Bharat Movie Review in Hindi  : सलमान खान के डगमगाते करियर को सहारा देने का काम किया था प्रभु देवा निर्देशित वान्टेड ने, जो कि तमिल की सुपरहिट फिल्म पोकिरी का हिंदी रीमेक थी। फिल्म न सिर्फ सफल रही बल्कि सलमान के करियर को भी एक नया मुकाम दिया। इसके बाद सलमान ने कई ऐसी फिल्मों में रूचि दिखायी जो साउथ फिल्म इंडस्ट्री की सुपरहिट फिल्मे थीं जैसे दबंग, बॉडीगार्ड, रेडी, जय हो और किक।

इस बीच सलमान ने कई और फ़िल्में भी कि परन्तु वो सफलता का स्वाद नहीं चख पायी। इसके बाद 2017 में सलमान फिल्म ट्यूबलाइट लेकर आये जो कि हॉलीवुड की फिल्म लिटिल बॉय का हिंदी रीमेक थी और अब भारत बन सलमान लेकर आये है कोरियाई फिल्म ओड टू माय फादर का हिंदी रीमेक। सफल फिल्मों का रीमेक कर सफलता पाना जैसे सलमान की पालिसी बन गयी हो।

1947 के विभाजन में भारत अपने स्टेशन मास्टर पिता और बहन से बिछड़ जाता है जहाँ वो अपने पिता से बिछड़ने से पहले एक वादा करता है कि अपने पिता की गैरहाजिरी में वो अपने परिवार का ख्याल रखेगा, तो दूसरी तरफ उसके पिता बताते हैं कि दिल्ली में उसकी बुआ की दुकान है जहाँ वो जल्द ही आयेंगे और अपने परिवार से मिलेंगे, भारत वहां उनका इंतजार करे।

अपने परिवार का सहारा बनने के लिए भारत चोरी, मौत का कुंआ में मोटरसाइकिल चलाना, किराने की दुकान चलाना, अरब जाकर तेल निकालने का काम और समंदर में जाकर जान जोखिम में डालने जैसे हर तरह के काम कर दर्शकों को लुभाने का काम करता है।

अरब मेंइउसे नौकरी दिलाने वाली बोल्ड ऐंड ब्यूटिफुल कुमुद मैडम सर जी और भारत की प्रेम कहानी भी साथ साथ चलती रहती है। पर जब प्यार शादी की देहलीज पर पहुँचती है तो भारत शादी से मना कर देता है क्योंकि उसकी प्राथमिकता अपने पिता को दिया हुआ वचन है। तब बिंदास मैडम सर जी भारत के घर में आकर लिव इन रिलेशन में रहने की इजाजत मांगती है और ऐसे ही कितने मोड़ों से होते हुए फिल्म आपका मनोरंजन करती है जिसे जानने के लिए आपको फिल्म देखनी होगी।

सलमान खान स्टारर मेरीगोल्ड से शुरुआत करने वाले अली अब्बास ज़फर अब तक दर्जन फ़िल्में निर्देशित कर चुके हैं और कुछ फिल्मों ने उन्हें सफलता भी दिलायी है परन्तु जफ़र अभी तक ऐसी कोई फिल्म निर्देशित नहीं कर पाए है जो उनका ट्रेडमार्क बन सके। भारत वो मंजिल थी जो उन्हें यह ट्रेडमार्क दिला सकती थी परन्तु फिल्म में मुख्य भूमिका में सलमान खान को लेकर वो अपनी मंजिल से दूर हो जाते हैं।

फिल्म सफल हो जाएगी इसमें कोई शक नहीं है परन्तु ट्रेडमार्क बना पाना सलमान के बस की बात नहीं है | सलमान अपनी और फिल्मों से बेहतर लगते है मगर कभी कभी वो झोल कर जाते हैं। फिल्म में सबसे बेहतरीन कटरीना कैफ और सुनील ग्रोवर लगे हैं और दोनों अपने किरदार को पूरी तरह से जीते हैं। जैकी श्रोफ अपने किरदार में फिट है। दिशा पटानी 10 मिनट के रोल में जमकर अंग प्रदर्शन कर जाती हैं।

फिल्म का गीत संगीत कर्णप्रिय है और चासनी, स्लो मोशन व जिंदा पहले ही हित हो चुके है | फिल्म का एक गीत और अच्छा है पर लोगों में वो अपनी पकड़ नहीं बना पाया और वो गीत है तू न आया |

Read all Latest Post on खेल sports in Hindi at Khulasaa.in. Stay updated with us for Daily bollywood news, Interesting stories, Health Tips and Photo gallery in Hindi
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए khulasaa.in को फेसबुक और ट्विटर पर ज्वॉइन करें