• संसद के 14 सितंबर से शुरू होने वाले मानसून सत्र में इस बार प्रश्नकाल नहीं होगा

  • शून्यकाल की अवधि एक घंटे से घटाकर आधा घंटा कर दी गयी

  • मानसून सत्र में इसके अलावा भी कई और बदलाव देखने को मिलेंगे

नयी दिल्ली 5 सितम्बर (एजेंसी) कोरोना संकट को देखते हुए संसद के 14 सितंबर से शुरू होने वाले मानसून सत्र में इस बार प्रश्नकाल नहीं होगा, वहीँ शून्यकाल की अवधि एक घंटे से घटाकर आधा घंटा कर दी गयी है, बता दे कि सरकार के इस फैसले के बाद से इस मुद्दे पर सरकार की आलोचना हो रही है। मगर बता दे कि मानसून सत्र में इसके अलावा भी कई और बदलाव देखने को मिलेंगे। सूत्रों के अनुसार सांसदों को संसद परिसर में तभी एंट्री मिलेगी जब 72 घंटे पहले की जांच में उनकी और उनके स्टाफ की कोविड टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव आई हो, इतना ही नहीं, उनके परिजनों, ड्राइवर और घरेलू नौकर की भी टेस्ट रिपोर्ट का निगेटिव होना भी अतिआवश्यक है। ज्ञात हो कि सांसदों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कैबिनेट और राज्यमंत्री के साथ-साथ विपक्ष के दिग्गज नेता भी शामिल हैं।

सूत्रों के अनुसार यदि कोई सांसद पॉजिटिव पाया जाता है तो उसे अस्पताल भेजा जाएगा तथाके लिए लागू निर्देशों का पालन किया जाएगा। जबकि यदि सांसद निगेटिव है और स्टाफ पॉजिटिव तो सांसद को 14 दिन के सेल्फ क्वारैंटाइन पीरियड पर रहना होगा। सांसदों को यह छूट होगी कि वे यह टेस्ट अपने संसदीय क्षेत्र में या संसद परिसर में करा सकते हैं। संसद में 11 सितंबर के बाद रिसेप्शन पर ही टेस्टिंग प्रक्रिया शुरू होगी। स्टाफ के लिए विशेष टेस्टिंग कैम्प आयोजित किया जा रहा है। यदि कोई सांसद कोरोनावायरस निगेटिव निकला लेकिन उसमें लक्षण दिख रहे हैं तो उसका आरटी-पीसीआर टेस्ट कराया जाएगा। जब तक नतीजे नहीं आते, तब तक उसे होम आइसोलेशन रहने की सलाह दी जाएगी।

Read all Latest Post on खेल sports in Hindi at Khulasaa.in. Stay updated with us for Daily bollywood news, Interesting stories, Health Tips and Photo gallery in Hindi
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए khulasaa.in को फेसबुक और ट्विटर पर ज्वॉइन करें