फिल्म समीक्षा

102 Not Out movie review: ये जीना भी कोई जीना है लल्लू

अमर अकबर एंथनी, कुली, कभी कभी, अजूबा और नसीब जैसी बेहतरीन फिल्मों में जोड़ी बनाने वाले ऋषि कपूर और अमिताभ बच्चन एक बार फिर साथ साथ आये हैं, फिल्म का नाम है 102 नॉट आउट। उमेश शुक्ला की यह फिल्म गुजराती नाटक 102 नॉट आउट का हिंदी रुपान्तरण है और उमेश थोडा यही मार खा जाते हैं, क्योंकि कभी 102 नॉट आउट फिल्म सी लगती है तो कभी नाटक सी। अमिताभ की फिल्म मि. नटवरलाल के एक गीत की लाइन इस फिल्म पर पूरी तरह से सार्थक होती है, ये जीना भी कोई जीना है लल्लू। दरअसल यह फिल्म जीने का नया अंदाज़ पेश करती है।

फिल्म की कहानी 102 वर्षीय दत्तात्रेय वखारिया और उनके पुत्र  बाबूलाल, जिसकी उम्र 75 वर्ष है, की है । दोनों एक दूसरे के विपरीत, जहाँ बाबूलाल टाइम का पाबंद है और सेहत को लेकर सजग है तो दूसरी तरफ बाबूलाल के पिता इसके एकदम विपरीत है। कहानी में ट्विस्ट तब आता है जब दत्तात्रेय कहीं पढता है कि यदि ज्यादा दिनों तक जीना है तो अपने आसपास उदास, बोर लोगों को न रहने दो। जिसका नतीजा यह निकलता है कि दत्तात्रेय अपने 75 वर्षीय बेटे को वृद्धाश्रम भेजने की तैयारी करने लगता है, हालाँकि बेटा इस बात के लिए राजी नहीं होता है। अत: दत्तात्रेय इसका एक हल निकालते हैं। वो कुछ नियम बनाते है और अपने बेटे को उन्हीं नियमों पर चलने के लिए कहते हैं। आखिर ये नियम कौन कौन से है और क्या बाबूलाल इन्हें मानता है, यही फिल्म की कहानी है।

यदि बात अमिताभ बच्चन के अभिनय की करी जाए तो आज भी उन्हें कोई टक्कर देने वाला नहीं है और यहाँ भी दत्तात्रेय के किरदार में वो बाज़ी मार ले जाते हैं, जबकि यह हम सभी जानते हैं कि अभिनय के मामले में ऋषि कपूर भी किसी से कम नहीं है और उन्होंने इस बात को एक बार फिर साबित किया है। फिल्म का विषय बेहद ही अच्छा है और इस विषय से हर उम्र का इंसान खुद को कनेक्ट आसानी से कर लेता है।

फिल्म की कमी है इसकी कमजोर पठकथा। फिल्म का पहला हाफ कमजोर है, जबकि दुसरे हाफ में फिल्म आपका पूरा मनोरंजन करती है। आल इस वेल के बाद उमेश शुक्ला की एक और कमजोर प्रस्तुति इस फिल्म को माना जा सकता है, जबकि उनके पास बॉलीवुड के ऐसे दो रत्न थे जिससे वो अपनी किस्मत चमकाने का काम कर सकते थे, खैर जो हुआ सो हुआ। यदि आप चिंटू उर्फ़ ऋषि कपूर और बिग बी यानी कि अमिताभ बच्चन के फैन है तो यह फिल्म जरुर देखें।

 

वीडियो में देखिए केआरके फिल्म के रिव्यू में क्या कहते हैं

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Title: 102 not out movie review you will root for amitabh bachchan rishi kapoor and their high spirits in Hindi  | In Category: फिल्म समीक्षा movie_review

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