• तबलीगी जमात में शामिल 360 विदेशियों को काली सूचि यानी कि ब्लैकलिस्ट में शामिल किया गया
  • पहले से ही विदेशी अधिनियम के तहत वीजा शर्तों के उल्लंघन और आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत मामला दर्ज

नई दिल्ली, 04 अप्रैल (एजेंसी)। भारत में लॉकडाउन की घोषणा से पूर्व यहां से जा चुके ऐसे 360 विदेशियों को काली सूची में डालने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है जो भारत में तबलीगी जमात की गतिविधियों में हिस्सा लेने भारत आये थे । केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस बात की जानकारी दी कि मंत्रालय ने उन 960 विदेशियों को प्रत्यर्पित किए जाने की बात को भी खारिज कर दिया जो पर्यटन वीजा पर यहां आए थे और तबलीगी गतिविधियों में शामिल थे। मंत्रालय ने बताया कि इन लोगों के खिलाफ पहले ही विदेशी अधिनियम के तहत वीजा शर्तों के उल्लंघन और आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जा चूका है।

इस स्तर पर प्रत्यपर्ण संभव नहीं

मंत्रालय ने जानकारी देते हुए कहा कि सभी पुलिस महानिदेशकों और पुलिस आयुक्तों को ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई के लिये निर्देशित किया गया है। तबलीगी जमात से जुड़े, कालीसूची में डाले गए 960 विदेशियों को प्रत्यर्पित किए जाने संबंधी एक सवाल के जवाब में गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव स्तर के एक अधिकारी ने कहा कि इस स्तर पर प्रत्यर्पण का कोई सवाल ही नहीं, जब प्रत्यर्पण होगा तो वह स्वास्थ्य दिशानिर्देश के मानकों के मुताबिक होगा।

15 मार्च को एक धार्मिक कार्यक्रम में हजारों लोग हुए थे शामिल

निजामुद्दीन पश्चिम में तबलीगी जमात का मरकज देश के विभिन्न हिस्सों में कोरोना वायरस के संक्रमण के प्रसार के प्रमुख केंद्र के तौर पर सामने आया है। एक से 15 मार्च के बीच यहां हजारों लोग एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल हुए थे। कई राज्यों में इनमें से कई प्रतिभागी कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं।मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से स्वास्थ्य देखभाल कर्मियों और इस बीमारी के खिलाफ अग्रिम मोर्चे पर तैनात कर्मियों पर कथित हमले के मामलों में सख्त कार्रवाई करने को भी कहा है।मंत्रालय ने स्वास्थ्य देखभाल क्षेत्र से जुड़े लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा है।

Read all Latest Post on खेल sports in Hindi at Khulasaa.in. Stay updated with us for Daily bollywood news, Interesting stories, Health Tips and Photo gallery in Hindi
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए khulasaa.in को फेसबुक और ट्विटर पर ज्वॉइन करें