• फिल्म राम लखन के लिए सर्वश्रेष्ठ हास्य अभिनेता के फिल्म फेयर पुरस्कार

  • सतीश को असली पहचान मिली वर्ष 1987 में प्रदर्शित फिल्म मिस्टर इंडिया से

  • बतौर निर्देशक सतीश ने तेरे नाम से सलमान खान को दी थी नयी पहचान

बहुमुखी प्रतिभा के धनी सतीश कौशिक (Satish Kaushik) बॉलीवुड का एक जाना माना नाम है, जिन्होंने न केवल अपने अभिनय के दम पर लोगों को हँसाया और रुलाया बल्कि निर्माण और निर्देशन क्षेत्र में भी अपना योगदान दिया है । 13 अप्रैल 1956 के जन्मे सतीश ने बचपन से ही हीरो बनने का सपना अपने मन में पाल लिया था ।

दिल्ली के प्रसिद्ध किरोड़ीमल कॉलेज से स्नातक की डिग्री हासिल करने के बाद उन्होंने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में दाखिला ले लिया। वर्ष 1978 में उन्होंने पुणे फिल्म इंस्टीट्यूट को ज्वाइन किया । अस्सी के दशक में उन्हें उनकी फिल्म मिली जो कि 1983 में प्रदर्शित फिल्म मासूम थी, परन्तु सतीश को असली पहचान मिली वर्ष 1987 में प्रदर्शित फिल्म मिस्टर इंडिया से, जिसमे उनका नाम कैलेन्डर था, जो कि मि. इंडिया के साथ साथ हमेशा के लिए बॉलीवुड में अमर हो गया।

वर्ष 1989 में प्रदर्शित फिल्म राम लखन सतीश कौशिक की महत्वपूर्ण फिल्म में शुमार की जाती है। फिल्म में उन्होने अपने दमदार अभिनय से दर्शको का दिल जीत लिया और अनुपम खेर के साथ सर्वश्रेष्ठ हास्य अभिनेता के फिल्म फेयर पुरस्कार से सम्मानित भी किये गये। दिलचस्प बात है कि यह फिल्म इंडस्ट्री के इतिहास का पहला मौका था जब एक ही श्रेणी के लिए दो अभिनेताओं को फिल्म फेयर का पुरस्कार दिया गया।

वर्ष 1993 में बोनी कपूर निर्मित फिल्म रूप की रानी चोरो का राजा के जरिये सतीश कौशिक ने फिल्म निर्देशन के क्षेत्र में भी कदम रख दिया। अनिल कपूर, श्रीदेवी और जैकी श्राफ जैसे नामचीन सितारों की मौजूदगी के बावजूद कमजोर पटकथा के कारण फिल्म टिकट खिड़की पर अपेक्षित कामयाबी अर्जित नहीं कर सकी।

वर्ष 1995 में निर्देशक के रूप में सतीश कौशिक की एक और फिल्म प्रेम प्रदर्शित हुयी। संजय कपूर और तब्बू अभिनीत इस फिल्म के निर्माण में लगभग सात वर्ष लग गये, जिसके कारण फिल्म अपना प्रभाव नही दिखा सकी और टिकट खिड़की पर बुरी तरह नकार दी गयी। सतीश के कैरियर का सितारा 1999 में प्रदर्शित फिल्म हम आपके दिल में रहते है से चमका। पारिवारिक पृष्ठभूमि पर बनी अनिल कपूर और काजोल अभिनीत इस फिल्म सफलता के बाद सतीश कौशिक निर्देशक के रूप में अपनी पहचान बनाने में कामयाब रहे।

वर्ष 2000 में बोनी कपूर के बैनर तले बनी फिल्म हमारा दिल आपके पास है निर्देशक के रूप में सतीश कौशिक की महत्वपूर्ण फिल्म में शुमार की जाती है। इस फिल्म में उन्हें एक बार फिर से अपने प्रिय अभिनेता अनिल कपूर के साथ काम करने का अवसर मिला। पारिवारिक पृष्ठभूमि पर बनी इस फिल्म में अनिल कपूर के साथ ऐश्वर्या राय की जोड़ी को दर्शको ने काफी पसंद किया और फिल्म टिकट खिड़की पर सुपरहिट साबित हुयी।

वर्ष 2001 में बासु भगनानी के बैनर तले बनी फिल्म मुझे कुछ कहना है बतौर निर्देशक के रूप में सतीश कौशिक की सुपरहिट फिल्मों में शुमार की जाती है। युवा प्रेम कथा पर आधारित यह फिल्म अभिनेता जीतेन्द्र के सुपुत्र तुषार कपूर की पहली फिल्म थी। फिल्म में तुषार कपूर और करीना कपूर की जोड़ी को दर्शको ने काफी पसंद किया। वर्ष 2003 में प्रदर्शित फिल्म तेरे नाम के रूप में निर्देशक सतीश कौशिक की सर्वाधिक सुपरहिट फिल्मों में शुमार की जाती है। इस फिल्म के जरिये उन्होंने अभिनेता सलमान खान को नये अंदाज में पेश किया और उनसे संजीदा अभिनय कराकर दर्शकों को रोमांचित कर दिया।

सतीश कौशिक ने दर्शको की पसंद को देखते हुये छोटे पर्दे का भी रूख किया और फिलिप्स टॉप टेन में बतौर होस्ट काम करके दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। वर्ष 2007 में अपने मित्र अनुपम खेर के साथ मिलकर उन्होंने करोलबाग प्रोडक्शन कंपनी की स्थापना की जिसके बैनर तले तेरे संग का निर्माण किया। सतीश कौशिक दो बार फिल्म फेयर पुरस्कार से नवाजे जा चुके है। सतीश कौशिक ने अपने सिने कैरियर में 100 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया है।

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