•  डीसीजीआई से मंजूरी पाने वाली वह देश की पहली कंपनी बनी ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स

  • दवा के लिए कच्चा माल भी इस कंपनी में आंतरिक तौर पर तैयार किया गया

  • फॉर्मूलेशन भी कंपनी द्वारा ही विकसित किया गया है

नई दिल्ली, 1 मई (एजेंसी)। दवा कंपनी ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स को कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों पर फैविपिराविर गोलियों का परीक्षण करने की अनुमति दे दी गयी है। इस बात की पुष्टि करते हुए कंपनी ने बताया कि भारत के दवा महानियंत्रक यानी कि डीसीजीआई से ऐसी मंजूरी पाने वाली वह देश की पहली कंपनी है। उन्होंने आगे कहा कि उसने इस दवा के लिए कच्चा माल यानी कि एपीआई आंतरिक तौर पर तैयार किया है तथा इसका फॉर्मूलेशन भी कंपनी द्वारा ही विकसित किया गया है। बता दे कि कंपनी ने इसके मानवीय चिकित्सकीय परीक्षण की अनुमति मांगी थी जो कि कोरोना वारयस से आंशिक तौर पर संक्रमित मरीजों पर परीक्षण के लिए थी।

कंपनी ने कहा कि कोरोना वायरस के मरीजों पर दवा परीक्षण के लिए नियामकीय अनुमति पाने वाली वह देश की पहली कंपनी है। फैविपिराविर एक वायरल-रोधी दवा है। इंफ्लूएंजा वायरस के खिलाफ इस दवा ने सही प्रतिक्रिया दिखायी है। जापान में इंफ्लूएंजा वायरस के इलाज के लिए इस दवा के उपयोग की अनुमति है। नियमों के अनुसार कंपनी आंशिक तौर पर कोरोना वायरस से संक्रमित चुनिंदा 150 मरीजों पर इसका परीक्षण करेगी।

मरीज पर परीक्षण की अवधि 14 दिन से ज्यादा नहीं हो सकती। वहीं इसके पूरे अध्ययन की अवधि 28 दिन से ज्यादा नहीं हो सकती। पिछले कुछ महीनों में चीन, जापान और अमेरिका में कोरोना वायरस के मरीजों पर इस तरह के कई प्रायोगिक परीक्षण किए गए हैं।

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