फिल्म समीक्षा मनोरंजन

Film review: ब्लैक शीप कहानी जिसे समझने के लिए दिमाग लगाते रहिए!

महीने में एक फिल्म तो ऐसी रिलीज होती है, जिसमे बड़े या अच्छे कलाकार होते हैं, परन्तु उस फिल्म को न देखकर हम पैसे और समय दोनों की बचत करते हैं। ऐसी ही एक फिल्म इस हफ्ते भी रिलीज हुई है, फिल्म का नाम है बाबा बाबा ब्लैक शीप। कॉमेडी जोन वाली ये फिल्म अपने टाइटल की ही तरह लोगों को देर तक उलझाए रखती है। फिल्म में दर्शकों को ज़बरदस्ती हँसाने की कोशिश करते किरदार बेहद कमजोर और फालतू लगते हैं।

फिल्म में मुख्य भूमिका मनीष पॉल निभा रहे हैं, जो देखने में स्वीट बॉय तो हैं, परन्तु अभिनय के मामले में कच्चे हैं और अब मनीष को समझ जाना चाहिए कि वो एंकरिंग या स्टैंड-अप कॉमेडी करते हुए ही अच्छे लगते हैं। मनीष के साथ फिल्म में अनुपम खेर, अन्नू कपूर, के के मेनन और मंजरी फडनीस है। जहाँ अपने अभिनय से मंजरी फडनीस ने इसी साल में प्रदर्शित फिल्म निर्दोष से सबको चौकाया था, तो इस फिल्म में वो निरर्थक नज़र आती हैं। ख़राब स्क्रीनप्ले और बिखरी हुए एडिटिंग ने फिल्म का पूरी तरह से कबाड़ा कर दिया। वही अनुपम खेर और अनु कपूर ओवर एक्टिंग का शिकार नज़र आते हैं और तो और के के मेनन जैसे नेचुरल एक्टर को भी जाया कर दिया गया है। इन सबमे कोई याद रह जाता है तो वो है मनीष वाधवा।

फिल्म की कहानी बाबा नाम के युवा की है, जो गोवा में रहता है और उसका काम सिर्फ पलंग तोडना है। बाबा के पिता चारुदत्त शर्मा उर्फ चार्ली एक छोटी सी दुकान चलाते हैं। एक दिन बाबा को पता चलता है कि उसके पिता कॉन्ट्रैक्ट किलर हैं, जो कि उनका पुश्तैनी काम है और अब बाबा को इस कारोबार को आगे बढ़ाना है। इसके बाद कहानी में कई ट्विस्ट & टर्न आते हैं । जिन्हें देखने के लिए या तो आप पैसा बर्बाद करने के लिए सिनेमाघर जाए या फिर टीवी पर इसके आने का इंतजार करें।

वीडियो में देख लीजिए बाबा ब्लैक शीप का गाना

 

 

Read all Latest Post on फिल्म समीक्षा movie_review in Hindi at Khulasaa.in. Stay updated with us for Daily bollywood news, Interesting stories, Health Tips and Photo gallery in Hindi
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए khulasaa.in को फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें
Title: baa baaa black sheep movie review woolly headed second half undoes promise of first half in tepid crime comedy in Hindi  | In Category: फिल्म समीक्षा movie_review

मिली जुली फिल्म समीक्षामनोरंजन

  1. Film review सत्यमेव जयते : लगता है 90’s का दौर वापस आ रहा है
  2. Film review Gold: दर्शकों में देशभक्ति का जुनून पैदा करती अक्षय कुमार की फिल्म गोल्ड
  3. साहेब, बीवी और गैंगस्टर 3 : पुरानी और बासी पेशकश
  4. Film review: मिशन इम्पॉसिबल फॉलआउट : एक्शन का दमदार पैक
  5. SOORMA FILM REVIEW:  सूरमा किसी सूरमे से कम नहीं  
  6. Sanju : sanju movie review in hindi: रणबीर कपूर की दमदार प्रस्तुति
  7. Race 3 movie review: सलमान की लगातार तीसरी कमजोर पेशकश
  8. फिल्म समीक्षा वीरे दी वेडिंग : हॉलीवुड मसाले को बॉलीवुड थाली में परोसना
  9. फिल्म रिव्यू भावेश जोशी सुपरहीरो : एक बार फिर वहीँ दास्ताँ
  10. फिल्म रिव्यू परमाणु – देशभक्ति का नया जज्बा
  11. फिल्म रिव्यू सोलो : ए स्टार वॉर स्टोरी, नए दमखम के साथ वापसी
  12. फिल्म रिव्यू: बायोस्कोपवाला : कई रंगों में रंगी कहानी
  13. अंग्रेजी में कहते है मूवी रिव्यु : क्या यही प्यार है ?
  14. डेडपूल 2 : इस मज्जेदार फिल्म में बच्चों की एंट्री है मना
  15. फिल्म रिव्यू खजूर पे अटके : एक स्वस्थ फैमिली हास्य मनोरंजन
  16. ओमर्टा film review : उमर सईद शेख की बायोपिक जिसे देखकर आप सिहर जाएंगे
  17. 102 Not Out movie review: ये जीना भी कोई जीना है लल्लू
  18. Film review: एवेंजर्स इफिनिटी वॉर, अभी पिक्चर बाकी है मेरे दोस्त
  19. Daas Dev Review: : सुधीर मिश्रा की बेहतरीन पेशकश दास देव
  20. अक्टूबर film review : दिल से महसूस करो इस प्यार को
  21. बागी 2 movie review: एक्शन से भरपूर मसाला फिल्म
  22. Film reiview Hichki : लोगों का दिल जीत लेगी रानी मुखर्जी की 'हिचकी'
  23. Film review: ब्लैक शीप कहानी जिसे समझने के लिए दिमाग लगाते रहिए!
  24. Film review: रेड : अभिनय और कहानी के दम पर जीत लेगी आपका दिल
  25. Film review 3 स्टोरीज : उलझे रिश्तों को सुलझाने की कोशिश  
  26. Hate Story 4 Movie Review: : मोहब्बतों में सियासतों की साजिशें जानिए कैसी है फिल्म
  27. FILM REVIEW : "वीरे की वेडिंग" का न्योता नहीं मिला है तो आप भाग्यशाली हैं
  28. परी मूवी रिव्यू : डर से डर लगता है  
  29. सोनू के टीटू की स्वीटी : दोस्ती और कॉमेडी का कॉकटेल
  30. वेलकम टू न्यू यॉर्क : स्टारडम और हँसी एक साथ
  31. कुछ भीगे अल्फाज : दो अनजाने अजनबी
  32. अय्यारी : नीरज पांडे की एक कमजोर कोशिश  
  33. पैडमैन : सिर्फ और सिर्फ अक्षय कुमार
  34. कुलदीप पटवाल : आई डिड नॉट डू इट, काफी हद तक आम आदमी की कहानी  
  35. वोदका डायरीज : बेहतरीन कलाकारों की कमजोर प्रस्तुति
  36. निर्दोष : कमजोर कहानी भारी पड़ी अभिनय पर
  37. माय बर्थडे सॉन्ग : सपना या हकीकत
  38. मुक्काबाज : आँखे खोलता हुआ पंच
  39. कालाकांडी : चीजों का बुरी तरह गड़बड़ा जाना
  40. 1921 : डराती कम है और हँसाती ज्यादा
  41. टाइगर जिन्दा है : एक बार फिर सिर्फ और सिर्फ सलमान
  42. स्टार वार्स: द लास्ट जेडी
  43. मॉनसून शूटआउट : क्या गलत क्या सही
  44. फुकरे रिटर्न्स : पहले के मुकाबले में कुछ कम
  45. गेम ओवर : सस्पेंस की कमजोर कड़ी 
  46. तेरा इंतजार : कभी कभी पैसो की बचत भी जरुरी है
  47. फिरंगी : न देशी, न विदेशी
  48. तुम्हारी सुलू – सपनो की उड़ान
  49. अक्सर 2 : कुछ तो अधूरा है
  50. इत्तेफाक : कही कोई इत्तेफाक नहीं
  51. थॉर राग्नारोक : साम्राज्य की जंग
  52. रांची डायरीज : मुख्य पृष्ठ से आकर्षक अंदर से बकवास
  53. मुआवजा : ज़मीन का पैसा
  54. शेफ : वेलकम बेक सैफ
  55. सिमरन : कॉमेडी या क्राइम ड्रामा
  56. पटेल की पंजाबी शादी : फीकी फीकी सी जलेबी
  57. लखनऊ सेंट्रल : ख्वाबों का जैसे टूट जाना
  58. न्यूटन : जवाब नही, सवाल है ये
  59. किंग्समैन द गोल्डन सर्कल : इनका अंदाज़ है अलग
  60. भूमि : सिर्फ और सिर्फ संजय दत्त  
  61. जुड़वाँ 2 : दाल में तडके की कमी
  62. ए जेंटलमैन : सुंदर सुशील रिस्की
  63. बादशाहों : ऊंची दूकान के फीके पकवान
  64. बाबुमोशाय बन्दूकबाज़ : यमराज का एजेंट
सुमित नैथानी

सुमित नैथानी

सुमित नैथानी पेशे से ब्लॉगर व लेखक हैं। कई क्षेत्रीय पत्र पत्रिकाओं के लिए लेखन के साथ जागरण जंक्शन (दैनिक जागरण का ब्लॉग ) पर भी लगातार लिखते रहे हैं।

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *