ्रीका के डरबन, प्रिटोरिया और जोहानसबर्ग में तीन फुटबॉल क्लब बनाए। इन तीनों फुटबॉल क्लबों को पैसिव रेसिस्टर्स सॉकर क्लब कहा जाता था। इनके जरिए दक्षिण अफ्रीका के अश्वेत भी खेलों का हिस्सा बन सके। गांधी फुटबॉल मैच के दौरान जमा दर्शकों के बीच नस्लवाद के खिलाफ पर्चे बांटा करते थे। दक्षिण अफ्रीका में अश्वेतों की पहली फुटबॉल एसोसिएशन ट्रांसवाल इंडियन फुटबॉल एसोसिएशन बनाने में गांधी की भूमिका थी। क्लिप रिवर डिस्ट्रिक्ट इंडियन फुटबॉल एसोसिएशन और एसोसिएशन ऑफ हिंदू फुटबॉल भी गांधी ने बनवाए थे। डरबन में गांधी की बसाई फीनिक्स बस्ती और जोहानसबर्ग में उनके टॉलस्टॉय आश्रम के मैदानों में अश्वेतों के फुटबॉल मैच होते थे।

टाइम मैगजीन के मैन ऑफ द ईयर चुने जाने वाले एक मात्र भारतीय

अमेरिका की टाइम मैगजीन ने 5 जून 1930 के एडिशन में महात्मा गांधी को मैन ऑफ द ईयर चुना था। गांधी अकेले भारतीय हैं, जो टाइम मैगजीन के मैन ऑफ द ईयर चुने गए। मैगजीन ने लिखा- ब्रिटिश साम्राज्य गांधी और जेल में बंद उनके 30 हजार समर्थकों से डरा हुआ है। मैगजीन 1927 से मैन या वुमन ऑफ द ईयर चुन रही है।

पांच बार नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित

नोबेल शांति पुरस्कार के लिए महात्मा गांधी को 1937, 1938, 1939, 1947 समेत पांच बार नामित किया गया। अंतिम बार गांधी को उनकी हत्या से कुछ दिन पहले जनवरी 1948 में नोबेल के लिए नामित किया गया। 1989 में दलाई लामा को नोबेल शांति पुरस्कार देते हुए नोबेल कमेटी के अध्यक्ष ने कहा कि यह गांधी की स्मृति में एक श्रद्धांजलि है।

पर्सन ऑफ सेंचुरी के लिए महात्मा गांधी मेरी पसंद : स्टीव जॉब्स 

1999 में टाइम मैगजीन से मैन या वुमेन ऑफ सेंचुरी पर पूछे एक सवाल पर एप्पल के को-फाउंडर स्टीव जॉब्स ने कहा, पर्सन ऑफ सेंचुरी के लिए महात्मा गांधी मेरी पसंद हैं। स्टीव ने कहा कि महात्मा गांधी ने हमें मानव स्वभाव के विनाशकारी पहलू से बाहर निकलने का रास्ता दिखाया। एप्पल ने अपने थिंक डिफरेंट कैंपेन में महात्मा गांधी की तस्वीर का इस्तेमाल किया। 1985 में अपनी ही कंपनी से निकाले जाने के बाद स्टीव जॉब्स ने महात्मा गांधी से प्रभावित होकर गोल फ्रेम का चश्मा लगाना शुरू किया।

महात्मा गाँधी को कई लोगों के भिन्न भिन्न नाम दिए

महात्मा गांधी का पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी था। रवींद्रनाथ टैगोर ने गांधी को महात्मा की उपाधि दी थी। चंपारण के एक किसान ने गांधी को बापू का नाम दिया था। नेताजी ने सिंगापुर से प्रसारित रेडियो संदेश में गांधी को राष्ट्रपिता कहा था।

 

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