• सत्यजीत राय निर्देशक ऋत्विक घटक को भारतीय सिनेमा का पितामह मानते

  • श्री घटक को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए भी अपनी ओर से प्रयास किया

  •  हिंदी में प्रकाशित पुस्तक सत्यजीत राय में इस बात का ज़िक्र किया गया है

नई दिल्ली, 11 अक्टूबर (एजेंसी)। भारत रत्न से सम्मानित विश्व प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक सत्यजीत राय प्रख्यात बांग्ला फ़िल्म निर्देशक ऋत्विक घटक को भारतीय सिनेमा का पितामह मानते थे और उन्होंने श्री घटक को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए भी अपनी ओर से प्रयास किया था। 1955 में पाथेर पंचाली जैसी कालजयी फिल्म बनाने वाले श्री राय की जन्मशती के मौके पर सूचना प्रसारण मंत्रालय के प्रकाशन विभाग द्वारा उन पर हिंदी में प्रकाशित पुस्तक सत्यजीत राय में यह बात कही गई है। प्रसिद्ध पत्रकार संदीप जोशी द्वारा लिखित इस पुस्तक में श्री राय के जीवन और फ़िल्म के बारे में कई अनछुए प्रसंग भी दिए गए है।

हिन्दी मे अब तक श्री राय पर कोई सम्पूर्ण पुस्तक नहीं आई थी।कुछ साल पहले रेलवे बोर्ड के अधिकारी महेंद्र मिश्र ने पाथेर पंचाली और सत्यजीत राय नामक एक पुस्तक जरूर लिखी थी। श्री जोशी ने लिखा है कि दो मई 1921 में जन्मे सत्यजीत राय ने फिल्म निर्माण के क्षेत्र में कदम रखने से पहले लंदन में 100 विदेशी फिल्मों को देखा था और उसके बाद उन्होंने फिल्में बनाने का निर्णय लिया था लेकिन उनकी फिल्मों पर इन विदेशी फिल्मों का कोई असर नहीं देखा गया।

पुस्तक के अनुसार श्री राय ने ऋत्विक घटक को इस देश की सिनेमा की सबसे मौलिक प्रतिभा में से एक माना था। उनका कहना था की घटक की करीब सभी फिल्में गहरे भाव को दर्शाते हुए फिल्म निर्माण तकनीक की गहरी समझ दिखाती हैं। टेक्सटाइल के रूप में दृश्य फिल्मांकन की उनकी क्षमता भारतीय सिने जगत में सबसे असाधारण थी संपादन के भी प्रत्येक पक्ष पर उनकी पूरी पकड़ थी।”

 

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