Babumoshai Bandookbaaz Movie Review in Hindi : 2012 में आयी गैंग्स ऑफ़ वासेपुर (gangs of wasseypur) आज भी लोगो के बीच दो ही कारणों के जानी जाती है पहली इसमें भरपूर गालियों का प्रयोग और दूसरा इसका एडल्ट कंटेंट | यह कहना बिलकुल गलत नही होगा कि 2017 में रिलीज़ बाबुमोशाय बन्दूकबाज़ (Babumoshai bandookbaaz) इसी प्रथा की अगली कड़ी है । फिल्म में द्विअर्थी (double meaning) शब्दों का इस्तमाल होने के साथ ये पूरी तरह से 18+ कंटेंट वाली फिल्म है । ऐसी फिल्मो का एक अलग ही वर्ग होता है, मेरे हिसाब से उस वर्ग को अभी तक कोई नाम नही दिया गया है | इन खूबियों के अलावा दोनों फिल्मो में एक समानता और है, वो है नवाजुद्दीन सिद्दीकी | गैंग्स ऑफ़ वासेपुर ((gangs of wasseypur))  ही वो पहली फिल्म थी जिसने सिद्दीकी को रातो रात एक स्टार बना दिया था, ऐसे में देखते है ये फिल्म क्या कमाल कर पाती है |

(Babumoshai bandookbaaz) फिल्म के मुख्य पात्र उत्तर प्रदेश के बाबू बिहारी और बांके बिहारी है, जो पेशे से कॉन्ट्रैक्ट किलर है | 10 साल की मासूम उम्र में किलर बने बाबू की एक प्रेमिका भी है | चूँकि फिल्म कोई प्रेम कथा पर आधारित नही है अत: (Babumoshai bandookbaaz ) फिल्म में एक टर्न पॉइंट आता है | बाबू और बांके का आमना सामना हो जाता है, जहाँ से दोनों के बीच एक द्वंद की स्थिति तैयार हो जाती है | मगर आगे क्या होता है और कौन बाज़ी मार जाता है, ये जानने के लिए आपको फिल्म देखनी होगी |

Babumoshai bandookbaaz कुषाण नन्दी की तीसरी फिल्म है जो कमजोर स्क्रीनप्ले के चलते बिखरी हुयी सी लगती है, कुषाण को स्क्रीनप्ले पर ध्यान देना चाहिए था | नवाजुदीन अपनी अदाकारी और डायलॉग डिलीवरी से सबका मन मोह लेते है | फिल्म की मुख्य नायिका बिदिता बाग उत्तेजक दिखने के साथ साथ अपनी भूमिका के साथ भी पूरा इंसाफ करती है | जतिन गोस्वामी बांके के किरदार के साथ पूरी तरह रमें हुए है, तो दिव्या दत्ता अपने परिचित अंदाज़ में ही नज़र आती है|

(Babumoshai bandookbaaz) बाबुमोशाय बन्दूकबाज़ में गीत संगीत कुछ खास नही है, जोकि अक्सर इस तरह की फिल्मो में होता भी नही है | फिर भी फिल्म ढोंगी का हाय रे हाय तेरा घुंघटा का रीमिक्स अच्छा बन पड़ा है |

फिल्म निर्माण समय से विवादो में घिरी रही है | फिल्म में पहले नायिका की मुख्य भूमिका के लिए चित्रांगधा सिंह को साइन किया गया था, कुछ दिनों की शूटिंग के बाद उन्होंने खुद को फिल्म से अलग कर लिया था | माना जाता है कि चित्रांगधा सिंह ने साफ़ तौर पर नवाज़ को किस और अन्तरंग दृश्यों को करने में एतराज़ जताया था और यही फिल्म छोड़ने का कारण भी माना जाता है | इसके बाद फिल्म ने एक बार फिर चर्चाओ का बाज़ार तब गरम किया जब सेंसर बोर्ड ने फिल्म में 48 कट लगाने की डिमांड की |

बहराल फिल्म में नवाज़ के अलावा कुछ नही है जो इसे खास बनाते हो | आप फिल्म को तभी देखे जब आप नवाज के die hard Fan है तो।

Movie Review – Babumoshai Bandookbaaz | बाबूमोशाय बंदूकबाज :‍ फिल्म समीक्षा

 

 

 

Read all Latest Post on खेल sports in Hindi at Khulasaa.in. Stay updated with us for Daily bollywood news, Interesting stories, Health Tips and Photo gallery in Hindi
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए khulasaa.in को फेसबुक और ट्विटर पर ज्वॉइन करें