• भारत रत्न से सम्मानित लता मंगेशकर आज अपना 91वा जन्मदिन मना रही है

  • लता जी का कहना है कि पिताजी जिंदा होते तो मैं शायद सिंगर नहीं होती

  • सर्वाधिक गाने रिकॉर्ड करने का कीर्तिमान गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज

मुंबई 28 सितम्बर (एजेंसी) 36 भाषाओं में 50 हजार से ज्यादा गीत गाने वाली भारत रत्न से सम्मानित लता मंगेशकर आज अपना 91वा जन्मदिन मना रही है। ऐसे में उनके जीवन से जुड़े कुछ रोचक किस्से आपको बता रहे है । बकौल लता जी का कहना है कि पिताजी जिंदा होते तो मैं शायद सिंगर नहीं होती, बता दे कि लता लंबे समय तक पिता के सामने गाने की हिम्मत नहीं जुटा पाई थीं, परन्तु बाद में उन्होंने परिवार को संभालने के लिए उन्होंने इतना गाया कि सर्वाधिक गाने रिकॉर्ड करने का कीर्तिमान गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में 1974 से 1991 तक हर साल अपने नाम दर्ज कराती रहीं।

जी हां, लता का मानना हैं कि पिता की वजह से ही वे आज सिंगर हैं, क्योंकि संगीत उन्होंने ही सिखाया। जानकर आश्चर्य हो सकता है कि लता के पिता दीनानाथ मंगेशकर को लंबे समय तक मालूम ही नहीं था कि बेटी गा भी सकती है। लता को उनके सामने गाने में डर लगता था। वो रसोई में मां के काम में हाथ बंटाने आई महिलाओं को कुछ गाकर सुनाया करती थीं। मां डांटकर भगा दिया करती थीं क्योंकि लता के कारण उन महिलाओं का वक्त जाया होता था, ध्यान बंटता था।

एक बार लता के पिता के शिष्य चंद्रकांत गोखले रियाज कर रहे थे। दीनानाथ किसी काम से बाहर निकल गए। पांच साल की लता वहीं खेल रही थीं। पिता के जाते ही लता अंदर गई और गोखले से कहने लगीं कि वो गलत गा रहे हैं। इसके बाद लता ने गोखले को सही तरीके से गाकर सुनाया। पिता जब लौटे तो उन्होंने लता से फिर गाने को कहा। लता ने गाया और वहां से भाग गईं। लता मानती हैं कि पिता का गायन सुन-सुनकर ही मैंने सीखा था, लेकिन मुझ में कभी इतनी हिम्मत नहीं थी कि उनके साथ गा सकूं।

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